100 Percent Ethanol Fuel: एथेनॉल फ्यूल को लेकर भारत में चर्चा लगातार बढ़ रही है. सरकार से लेकर ऑटो कंपनियां तक इसे भविष्य के ईंधन के रूप में देख रही हैं. ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल माइलेज को लेकर है. अगर किसी वाहन में 100 प्रतिशत एथेनॉल यानी E100 फ्यूल का इस्तेमाल किया जाए तो क्या वह पेट्रोल और डीजल जितनी दूरी तय कर पाएगा? 

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क्या इससे जेब पर ज्यादा असर पड़ेगा या फिर यह फायदेमंद साबित होगा? इन सवालों का जवाब सिर्फ माइलेज के आंकड़ों में नहीं, बल्कि फ्यूल की क्षमता और इंजन टेक्नोलॉजी में छिपा हुआ है. चलिए समझते हैं पूरा खेल.

पेट्रोल से कम हो  सकता है माइलेज?

माइलेज का सीधा संबंध फ्यूल में मौजूद ऊर्जा से होता है. पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल में प्रति लीटर कम ऊर्जा होती है. यही वजह है कि अगर एक जैसी परिस्थितियों में दोनों फ्यूल का इस्तेमाल किया जाए तो E100 पर चलने वाली गाड़ी को समान दूरी तय करने के लिए ज्यादा फ्यूल की जरूरत पड़ सकती है. 

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आसान भाषा में कहें तो वाहन का माइलेज पेट्रोल के मुकाबले कुछ कम देखने को मिल सकता है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि वाहन की परफॉर्मेंस कमजोर हो जाएगी. सही इंजन सेटअप के साथ एथेनॉल बेहतर प्रतिक्रिया भी दे सकता है.

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डीजल से तुलना करें तो?

डीजल को लंबे समय से बेहतर माइलेज वाला ईंधन माना जाता है. इसकी ऊर्जा क्षमता पेट्रोल और एथेनॉल दोनों से ज्यादा होती है. इसी कारण डीजल इंजन कम फ्यूल में ज्यादा दूरी तय कर लेते हैं. अगर केवल माइलेज की बात करें तो E100 फ्यूल डीजल से पीछे नजर आ सकता है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. 

एथेनॉल का उत्पादन देश के अंदर किया जा सकता है, जबकि कच्चे तेल के लिए भारत को बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर रहना पड़ता है. यही कारण है कि नीति निर्माताओं की नजर में एथेनॉल एक रणनीतिक विकल्प बनता जा रहा है.

आखिर एथेनॉल की तरफ क्यों बढ़ रही है दुनिया?

माइलेज थोड़ा कम होने के बावजूद एथेनॉल के कई बड़े फायदे हैं. यह कृषि आधारित स्रोतों से तैयार किया जा सकता है और इसके इस्तेमाल से प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है. कई देशों में फ्लेक्स-फ्यूल वाहन पहले से लोकप्रिय हैं, जो पेट्रोल और एथेनॉल दोनों पर चल सकते हैं. ऐसे इंजन एथेनॉल के हिसाब से खुद को एडजस्ट कर लेते हैं. इससे ड्राइविंग अनुभव भी बेहतर हो सकता है. इसके अलावा किसानों के लिए भी एथेनॉल उद्योग नए अवसर पैदा करता है.

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