आजकल के युवा अपनी बाइक को बेहद ही स्टाइलिश और मस्कुलर लुक देने के लिए कई तरह के बाइक में मॉडिफिकेशन कराते हैं. जबकि अभी मार्केट में एक नया ट्रेंड चल रहा है और वह है बाइक में ऑरिजिनल टायर को हटाकर उसमें बड़े और मोटे टायर को फिट कराना. ऐसा देखा जा रहा है कि, लोग अपने बाइक के पिछले टायर को ज्यादा मोटा करवा रहे हैं. जिससे उनकी बाइक दिखने में बेहद अट्रैक्टिव और हैवी लगने लगती है. जबकि कई लोग अपनी 125cc या 150cc की साधारण कम्यूटर बाइक को मॉडिफाई कराकर उसमें 140mm या 150mm तक का चौड़ा टायर लगवा लेते हैं.

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बता दें कि, यह स्टाइल स्टेटमेंट सड़कों पर लोगों का ध्यान तो जरूर खींचता है लेकिन आपकी जेब और बाइक की परफॉर्मेंस दोनों पर भारी पड़ता है. इसलिए टायरों में जरा सा भी बदलाव सीधे राइडिंग डायनामिक्स को बदल देता है. अगर आप भी अपनी बाइक में आफ्टरमार्केट चौड़ा टायर लगवाने की सोच रहे हैं तो इसके फायदों और नुकसानों को अच्छी तरह समझ लेना बेहद जरूरी है.

माइलेज में आती है गिरावट

आपको बता दें कि, बाइक में चौड़ा टायर लगाने से सड़क के साथ रबर का कांटेक्ट एरिया बढ़ जाता है. जबकि सतह का क्षेत्रफल बढ़ने से रोलिंग रेजिस्टेंस काफी ज्यादा बढ़ जाता है. जिसे पार करने के लिए इंजन को पहिया घुमाने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है. वहीं, बाइक का इंजन छोटा होता है इसलिए एक्सेलेटर देने पर इंजन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

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जिसके चलते इसका सीधा असर यह होता है कि बाइक का शुरुआती पिकअप धीमा पड़ जाता है और स्पीड हासिल करने के लिए ज्यादा पेट्रोल की खपत होती है. आमतौर पर बाइक में चौड़ा टायर लगाने से माइलेज में 15% से 25% तक की गिरावट आ सकती है.

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सस्पेंशन की लाइफ भी होती है कम

वहीं, चौड़ा और भारी टायर सिर्फ फ्यूल ही नहीं जलाता बल्कि बाइक के कई जरूरी पार्ट्स को समय से पहले खराब कर देता है. ऐसा इस लिए है क्योंकि, भारी पहिए को खींचने की वजह से बाइक के इंजन, क्लच प्लेट्स और चेन-स्पॉकेट पर लगातार दबाव बना रहता है.

इससे चेन सेट बहुत जल्दी ढीला पड़ जाता है और घिसने लगता है. इसके अलावा अगर आपने बिना सही नाप-जोख के ज्यादा चौड़ा टायर लगा दिया तो वह स्विंगआर्म या रियर मडगार्ड से टकराने लगता है. भारी टायर के झटके सीधे तौर पर सस्पेंशन और व्हील बियरिंग्स तक पहुंचते हैं जिससे सस्पेंशन का रिपेयरिंग खर्च बढ़ जाता है.

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राइडिंग एक्सपीरियंस पर भी पड़ता है असर

अब बात करें राइडिंग डायनामिक्स की तो सूखी सड़कों पर स्ट्रेट-लाइन राइडिंग के दौरान चौड़ा टायर बेहतर रोड ग्रिप और हाई-स्पीड स्टेबिलिटी देता है. अचानक ब्रेक लगाने पर बाइक के फिसलने का खतरा कम रहता है. लेकिन इसके उलटा शहर के ट्रैफिक में जहां बार-बार गाड़ी को मोड़ना पड़ता है.

वहां चौड़े टायरों वाली बाइक को मोड़ना काफी भारी और थकाऊ लगने लगता है. बाइक को मोड़ों पर लीन करते वक्त ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है और हैंडलिंग उतनी फ्री नहीं रह जाती. इसके अलावा बारिश में पानी से भरी सड़कों पर चौड़े टायर से ग्रिप खत्म होने का रिस्क बना रहता है.

सही टायर अपसाइज़िंग का तरीका क्या है?

अगर आप अपनी बाइक का लुक बेहतर बनाने के लिए टायर चेंज करना ही चाहते हैं तो हमेशा कंपनी के नियमों के दायरे में रहकर काम करें. क्योंकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाइक में ओरिजिनल टायर साइज से केवल 10mm तक ही चौड़ा टायर लगवाना सुरक्षित माना जाता है.

इससे ज्यादा चौड़ा टायर लगाने पर रिम का साइज छोटा पड़ जाता है जिससे टायर की शेप बिगड़ जाती है और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. नया टायर चुनते समय हमेशा रेडियल टायरों को प्राथमिकता दें जो वजन में हल्के होते हैं. सही माप और हल्की क्वालिटी का टायर चुनने से आपकी बाइक का लुक भी बेहतर होगा और माइलेज में ज्यादा गिरावट भी नहीं आएगी.

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