अगर आप विदेश यात्रा पर जा रहे हैं और वहां खुद गाड़ी चलाने का प्लान बना रहे हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है. बहुत से लोग सोचते हैं कि सिर्फ इंडियन ड्राइविंग लाइसेंस के साथ वे विदेश में भी गाड़ी चला सकते हैं, लेकिन हकीकत थोड़ी अलग है. ज्यादातर देशों में केवल भारतीय लाइसेंस मान्य नहीं होता. वहां कानूनी रूप से ड्राइव करने के लिए आपको इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (IDP) की जरूरत पड़ती है.
इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (IDP) क्या है?
इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज है, जो आपके भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त version होता है. यह संयुक्त राष्ट्र (UN) कन्वेंशन के तहत अधिकृत है और यह साबित करता है कि आप भारत में वैध रूप से लाइसेंस प्राप्त ड्राइवर हैं. IDP में आपकी फोटो, व्यक्तिगत जानकारी और उन वाहन श्रेणियों का विवरण होता है, जिन्हें चलाने की आपको अनुमति है.
यह जानकारी कई भाषाओं में ट्रांसलेट की जाती है, जिससे विदेशी अधिकारियों के लिए आपकी पहचान और लाइसेंस को समझना आसान हो जाता है. वर्तमान में 150 से अधिक देशों में IDP मान्य है. यह परमिट जारी होने की तारीख से आमतौर पर एक साल तक वैध रहता है और इसे हमेशा अपने पासपोर्ट और भारतीय लाइसेंस के साथ रखना जरूरी होता है. इसके बिना कई देशों में कार किराए पर लेना या ड्राइव करना मुश्किल हो सकता है.
IDP के लिए कैसे करें आवेदन?
इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट के लिए आवेदन प्रक्रिया अब काफी आसान हो चुकी है. भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के परिवहन पोर्टल के जरिए आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सबसे पहले आपको वेबसाइट पर जाकर फॉर्म 4A भरना होगा. इसके साथ आपको अपना वैध भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट की कॉपी, वैध वीजा और हाल की पासपोर्ट साइज फोटो अपलोड करनी होगी. कुछ मामलों में मेडिकल सर्टिफिकेट भी मांगा जा सकता है.
फीस का भुगतान आप UPI, डेबिट या क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कर सकते हैं. कभी-कभी आधार ऑथेंटिकेशन या लोकल RTO में वेरिफिकेशन के लिए अपॉइंटमेंट की जरूरत पड़ सकती है. आवेदन की जांच पूरी होने के बाद आमतौर पर 3 से 7 कार्यदिवस के भीतर IDP आपके रजिस्टर्ड पते पर भेज दिया जाता है.
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