Driving Car With Slippers: भारत में सड़क पर गाड़ी चलाते समय कई ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी होता है, वरना पुलिस चालान काट देती है. लेकिन एक सवाल ऐसा है जिसे लेकर ज्यादातर लोगों के मन में कन्फ्यूजन बना रहता है, और वह है चप्पल पहनकर कार चलाने का. कई लोग मानते हैं कि अगर आप जूतों की जगह चप्पल पहनकर गाड़ी चलाते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस आपका चालान काट सकती है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ऐसा कोई नियम है ही नहीं. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी.
क्या कहता है मोटर व्हीकल एक्ट
आमतौर पर लोगों को सलाह दी जाती है कि कार चलाते समय जूते ही पहनें, क्योंकि जूतों से गियर और ब्रेक पैडल पर अच्छी ग्रिप मिलती है, जिससे गाड़ी चलाना ज्यादा आसान और सुरक्षित हो जाता है. लेकिन बहुत से लोग अपनी सुविधा के हिसाब से चप्पल पहनकर ही गाड़ी चलाना पसंद करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सच में गैरकानूनी है, या सिर्फ एक अफवाह है. अगर सही जानकारी की बात करें, तो मोटर व्हीकल एक्ट यानी मोटर वाहन अधिनियम में ऐसा कोई नियम नहीं है, जिसके तहत चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर चालान काटा जा सके.
इसका मतलब यह है कि आप चाहे जूते पहनकर कार चलाएं या चप्पल पहनकर, इसके लिए आप पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जा सकता. साथ ही ये बात सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया था कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चप्पल पहनकर गाड़ी चलाने पर कोई चालान नहीं कटेगा, क्योंकि कानून में इसके लिए कोई प्रावधान ही नहीं है. इसका मतलब यह हुआ कि चप्पल पहनकर कार चलाना गैरकानूनी नहीं है और यह कोई दंडनीय अपराध नहीं है.
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सुरक्षा के लिए फिर भी जूते पहनना है बेहतर
कानूनी तौर पर भले ही चप्पल पहनकर कार चलाने पर कोई चालान न कटे, लेकिन सुरक्षा के नजरिए से देखें तो जूते पहनकर गाड़ी चलाना ही ज्यादा सही माना जाता है. चप्पल पहनने पर कई बार पैर पैडल पर फिसल सकता है, खासकर अचानक ब्रेक लगाते समय. इससे दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है. वहीं दूसरी तरफ जूते पहनने से पैर को पैडल पर मजबूत पकड़ मिलती है, जिससे ब्रेक, क्लच और एक्सीलेटर को सही समय पर और सही तरीके से दबाया जा सकता है.
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