भारत में अक्सर नौकरी या अन्य कारणों से लोगों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना पड़ता है. पहले ऐसी स्थिति में कार का रजिस्ट्रेशन बदलवाना काफी मुश्किल और खर्चीला काम होता था. इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने साल 2021 में BH Series Number Plate की शुरुआत की. ये एक खास तरह की नंबर प्लेट है, जिसे ‘भारत’ सीरीज भी कहा जाता है. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस नंबर प्लेट वाली गाड़ी पूरे देश में कहीं भी बिना दोबारा रजिस्ट्रेशन के चलाई जा सकती है. इससे लोगों को बार-बार कागजी काम और पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती. आज के समय में यह नंबर प्लेट खासकर उन लोगों के बीच काफी पॉपुलर हो रही है, जिनकी नौकरी ट्रांसफर वाली होती है और जिन्हें बार-बार शहर या राज्य बदलना पड़ता है.
BH नंबर प्लेट के फायदे
BH Series Number Plate का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको हर बार राज्य बदलने पर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता. इससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है. इसके अलावा, इस नंबर प्लेट के साथ आप पूरे भारत में बिना किसी रोक-टोक के अपनी गाड़ी चला सकते हैं. यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है, जो अक्सर अलग-अलग शहरों में रहते हैं. एक और खास बात यह है कि इसमें रोड टैक्स एक साथ नहीं देना पड़ता. आप इसे हर दो साल में थोड़ा-थोड़ा करके भर सकते हैं, जिससे एक बार में ज्यादा पैसे देने का दबाव नहीं पड़ता. ये सुविधा नई कार खरीदते समय काफी राहत देती है.
कौन ले सकता है BH Series Number Plate?
ये नंबर प्लेट हर किसी के लिए नहीं है. इसके लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं. अगर आप केंद्र सरकार, राज्य सरकार, डिफेंस या बैंक में काम करते हैं, तो आप इसके लिए आसानी से आवेदन कर सकते हैं. प्राइवेट नौकरी करने वाले लोग भी BH नंबर प्लेट ले सकते हैं, लेकिन उनकी कंपनी के ऑफिस कम से कम चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में होने चाहिए. ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि BH Series Number Plate केवल निजी गाड़ियों के लिए ही दी जाती है. कमर्शियल वाहनों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है.
BH नंबर प्लेट के लिए आवेदन कैसे करें?
BH Series Number Plate के लिए आवेदन करना काफी आसान है. जब आप नई कार खरीदते हैं, तो आपको डीलर को बताना होता है कि आप इस नंबर प्लेट के लिए योग्य हैं. इसके बाद डीलरशिप ही आपकी ओर से पूरा ऑनलाइन प्रोसेस पूरा कर देती है. इसके लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेज देने होते हैं, जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, एम्प्लॉई आईडी और कंपनी का सर्टिफिकेट. इसके बाद RTO आपकी जानकारी को जांचता है और सब सही होने पर BH नंबर प्लेट जारी कर दी जाती है. यह पूरी प्रक्रिया आसान और तेज होती है, जिससे आपको ज्यादा परेशानी नहीं होती.
रोड टैक्स में क्या है फर्क?
कई लोगों को लगता है कि BH नंबर प्लेट लेने पर टैक्स कम देना पड़ता है, लेकिन ऐसा नहीं है. इसमें टैक्स कम नहीं होता, बल्कि इसे देने का तरीका बदल जाता है. सामान्य नंबर प्लेट में आपको एक साथ कई सालों का रोड टैक्स देना पड़ता है. वहीं BH Series में आप हर दो साल में टैक्स भर सकते हैं. 14 साल के बाद यह टैक्स हर साल देना होता है. इससे आपकी जेब पर एक बार में ज्यादा बोझ नहीं पड़ता और खर्च आसानी से मैनेज हो जाता है.
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