भारत में नेशनल हाईवे पर आय दिन हादसों में लोगों के घायल या मरने की खबरें तो आप सुनते ही होंगे. सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर इलाज न मिलना हमेशा से एक गंभीर चिंता का विषय रहा है. अक्सर हादसे के बाद एंबुलेंस पहुंचने में होने वाली देरी के कारण लोग गोल्डन ऑवर (हादसे के बाद का पहला घंटा) में दम तोड़ देते हैं. इसी चुनौती को समाप्त करने के लिए सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है.

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गोल्डन ऑवर में मिलेगी संजीवनी

अब नेशनल हाईवे पर किसी भी हादसे की स्थिति में मात्र 10 मिनट के भीतर एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाएगी. इस नई व्यवस्था के तहत हाईवे पर सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से अपग्रेड किया जा रहा है. सरकार का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के आंकड़ों को न्यूनतम स्तर पर लाना है. इसके लिए पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर एडवांस लाइफ सपोर्ट और बेसिक लाइफ सपोर्ट एंबुलेंसों की तैनाती को बढ़ाया जा रहा है.

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सूचना मिलते ही त्वरित सहायता 

हर कुछ किलोमीटर की दूरी पर एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा जा रहा है,जिससे सूचना मिलते ही वे बिना समय गंवाए घटना स्थल के लिए रवाना हो सकें.तकनीक ने इस पूरी व्यवस्था को बेहद सटीक और तेज बना दिया है.सभी हाईवे एंबुलेंस को जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और आधुनिक संचार उपकरणों से लैस किया गया है.जैसे ही किसी हादसे की सूचना सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम या हेल्पलाइन नंबर 1033 पर मिलती है, दुर्घटना स्थल के सबसे पास मौजूद एंबुलेंस को तुरंत रवाना कर दिया जाता है.

त्रिनेत्र से चाक-चौबंद होगी सुरक्षा 

इसके अलावा, एक्सप्रेसवे और हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों और एआई आधारित दुर्घटना डिटेक्शन सिस्टम के जरिए भी कंट्रोल रूम को तुरंत अलर्ट मिल जाता है. इससे लोगों से मिलने वाली सूचना का इंतजार किए बिना ही एंबुलेंस टीम को एक्टिव कर दिया जाता है. यह 10 मिनट का रिस्पॉन्स टाइम घायलों के लिए जीवनदान साबित हो सकता है. डॉक्टर्स के अनुसार, गंभीर चोट लगने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. अगर इस दौरान प्राथमिक उपचार मिल जाए और घायल को पास के अस्पताल पहुंचा दिया जाए,तो बचने की संभावना 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है.सरकार की यह त्वरित सेवा इसी गोल्डन ऑवर का सही उपयोग करने के लिए डेवलेप की गई है.

नंबर बनेगा आपके सफर का साथी 

इसके साथ ही,आम नागरिकों को भी इस व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. साथ ही इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए आपको हाईवे पर यात्रा करते समय हमेशा राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 को अपने फोन में सेव करके रखना चाहिए. जिससे किसी भी इमरजेंसी में इस नंबर पर तुरंत कॉल करके जान- माल के खतरे से बचा जा सकता है. सरकार की यह अनूठी पहल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को न केवल आधुनिक बना रही है,बल्कि सुरक्षा के नए आयाम भी गढ़ रही है.

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