अक्सर जब गाड़ी का AC अचानक ठंडा करना बंद कर देता है तो ज़्यादातर लोग घबरा जाते हैं और मैकेनिक के कहने पर सीधे नया कंप्रेशर लगवा लेते हैं. असल में सच यह है कि हर बार कंप्रेशर बदलना जरूरी नहीं होता. अगर थोड़ी सही जानकारी भी हो तो ऐसी हालत में आप हजारों रुपये बचा सकते हैं. कई मामलों में समस्या छोटी होती है जिसे ठीक करके आपका पुराना कंप्रेशर फिर से अच्छे से काम करने लगता है.
कंप्रेशर खराब होने पर क्या करें?
- सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कंप्रेशर हमेशा पूरी तरह खराब नहीं होता. अगर AC ऑन करने पर किट-किट जैसी आवाज आ रही है या कंप्रेशर का मैग्नेट (क्लच) काम नहीं कर रहा, तो अक्सर दिक्कत उसके छोटे पार्ट्स में होती है. जैसे Clutch Coil, Pulley या Bearing खराब हो सकती है. इन पार्ट्स को अलग से बदला जा सकता है और इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं आता. ऐसे मामलों में पूरा कंप्रेशर बदलवाना बेकार का खर्च है.
- कई बार समस्या गैस लीक होने की भी होती है. यह लीक अक्सर कंप्रेशर की Oil Seal खराब होने से होता है. ऐसे में पूरी यूनिट बदलने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सिर्फ सील किट बदलकर कंप्रेशर को दोबारा ठीक किया जा सकता है. अगर कंप्रेशर के अंदर के हिस्से सही तरीके से प्रेशर बना रहे हैं, तो केवल बाहर के छोटे खराब हिस्सों की वजह से उसे बदलना समझदारी नहीं है.
- हालांकि कुछ स्थितियां ऐसी भी होती हैं जहां कंप्रेशर बदलना ही सही विकल्प होता है. अगर कंप्रेशर पूरी तरह सीज हो गया है, यानी उसके अंदर के पिस्टन जाम या टूट चुके हैं, या अंदर काला गंदा स्लज जमा हो गया है. ऐसे में रिपेयर ज्यादा समय तक काम नहीं करेगा. ऐसी हालत में नया कंप्रेशर लगवाना ही बेहतर रहता है, वरना बार-बार खर्च उठाना पड़ेगा.
इन खास बातों का ध्यान रखना जरूरी
गाड़ी के AC को लंबे समय तक सही चलाने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना चाहिए. जैसे केबिन फिल्टर को समय-समय पर साफ कराना, साल में एक बार रेडिएटर और कंडेंसर की सफाई कराना और हमेशा सही कूलेंट का इस्तेमाल करना जैसी चीजें शामिल हैं. अलग-अलग ब्रांड के कूलेंट को आपस में मिलाना नहीं चाहिए और अगर कूलेंट में पानी मिलाना हो तो सिर्फ डिस्टिल्ड पानी का ही इस्तेमाल करें.
यह भी पढ़ें:- तमिलनाडु के 'हीरो' थलापति विजय का कार कलेक्शन, करोड़ों से शुरू होती है एक गाड़ी की कीमत
Car loan Information:
Calculate Car Loan EMI