E20 Fuel Rubber Damage: अभी भारत में हर तरफ एथेनॉल की चर्चा चल रही है और लगभग पुरे देश में E20 फ्यूल सभी पेट्रोल पंप पर मिलने लगे हैं. लेकिन एथेनॉल फ्यूल को लेकर लोगों के बीच दर भी बना हुआ है. ऐसा माना जा रहा है कि, यह फ्यूल गाड़ियों के कई पार्ट्स को खराब कर दे रहा है. जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है. बता दें कि, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि जो गाड़ियां E20 कंपैटिबल नहीं हैं. 

Continues below advertisement

उनके कुछ खास पार्ट्स पर इसका असर पड़ सकता है. अगर आपके पास अप्रैल 2023 से पहले की कार या बाइक है तो आपको इस बदलाव के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए. तो चलिए जानतें हैं कि E20 फ्यूल आपकी गाड़ी के किन-किन हिस्सों को खराब कर सकता है.

इन पार्ट्स पर पड़ता है ज्यादा असर

बता दें कि, एथेनॉल बेहद ही शानदार साल्वेंट की तरह काम करता है. पुरानी गाड़ियों के फ्यूल सिस्टम में इस्तेमाल होने वाले रबर पाइप, ओ-रिंग्स, गैस्केट्स और प्लास्टिक सील्स इस तरह के फ्यूल के लिए नहीं बनाए गए थे. 

Continues below advertisement

जब एथेनॉल लगातार इन रबर पार्ट्स के संपर्क में रहता है तो यह उन्हें धीरे-धीरे सुखाने, कड़ा करने या गलाने लगता है. समय के साथ ये रबर पाइप चटकने लगते हैं जिससे फ्यूल लीक होने का खतरा काफी बढ़ जाता है.

यह भी पढ़ें: नई नवेली Nissan Tekton या Kia Seltos, किस गाड़ी को खरीदना है फायदे का सौदा? जानिए दोनों में अंतर

टैंक में होता है जंग लगने का खतरा

जानकारी के लिए आपको बता दें कि, एथेनॉल की एक कमी यह है कि यह हवा से नमी यानी पानी को बहुत तेजी से सोखता है. जब गाड़ी बहुत दिनों तक खड़ी रहती है तो फ्यूल टैंक में मौजूद एथेनॉल हवा से पानी सोखकर नीचे बैठ जाता है. जिसे तकनीकी भाषा में फेज सेपरेशन कहते हैं. 

यह पानी और एथेनॉल का मिक्सचर पुरानी गाड़ियों के लोहे के फ्यूल टैंक और मेटल की फ्यूल लाइन्स में जंग पैदा कर सकता है. हालांकि, एआरएआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि नए मेटल को इससे कोई नुकसान नहीं होता है.

फ्यूल फिल्टर हो जाता है चोक

एथेनॉल फ्यूल सिस्टम सालों से जमी गंदगी को पिघला देता है इसलिए टैंक का सारा कचरा छूटकर बहने लगता है. यह कचरा सबसे पहले गाड़ी के फ्यूल फिल्टर में जाकर जमा होता है. जिससे फिल्टर ब्लॉक या चोक हो जाता है. 

जब फिल्टर चोक होता है तो कचरा फ्यूल इंजेक्टर्स के बेहद बारीक छेदों तक पहुंच जाता है. इंजेक्टर्स के ब्लॉक होने से इंजन को सही मात्रा में ईंधन नहीं मिलता जिसके कारण गाड़ी चलते-चलते झटके मारने लगती है और माइलेज भी कम हो जाता है.

यह भी पढ़ें: E20 Petrol पर अफवाहों के बीच तेल कंपनियों का बड़ा कदम, पेट्रोल पंप पर मिलेंगे इन सवालों के जवाब


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI