Sanjay Kapur Sona Comstar: सोना कॉमस्टार के चेयरमैन संजय कपूर के निधन के बाद कंपनी ने जेफरी मार्क ओवरली को अपना नया उत्तराधिकारी नियुक्त किया है. संजय कपूर भारतीय ऑटोमोटिव कंपोनेंट इंडस्ट्री में एक प्रमुख शख्सियत थे. उन्होंने ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA) के पूर्व अध्यक्ष के रूप में भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में अहम भूमिका निभाई.
संजय कपूर ने ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी सोना कॉमस्टार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया. वे जाते-जाते अपने पीछे अरबों की संपत्ति छोड़ गए हैं. सोना कॉमस्टार की शुरुआत साल 1995 में की गई थी. इनके पिता सुरिंदर कपूर इंडिया के ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री में एक बड़ा नाम थे. कंपनी में 'सोना' नाम संजय के दादाजी के ज्वेलरी बिजनस से लिया गया था. संजय कपूर ने साल 2015 में अपने पिता की मौत के बाद कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला.
संजय कपूर ने निभाई बड़ी भूमिका
संजय कपूर का योगदान सोना कॉमस्टार की सफलता में बहुत अहम रहा है. उन्होंने कंपनी को आर्थिक मुश्किलों से बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभाई. संजय कपूर के नेतृत्व में कंपनी ने ब्लैकस्टोन के साथ साझेदारी की और कॉमस्टार के साथ मर्ज किया. इस कदम ने कंपनी को इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेंसर और सॉफ्टवेयर जैसी नई तकनीकों की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया.
संजय कपूर का कौन-सा सपना रह गया अधूरा?
2019 से चेयरमैन के रूप में, संजय कपूर ने सोना कॉमस्टार को एक ग्लोबल ऑटो टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में पहचान दिलाई. उनके विजन और शानदार नेतृत्व के सम्मान में कंपनी ने उन्हें मरणोपरांत "चेयरमैन एमेरिटस" की उपाधि दी है. संजय कपूर ने अपनी कंपनी का ध्यान तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की तरफ मोड़ा, जिसका मकसद था कि सोना कॉमस्टार, EV के लिए जरूरी पार्ट्स बनाने वाली बड़ी कंपनी बने. हालांकि संजय कपूर का यह सपना शायद अधूरा रहा गया क्योंकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर उनका फोकस था. सोना कॉमस्टार का मार्केट कैप करीब 4 मिलियन डॉलर (करीब 31000 करोड़ रुपये) है.
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