भारत में इन दिनों कई प्रदेशों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं. जबकि कुछ इलाकों में लगातार बारिश के चलते पानी भरा हुआ है. ऐसा हमें हर मानसून सीजन में देखने को मिलता है. लगातार बारिश के चलते रोड पर पानी भर जाता है. जिसके चलते अक्सर छोटी गाड़ियों को इन मौसम में दिक्कत होती है. हालांकि, भारत में कुछ ऐसी दमदार SUVs भी हैं जो की बरसात के पानी को चीरते हुए आगे बढ़ती हैं.

Continues below advertisement

इस खबर में हम भी आज उन SUVs के बारें में ही बात करेंगे और जानेंगे उनके ग्राउंड क्लीयरेंस और वॉटर वेडिंग कैपेसिटी के बारें में. चलिए जानते हैं भारतीय बाजार में मिलने वाली उन सबसे दमदार और पैसा वसूल SUVs के बारे में जिनके आगे बारिश और बाढ़ का पानी भी घुटने टेक देता है.

फोर्स गुरखा

बता दें कि, ऑफ-रोडिंग की दुनिया में फोर्स गुरखा को किसी परिचय की जरूरत नहीं है. यह गाड़ी 700 mm की शानदार वॉटर वेडिंग कैपेसिटी और 233 mm के ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ आती है.

Continues below advertisement

इसकी सबसे बड़ी खासियत इसमें कंपनी की तरफ से मिलने वाला स्नॉर्कल है जो गाड़ी की छत के पास से हवा खींचता है. इसकी बदौलत लगभग ढाई फीट तक भरे पानी में भी इंजन बे के अंदर पानी घुसने का खतरा खत्म हो जाता है जिससे यह भारी जलभराव में भी बेफिक्र होकर निकल जाती है.

Image Credit- AI Generated

यह भी पढ़ें: कम चलती है आपकी कार? E20 के दौर में ये गलती पड़ सकती है भारी

महिंद्रा थार

जबकि भारतीय युवाओं की पहली पसंद महिंद्रा थार और हाल ही में आई 5-डोर थार रॉक्स भी मानसून और बाढ़ जैसे हालात से निपटने में बेहद कारगर हैं. थार में 650 mm की वॉटर वेडिंग कैपेसिटी और 226 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है. इसका 4x4 ड्राइवट्रेन, हाई राइड हाइट और मजबूत सस्पेंशन सेटअप इसे पानी भरे रास्तों और गहरे अंडरपास को बिना किसी रुकावट के पार कराने में मदद करता है.

टोयोटा फॉर्च्यूनर

वहीं, प्रीमियम सेगमेंट में टोयोटा फॉर्च्यूनर अपनी रफ-एंड-टफ परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है. बिना किसी बाहरी स्नॉर्कल के भी यह कार 700 mm तक के गहरे पानी को आसानी से झेल सकती है. इसके साथ मिलने वाला 225 mm का ग्राउंड क्लीयरेंस, पावरफुल इंजन और ऑल-व्हील ड्राइव टेक्नोलॉजी इसे किसी भी मुश्किल परिस्थिति में फंसने नहीं देती और आसानी से कहीं से भी निकल जाती है.

Image Credit- AI Generated

महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन

आपको बता दें कि, पारिवारिक इस्तेमाल के लिए अगर 7-सीटर विकल्प की बात करें तो महिंद्रा की स्कॉर्पियो-एन भी बेहतरीन विकल्प साबित होती है. 500 mm की वॉटर वेडिंग कैपेसिटी और 187 mm के ग्राउंड क्लीयरेंस के साथ स्कॉर्पियो-एन शहर के आम जलभराव और भारी बारिश को बिना किसी इंजन ब्रेकडाउन के आसानी से पार कर लेती है.

जबकि इसके अलावा, बजट सेगमेंट में होंडा एलिवेट और टाटा नेक्सन जैसी कॉम्पैक्ट SUVs भी अपनी हाई राइड हाइट की वजह से बारिश के पानी और उबड़-खाबड़ रास्तों पर बेहतरीन सुरक्षा देती हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

बता दें कि, पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाते समय आपको कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी हैं. जलभराव वाले रास्ते में गाड़ी को हमेशा पहले या दूसरे गियर में रखकर एक्सीलेटर पर लगातार दबाव बनाए रखना चाहिए ताकि साइलेंसर के रास्ते पानी इंजन के अंदर न प्रवेश करे.

इसके अलावा अगर गहरे पानी के बीच में गाड़ी किसी वजह से बंद हो जाए तो दोबारा सेल्फ या स्टार्ट करने की भूल कभी न करें. क्योंकि इससे इंजन हाइड्रोलॉक होकर हमेशा के लिए सीज हो सकता है.

यह भी पढ़ें: JCB बुलडोजर को EMI पर खरीदने के लिए कितनी डाउन पेमेंट देनी होगी? जानें


Car loan Information:

Calculate Car Loan EMI