हमारा देश में अब ऑटोमोबाइल सेक्टर में नई-नई टेक्नोलॉजी आ रही हैं जिससे हमारे देश की कई परेशानी खत्म हो रही हैं. हालांकि, बढ़ती टेक्नोलॉजी को लेकर लोगों के दिमाग में एक सवाल जरूर रहता है. वह यह है कि, भारत की मुश्किल सड़कों, मुश्किल लेन और पैदल चलने वालों की भारी भीड़ के बीच एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) कितना सुरक्षित और असरदार है होता है. लेकिन इसी सवाल का जवाब और इस तकनीक की वास्तविक क्षमता को साबित करने के लिए ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है.

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आपको बता दें कि, पुणे के पास स्थित टकवे में ARAI की खास ADAS टेस्ट सिटी में The ADAS Show के चौथे सीजन का भव्य आयोजन किया जाएगा. 3 दिसंबर 2026 को आयोजित होने वाले इस इवेंट में कार निर्माता कंपनियों से लेकर सेफ्टी एक्सपर्ट्स एक ही मंच पर जुटेंगे. इस शो का मुख्य आकर्षण एडास का लाइव डेमोंस्ट्रेशन  होगा. जहां कंट्रोल्ड एनवायरनमेंट में यह दिखाया जाएगा कि यह तकनीक भारतीय परिस्थितियों में कितनी कारगर है. तो चलिए जानते हैं इस आयोजन से जुड़ी सभी अहम बातें इस खबर में.

भारत की सड़कों के हिसाब से होगा एडास की टेस्टिंग

आपको बता दें कि, ग्लोबल लेवल पर बनी एडास टेक्नोलॉजी को सीधे भारतीय सड़कों पर लागू करना काफी चुनौतीपूर्ण होता है. पुणे स्थित ARAI की लगभग 20 एकड़ में फैली ADAS टेस्ट सिटी को खास तौर पर भारतीय ट्रैफिक, सड़कों और बुनियादी ढांचे को रीक्रिएट करके बनाया गया है.

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जबकि इस लाइव डेमो के दौरान यह देखा जाएगा कि ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और कोलिजन वॉर्निंग जैसे फीचर्स भारतीय चालकों, बाइक सवारों और अचानक आने वाले पैदल यात्रियों के बीच कैसे रिएक्ट करते हैं.

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इवेंट में शामिल होंगे दिग्गजों

बता दें कि, द एडास शो के इस चौथे एडिशन में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स, ग्लोबल टियर-1 सप्लायर्स और सॉफ्टवेयर टेक कंपनियां हिस्सा लेंगी. इस इवेंट की शुरुआत ARAI के डायरेक्टर डॉ. रेजी माथाई करेंगे.

वहीं, इसके अलावा केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है. यह मंच नीति निर्माताओं और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने में मदद करेगा.

इन दोनों चीजों पर रहेगा खास फोकस

जानकारी दें दे कि, इस साल के शो में व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर विशेष सेशन आयोजित किया जाएगा. ITS इंडिया फोरम के प्रेसिडेंट अखिलेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में V2V टेक्नोलॉजी पर गंभीर चर्चा होगी.

बता दें कि, इस नई तकनीक की मदद से दो गाड़ियां आपस में डेटा शेयर करके दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं. इसके साथ ही सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स और कनेक्टेड मोबिलिटी जैसे विषयों पर भी एक्सपर्ट्स अपने विचार साझा करेंगे.

भविष्य की सुरक्षित मोबिलिटी के लिए अहम कदम

आपको बता दें कि, भारत में हर साल सड़कों पर दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक रहते हैं ऐसे में एडास जैसी तकनीकों का लोकल लेवल पर टेस्ट होना बेहद जरूरी है. 3 दिसंबर को होने वाला यह लाइव डेमो यह तय करने में मददगार साबित होगा कि भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर किस तरह 'इंडिया-रेडी एडास' विकसित कर सकता है.

ARAI का यह प्रयास आने वाले समय में भारतीय गाड़ियों को और अधिक सुरक्षित बनाने और आम लोगों का इस ड्राइवर असिस्टेंस टेक्नोलॉजी पर भरोसा कायम करने में बड़ी भूमिका निभाएगा.

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