<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>16 दिनों में 2 ग्रहण: सत्ता से सीमा तक बढ़ सकती है हलचल, भारत की वर्षकुंडली दे रही बड़े संकट के संकेत</title><atom:link href="https://www.abplive.com/transit/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Fri, 14 Aug 2026 16:40:32 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[Guru Uday 2026: आज सूर्य ग्रहण के दिन गुरु हुए उदित, 4 राशियों का होगा भाग्योदय]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/guru-uday-2026-positive-impact-on-zodiac-sign-3173915</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/guru-uday-2026-positive-impact-on-zodiac-sign-3173915#respond</comments><pubDate>Wed, 12 Aug 2026 11:01:09 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ जागृति सोनी बरसले ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/guru-uday-2026-positive-impact-on-zodiac-sign-3173915</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Guru Uday 2026:&amp;nbsp; &lt;/strong&gt;ज्ञान, मांगलिक कार्य, भाग्य का कारक ग्रह गुरु 12 अगस्त को सुबह 5 बजकर 03 मिनट पर अपनी उच्च राशि कर्क में उदित हो चुके हैं. गुरु 28 दिन से अस्त थे, इस दौरान मांगलिक कार्य पर भी रोक लगी थी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गुरु के उदय होने से शुभ कार्यों को गति मिलेगी. सूर्य ग्रहण के दिन गुरु का उदय होने वृषभ, कर्क और मकर राशि, कन्या, मिथुन, वृश्चिक राशि वालों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है. नौकरी में तरक्की, व्यापार में मुनाफे सहित कुछ विशेष लाभ मिलेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्क राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में उदित होंगे और कर्क राशि वालों की कुंडली में प्रथम भाव में रहेंगे. ये भाव व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और मान सम्मान से जुड़ा है. गुरु के उदय से आत्मविश्वास बढ़ सकता है, करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और समाज में कोई हुई इज्जत वापिस मिल सकती है. आने वाला समय सुखद रहेगा. सेहत को लेकर चिंता दूर होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृश्चिक राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वृश्चिक राशि के नवम भाव में गुरु उदित होंगे, जिसे भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा और लंबी यात्रा का भाव माना जाता है. गुरु की पांचवीं दृष्टि वृश्चिक राशि पर पड़ेगी. इससे भाग्य का साथ मिल सकता है, उच्च शिक्षा के अवसर बन सकते हैं और विदेश या लंबी यात्रा के योग हैं. नौकरी और कारोबार आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. कार्यों को गति मिलेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मीन राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीन राशि से कर्क पंचम भाव में आता है. यह भाव शिक्षा, संतान, बुद्धि, प्रेम और रचनात्मकता से जुड़ा है. गुरु की नवम दृष्टि मीन राशि पर पड़ेगी. इससे पढ़ाई में सफलता, संतान पक्ष से अच्छी खबर, प्रेम संबंधों में सकारात्मकता और आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं. नौकरी या कारोबार में अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृषभ राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गुरु का यह परिवर्तन वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक लिहाज से अच्छा समय लेकर आ सकता है. आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं और अटके हुए कामों में तेजी आने की संभावना है. पुराने निवेश से लाभ या अचानक धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं, वहीं कारोबार में भी नई डील या मुनाफे के मौके मिलेंगे. सही रणनीति के साथ उठाया गया आर्थिक कदम आगे चलकर फायदा दे सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a title=&quot;Surya Grahan 2026: पूर्ण सूर्य ग्रहण में जन्म लेने वाले बच्चे पर क्या पड़ता है प्रभाव ?&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/photo-gallery/astro/surya-chandra-grahan-me-paida-bachhe-par-asar-3173832&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;Surya Grahan 2026: पूर्ण सूर्य ग्रहण में जन्म लेने वाले बच्चे पर क्या पड़ता है प्रभाव ?&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/12/37072e331193c4f721aeec252c95c8b31786512353063499_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Surya Grahan 2026: सावन अमावस्या पर साल का अंतिम सूर्य ग्रहण, 64 साल बाद बन रहा दुर्लभ योग, जानें भारत में सूतक काल के नियम]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/surya-grahan-12-august-2026-timing-visibility-india-astrology-effects-3173819</link><comments>https://www.abplive.com/astro/surya-grahan-12-august-2026-timing-visibility-india-astrology-effects-3173819#respond</comments><pubDate>Wed, 12 Aug 2026 05:00:51 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ हर्षिका मिश्रा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ऐस्ट्रो ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/surya-grahan-12-august-2026-timing-visibility-india-astrology-effects-3173819</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;2&quot;&gt;&lt;strong&gt;Surya Grahan 2026: &lt;/strong&gt;12 अगस्त को साल का आखिरी पूरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) लगने वाला है. ज्योतिष के हिसाब से इसे बेहद दुर्लभ माना जा रहा है. भारत में यह ग्रहण रात के समय लगेगा, इसलिए यहां दिखाई नहीं देगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;2&quot;&gt;भारत में नजर न आने की वजह से इसका सूतक काल भी लागू नहीं होगा और न ही पूजा-पाठ पर कोई रोक होगी. फिर भी ज्योतिषियों के बीच इसकी काफी चर्चा है. इसकी वजह यह है कि कई सालों बाद ग्रहों का ऐसा अनोखा संयोग बन रहा है, जिसका असर राशियों और &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; पर पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;1&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/U9eObUJrjMs&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot; data-mce-fragment=&quot;1&quot;&gt; &lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;4&quot;&gt;कितने सालों बाद बना है यह दुर्लभ धार्मिक-ज्योतिषीय संयोग?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;5&quot;&gt;वैदिक ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, &lt;strong data-path-to-node=&quot;5&quot; data-index-in-node=&quot;35&quot;&gt;श्रावण (सावन) अमावस्या (हरियाली अमावस्या)&lt;/strong&gt; तिथि पर कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र के भीतर ऐसा दुर्लभ पूर्ण सूर्य ग्रहण का संयोग &lt;strong data-path-to-node=&quot;5&quot; data-index-in-node=&quot;160&quot;&gt;दशकों बाद&lt;/strong&gt; बन रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;6,0,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;6,0,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;27 से 64 सालों बाद खगोलीय महासंयोग:&lt;/strong&gt; यूरोप की मुख्य भूमि पर ऐसा पूर्ण सूर्य ग्रहण &lt;strong data-path-to-node=&quot;6,0,0&quot; data-index-in-node=&quot;81&quot;&gt;27 साल बाद&lt;/strong&gt; (वर्ष 1999 के बाद) दिखाई दे रहा है, वहीं पश्चिमी यूरोप और ब्रिटेन के लिहाज से यह &lt;strong data-path-to-node=&quot;6,0,0&quot; data-index-in-node=&quot;173&quot;&gt;64 साल बाद&lt;/strong&gt; का सबसे बड़ा खगोलीय-ज्योतिषीय अवसर है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;6,1,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;6,1,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;ग्रहों की दुर्लभ युति:&lt;/strong&gt; ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस ग्रहण के दौरान कर्क राशि में सूर्य, चंद्रमा और बुध की युति बन रही है. सावन माह की अमावस्या पर इस योग का बनना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;9&quot;&gt;ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, भले ही कोई ग्रहण किसी भू-भाग में प्रत्यक्ष दिखाई न दे, लेकिन &lt;strong data-path-to-node=&quot;9&quot; data-index-in-node=&quot;88&quot;&gt;सौरमंडल में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति में होने वाले परिवर्तन का सूक्ष्म प्रभाव&lt;/strong&gt; संपूर्ण पृथ्वी, पर्यावरण और मानव चेतना पर पड़ता है. पंचांग कर्ताओं और ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि ग्रहण के समय बनने वाली ग्रह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक बदलावों और सभी 12 राशियों के जातकों की मानसिक स्थिति को प्रभावित करती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;11&quot;&gt;सूर्य ग्रहण 2026: मुख्य विवरण और समय&lt;/h3&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li data-path-to-node=&quot;12,0,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;12,0,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;ग्रहण का प्रकार:&lt;/strong&gt; पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse)&lt;/li&gt;
&lt;li data-path-to-node=&quot;12,1,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;12,1,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;प्रारंभ समय (वैश्विक):&lt;/strong&gt; 12 अगस्त, रात 09:04 बजे IST&lt;/li&gt;
&lt;li data-path-to-node=&quot;12,2,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;12,2,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;पूर्ण ग्रहण (Peak Phase):&lt;/strong&gt; रात 10:28 बजे से 11:16 बजे IST तक&lt;/li&gt;
&lt;li data-path-to-node=&quot;12,3,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;12,3,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;समाप्ति समय (वैश्विक):&lt;/strong&gt; 13 अगस्त, तड़के 01:27 बजे IST&lt;/li&gt;
&lt;li data-path-to-node=&quot;12,4,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;12,4,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;मुख्य दृश्यता क्षेत्र:&lt;/strong&gt; ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, पुर्तगाल और उत्तरी रूस&lt;/li&gt;
&lt;li data-path-to-node=&quot;12,5,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;12,5,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;भारत में धार्मिक स्थिति:&lt;/strong&gt; अदृश्य (सूतक काल, मंदिर बंदी या पूजा-पाठ पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं)&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;14&quot;&gt;ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहण की 5 सबसे खास बातें&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;15,0,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;15,0,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;सावन अमावस्या पर ग्रहण:&lt;/strong&gt; &lt;a title=&quot;सावन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/sawan-2026&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;सावन&lt;/a&gt; मास की अमावस्या तिथि भगवान शिव और पितरों की पूजा के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है. इस दिन सूर्य ग्रहण का पड़ना शिव आराधना, मंत्र सिद्धि और दान-पुण्य के दृष्टिकोण से विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;15,1,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;15,1,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में प्रभाव:&lt;/strong&gt; ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, यह ग्रहण जल तत्व की राशि 'कर्क' और 'अश्लेषा' नक्षत्र में लग रहा है. कर्क राशि का स्वामी चंद्रमा है, जिससे लोगों की मानसिक स्थिति और निर्णय क्षमता पर असर पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;15,2,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;15,2,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;राशियों पर ज्योतिषीय असर:&lt;/strong&gt; कर्क राशि में ग्रहण लगने के कारण &lt;a title=&quot;मेष&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मेष&lt;/a&gt;, कुंभ और मीन राशि के जातकों को धन, स्वास्थ्य और निर्णय लेने में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;15,3,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;15,3,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;भारत में सूतक काल मुक्त:&lt;/strong&gt; चूंकि ग्रहण भारत में रात के समय लग रहा है और दिखाई नहीं देगा, इसलिए शास्त्रों के अनुसार भारत में सूतक नियम लागू नहीं होंगे. सभी धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-पाठ सामान्य रूप से किए जा सकेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;15,4,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;15,4,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;मंत्र जाप और दान का महत्व:&lt;/strong&gt; धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के समय भगवान शिव के 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना और ग्रहण के बाद दान-पुण्य करना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;h4 class=&quot;abp-article-title&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/religion/hariyali-amavasya-2026-date-shubh-muhurat-rashi-anusar-podhadropan-upay-3173645&quot;&gt;Hariyali Amavasya 2026: 12 अगस्त को पुष्य नक्षत्र और गजकेसरी योग में मनेगी हरियाली अमावस्या, जानें शुभ मुहूर्त और राशि अनुसार पौधरोपण&lt;/a&gt;&lt;/h4&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;12,4,0&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/12/489320f76a6ad0f46fe57680a07aa96017864742018301218_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Surya Grahan 2026: 12 अगस्त की रात सूर्य ग्रहण और अमावस्या का दुर्लभ संयोग, भारत में दिखेगा नहीं फिर भी इन 4 राशियों को क्यों रहना होगा सावधान?]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/surya-grahan-2026-12-august-solar-eclipse-amavasya-four-zodiac-signs-alert-3173126</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/surya-grahan-2026-12-august-solar-eclipse-amavasya-four-zodiac-signs-alert-3173126#respond</comments><pubDate>Mon, 10 Aug 2026 16:24:32 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ Hirdesh Kumar Singh ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/surya-grahan-2026-12-august-solar-eclipse-amavasya-four-zodiac-signs-alert-3173126</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Surya Grahan 2026:&lt;/strong&gt; 12 अगस्त 2026 की रात आसमान में बड़ी खगोलीय घटना होने जा रही है. चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक देगा. दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय अंधेरा छा जाएगा. हालांकि भारत में उस समय रात होगी. इसलिए यहां पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत में ग्रहण नहीं दिखने के कारण सूतक भी मान्य नहीं होगा. पूजा-पाठ, मंदिर और दैनिक काम सामान्य रूप से किए जा सकेंगे. फिर भी ज्योतिष के जानकार इस ग्रहण को पूरी तरह प्रभावहीन नहीं मान रहे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसकी वजह ग्रहण का कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में लगना है. ग्रहण के समय सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में होंगे. अमावस्या भी रहेगी. ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसी स्थिति व्यक्ति के मन, परिवार, पद और फैसलों पर असर डाल सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विशेष रूप से कर्क, मकर, मेष और तुला राशि के लोगों को थोड़ा संभलकर चलने की सलाह दी जा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या सचमुच अमावस्या और सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वैज्ञानिक दृष्टि से हर सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन ही लगता है. अमावस्या पर चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आता है. लेकिन हर अमावस्या पर तीनों खगोलीय पिंड एक सीधी रेखा में नहीं होते. इसीलिए हर महीने सूर्य ग्रहण नहीं लगता.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त का ग्रहण इसलिए खास है क्योंकि यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, उत्तरी रूस और पुर्तगाल के एक छोटे हिस्से में सूर्य पूरी तरह ढक जाएगा. यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण नजर आएगा. पूर्णता की स्थिति अधिकांश स्थानों पर दो मिनट से कम रहेगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत में कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की आंशिक अवस्था 12 अगस्त की रात करीब 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगी. ग्रहण का अधिकतम प्रभाव लगभग 11 बजकर 15 से 17 मिनट के बीच रहेगा. पूरी खगोलीय प्रक्रिया 13 अगस्त की रात करीब 2 बजकर 27 मिनट तक समाप्त होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;समय को लेकर अलग-अलग वेबसाइटों पर थोड़ा अंतर मिल रहा है. इसका कारण आंशिक, पूर्ण और उपच्छाया चरणों की अलग गणना है. इतना तय है कि ग्रहण के दौरान भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे होगा. इसी कारण इसे देश के किसी भी शहर से नहीं देखा जा सकेगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण दिखाई नहीं देगा तो राशियों पर असर कैसे?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस सवाल को दो हिस्सों में समझना जरूरी है. विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण का किसी व्यक्ति की राशि, नौकरी या भविष्य पर प्रमाणित प्रभाव नहीं होता. भारत में मौजूद लोगों पर इसका कोई विशेष भौतिक प्रभाव भी नहीं पड़ेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिष में ग्रहण का अध्ययन अलग तरीके से किया जाता है. इसमें सूर्य, चंद्रमा, राहु-केतु, ग्रहण की राशि और नक्षत्र को देखा जाता है. 12 अगस्त का ग्रहण वैदिक गणना के अनुसार कर्क राशि और आश्लेषा नक्षत्र में बन रहा है. इसी आधार पर चार राशियों को विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेष राशि: घर और काम के बीच बिगड़ सकता है संतुलन&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेष राशि के लिए यह ग्रहण चौथे भाव से जुड़ता है. ज्योतिष में चौथा भाव घर, माता, वाहन, संपत्ति और मानसिक शांति का माना गया है. घर की जिम्मेदारियां अचानक बढ़ सकती हैं. काम का तनाव परिवार तक पहुंच सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वाहन चलाते समय जल्दबाजी न करें. संपत्ति से जुड़ी डील के दस्तावेज ध्यान से पढ़ें. माता की सेहत को नजरअंदाज न करें. कार्यस्थल का गुस्सा घर के लोगों पर निकालना भारी पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कर्क राशि: मन में किसी बात को जरूरत से ज्यादा न बढ़ाएं&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण कर्क राशि में लग रहा है. इसलिए सबसे सीधा प्रभाव इसी राशि पर माना जा रहा है. मन अशांत रह सकता है. छोटी बात भी परेशान कर सकती है. परिवार के किसी सदस्य की बात दिल पर लग सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इन लोगों को ग्रहण से अगले सात दिनों तक बड़े फैसले जल्दबाजी में नहीं लेने चाहिए. नौकरी छोड़ने, रिश्ता तोड़ने या बड़ा निवेश करने से पहले दोबारा विचार करें. नींद और खानपान की अनदेखी भी न करें.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तुला राशि: करियर में जल्दबाजी से बिगड़ सकती है बनी हुई बात&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तुला राशि के लिए कर्क राशि दसवें भाव में आती है. यह भाव नौकरी, कारोबार, पद और प्रतिष्ठा से जुड़ा है. वरिष्ठ अधिकारी के साथ मतभेद हो सकता है. काम का दबाव बढ़ेगा. कोई पुरानी गलती भी सामने आ सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नई नौकरी का प्रस्ताव आकर्षक लगे तो उसकी शर्तें जांचें. ऑफिस की राजनीति में पक्ष लेने से बचें. सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणी न करें जिससे पेशेवर छवि प्रभावित हो. अगले कुछ दिनों तक परिणाम से अधिक प्रक्रिया पर ध्यान देना बेहतर रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मकर राशि: रिश्तों में शक पैदा कर सकता है परेशानी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मकर राशि से कर्क सातवें भाव में आती है. यह भाव विवाह, साझेदारी और सार्वजनिक संबंधों से जुड़ा माना जाता है. जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ संवाद कमजोर पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी अधूरी सूचना पर प्रतिक्रिया न दें. पुराने विवाद को दोबारा उठाने से बचें. बिजनेस में कोई मौखिक वादा करने के बजाय बात लिखित रूप में रखें. संबंधों में दूरी बढ़ने से पहले खुलकर बातचीत करें.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या भारत में सूतक लगेगा?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. प्रचलित धार्मिक मान्यता के अनुसार जहां ग्रहण दृश्य नहीं होता, वहां सूतक लागू नहीं माना जाता. इसलिए भोजन बनाने, मंदिर जाने, पूजा करने या शुभ कार्य रोकने की आवश्यकता नहीं है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गर्भवती महिलाओं के लिए भी भारत में इस ग्रहण के कारण किसी विशेष वैज्ञानिक प्रतिबंध की जरूरत नहीं है. सामान्य स्वास्थ्य सावधानियां ही पर्याप्त हैं. ग्रहण से जुड़े भय या अप्रमाणित बातों पर विश्वास करने से बचें.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण की रात क्या किया जा सकता है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए कोई अनिवार्य उपाय नहीं है. फिर भी जो लोग धार्मिक आस्था रखते हैं, वे शांत मन से सूर्य या शिव मंत्र का जाप कर सकते हैं. ध्यान किया जा सकता है. अगली सुबह जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न या वस्त्र देना भी शुभ माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कर्क, मकर, &lt;a title=&quot;मेष&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मेष&lt;/a&gt; और &lt;a title=&quot;तुला&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;तुला&lt;/a&gt; राशि के लोग इस ग्रहण को डर की तरह न देखें. इसे सतर्क रहने का संकेत मानें. वाणी संभालें. अधूरी जानकारी पर फैसला न लें. पैसा, रिश्ता और करियर से जुड़े बड़े निर्णय सोच-समझकर करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण भारत के आसमान में भले नजर न आए, लेकिन ज्योतिषीय गणना में बनने वाला कर्क और आश्लेषा का योग इसे महत्वपूर्ण बनाता है. इसका सबसे सरल संदेश यही है, भावनाओं में बहने के बजाय तथ्यों को देखें और जल्दबाजी से बचें.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/10/5d9c473b32e9a583323ed787f049953d1786359029701257_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Surya Grahan 2026: मंगल ने बदला नक्षत्र, आर्द्रा में प्रवेश से 3 राशियों को लाभ]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/surya-grahan-2026-mangal-ardra-nakshatra-3-rashi-3172225</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/surya-grahan-2026-mangal-ardra-nakshatra-3-rashi-3172225#respond</comments><pubDate>Sat, 8 Aug 2026 13:25:06 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ अणिमा शुक्ला ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/surya-grahan-2026-mangal-ardra-nakshatra-3-rashi-3172225</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Surya Grahan 2026: &lt;/strong&gt;&lt;strong&gt;12 अगस्त 2026&lt;/strong&gt; को साल का महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इसी दौरान ग्रहों के सेनापति माने जाने वाले &lt;strong&gt;मंगल&lt;/strong&gt; का &lt;strong&gt;राहु&lt;/strong&gt; के स्वामित्व&lt;strong&gt;(ownership)&lt;/strong&gt; वाले &lt;strong&gt;आर्द्रा नक्षत्र&lt;/strong&gt; में प्रवेश भी ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण और मंगल की यह स्थिति जहां कुछ राशियों के लिए मानसिक तनाव, जल्दबाजी और विवाद की स्थिति पैदा कर सकती है, वहीं कुछ जातकों के लिए यही समय करियर, पराक्रम और नए अवसरों के दरवाजे खोल सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/U9eObUJrjMs&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt; &lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, तकनीक और निर्णय लेने की क्षमता का कारण माना जाता है. वहीं आर्द्रा नक्षत्र का संबंध राहु से माना जाता है. ऐसे में मंगल का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश व्यक्ति की ऊर्जा को अधिक तीव्र बनाने वाला माना जाता है. इसका असर सकारात्मक या चुनौतीपूर्ण किस रूप में सामने आएगा, यह लोगों की राशि, कुंडली में मंगल की स्थिति और अन्य ग्रहों के प्रभाव पर निर्भर करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूर्य ग्रहण और मंगल के नक्षत्र परिवर्तन से क्यों बन रहा है खास संयोग?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;12 अगस्त&lt;/strong&gt; का सूर्य ग्रहण 2026 अपने आप में खगोलीय घटना है, जबकि ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण के समय ग्रहों की स्थिति को विशेष महत्व दिया जाता है. इसी अवधि में मंगल का आर्द्रा नक्षत्र से जुड़ना वातावरण में बेचैनी, तेज निर्णय और प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति बढ़ाने वाला माना जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल जब राहु के नक्षत्र में आता है तो व्यक्ति के भीतर कुछ बड़ा करने की इच्छा और जोखिम लेने की प्रवृत्ति तेज हो सकती है. अगर इस ऊर्जा का सही इस्तेमाल किया जाए तो पराक्रम और सफलता मिल सकती है, लेकिन जल्दबाजी या क्रोध में लिया गया फैसला परेशानी भी खड़ी कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यही वजह है कि इस अवधि में मंगल गोचर 2026, सूर्य ग्रहण 2026, आर्द्रा नक्षत्र और राशि अनुसार ग्रहों के प्रभाव को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बढ़ सकता है मानसिक दबाव और बेचैनी:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मंगल की उग्र ऊर्जा और राहु के नक्षत्र का प्रभाव ज्योतिषीय दृष्टि से मन में अस्थिरता बढ़ाने वाला माना जाता है. ऐसे में कुछ लोगों को छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है. काम का दबाव बढ़ सकता है और किसी निर्णय को तुरंत लेने की इच्छा हो सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विशेष रूप से नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को इस दौरान अपने शब्दों और व्यवहार पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है. ऑफिस में किसी सहकर्मी या वरिष्ठ के साथ बहस करने के बजाय परिस्थितियों को समझकर प्रतिक्रिया देना ज्यादा फायदेमंद रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पैसों के मामले में भी जल्दबाजी से बचना जरूरी होगा. ज्योतिषीय सलाह के अनुसार इस समय बिना पूरी जानकारी के बड़े निवेश, सट्टा या जोखिम भरे आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन 3 राशियों के लिए खुल सकते हैं नए अवसर:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अब बात उन राशियों की, जिनके लिए यह ग्रह स्थिति सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकती है. ज्योतिषीय आकलन के अनुसार कन्या, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय पराक्रम, करियर और नए अवसरों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कन्या राशि: मेहनत का मिल सकता है परिणाम&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कन्या राशि के लोगों के लिए यह समय लंबे समय से अटके कामों को गति देने वाला हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी रणनीति और सूझबूझ लोगों का ध्यान आकर्षित कर सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जो लोग नौकरी बदलने या किसी नए प्रोजेक्ट पर काम करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अवसर मिल सकते हैं. हालांकि सफलता के लिए जल्दबाजी के बजाय पूरी योजना बनाकर आगे बढ़ना जरूरी होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;तुला राशि: करियर में बन सकते हैं नए रास्ते&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तुला राशि वालों के लिए मंगल की यह स्थिति पेशेवर जीवन में सक्रियता बढ़ाने वाली मानी जा रही है. काम को लेकर नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आ सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बिजनेस करने वाले लोगों को भी नए प्रोजेक्ट, क्लाइंट या काम से जुड़े अवसर मिल सकते हैं. अगर किसी पुराने मामले को लेकर लंबे समय से प्रयास कर रहे हैं तो उसमें भी प्रगति की उम्मीद की जा सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मीन राशि: पराक्रम से बदल सकती है स्थिति&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीन राशि के लोगों के लिए यह समय अपने आत्मविश्वास और पराक्रम का इस्तेमाल करने का हो सकता है. जो काम पहले मुश्किल लग रहा था, उसे पूरा करने का रास्ता मिल सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;करियर में बदलाव की सोच रहे लोगों के लिए नए विकल्प सामने आ सकते हैं. यश और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बन सकती है. हालांकि किसी भी अवसर को स्वीकार करने से पहले उससे जुड़े फायदे और जोखिम दोनों को समझना जरूरी होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;किन बातों का रखना होगा ध्यान?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस अवधि में सभी राशि के लोगों के लिए कुछ सामान्य सावधानियां उपयोगी रह सकती हैं. सबसे पहली बात है गुस्से में कोई बड़ा फैसला न लेना. मंगल की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए नियमित दिनचर्या, अनुशासन और काम पर फोकस बनाए रखना बेहतर रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दूसरी महत्वपूर्ण बात आर्थिक फैसलों से जुड़ी है. किसी आकर्षक ऑफर या जल्दी मुनाफे के लालच में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तीसरी बात रिश्तों से जुड़ी है. घर या ऑफिस में बहस की स्थिति बने तो तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ समय लेकर जवाब देना बेहतर रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ग्रहों की यह स्थिति क्या संकेत देती है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिषीय दृष्टि से हर ग्रह परिवर्तन केवल चुनौती का संकेत नहीं होता. कई बार कठिन दिखने वाली ग्रह स्थिति व्यक्ति को अपनी क्षमता पहचानने और पुराने ढर्रे से बाहर निकलने का अवसर भी देती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मंगल ऊर्जा देता है और आर्द्रा नक्षत्र को परिवर्तन से जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में यह समय उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो लंबे समय से किसी बदलाव की तैयारी कर रहे हैं. फर्क सिर्फ इतना होगा कि यह ऊर्जा किस दिशा में इस्तेमाल की जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कन्या, &lt;a title=&quot;तुला&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;तुला&lt;/a&gt; और मीन राशि के लोगों के लिए यही पराक्रम आगे बढ़ने का माध्यम बन सकता है, जबकि अन्य राशियों को इस दौरान संयम, धैर्य और सोच-समझकर फैसले लेने पर अधिक जोर देना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;FAQs&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;1. सूर्य ग्रहण के दौरान क्या सावधानियां रखनी चाहिए?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;सूर्य ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंत्र जाप और ध्यान किया जाता है. वैज्ञानिक दृष्टि से ग्रहण देखने के लिए प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले चश्मे का इस्तेमाल करना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;2. आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी कौन सा ग्रह है?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;वैदिक ज्योतिष में आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी राहु माना जाता है. इसका प्रतीक आंसू की बूंद है और इसे परिवर्तन तथा तीव्र अनुभवों से जोड़ा जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;3. क्या सूर्य ग्रहण हर राशि को प्रभावित करता है?&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग हो सकता है. वास्तविक प्रभाव जानने के लिए पूरी जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति देखी जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/08/1bc5ed2dd314e4693273128a22f7724917861692453291413_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Flipkart Sale के दौरान बुध-मंगल बढ़ा सकते हैं जल्दबाजी, ये राशियां संभलकर करें खरीदारी]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/flipkart-sale-2026-budh-mangal-gochar-online-shopping-rashiyon-ke-liye-shopping-tips-3171627</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/flipkart-sale-2026-budh-mangal-gochar-online-shopping-rashiyon-ke-liye-shopping-tips-3171627#respond</comments><pubDate>Fri, 7 Aug 2026 17:05:10 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ अणिमा शुक्ला ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/flipkart-sale-2026-budh-mangal-gochar-online-shopping-rashiyon-ke-liye-shopping-tips-3171627</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Flipkart Sale 2026&lt;/strong&gt;, बुध-मंगल गोचर, ऑनलाइन शॉपिंग और ज्योतिष ये चारों बातें इस समय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं. बड़े डिस्काउंट और लिमिटेड टाइम ऑफर्स का आकर्षण अक्सर लोगों को ऐसी खरीदारी करने के लिए प्रेरित कर देता है, जिसकी वास्तव में उन्हें जरूरत भी नहीं होती.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब बुध और मंगल का विशेष प्रभाव बनता है, तब कुछ लोगों में जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. ऐसे समय में ऑनलाइन सेल के दौरान सावधानी बरतना आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/U9eObUJrjMs&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt; &lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बुध-मंगल योग का खरीदारी से क्या संबंध माना जाता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वैदिक ज्योतिष में बुध को बुद्धि, तर्क, गणना, व्यापार और निर्णय क्षमता का कारण माना जाता है. वहीं मंगल साहस, ऊर्जा, उत्साह और त्वरित निर्णय का ग्रह माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब इन दोनों ग्रहों का प्रभाव एक साथ सक्रिय होता है, तो कई बार व्यक्ति बिना पूरी जानकारी लिए जल्दबाजी में फैसला कर सकता है. अगर इसी दौरान फ़्लिपकार्ट सेल या किसी अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भारी छूट दिखाई दे, तो आकर्षक ऑफर्स देखकर जरूरत और इच्छा के बीच का अंतर समझना कठिन हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यही वजह है कि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस समय सोच-समझकर खरीदारी करने की सलाह दी जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑनलाइन सेल में क्यों बढ़ सकता है इम्पल्सिव बाइंग?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अक्सर &lt;strong&gt;&quot;Only Today&quot;, &quot;Limited Stock&quot;, &quot;Deal Ends Soon&quot;&lt;/strong&gt; जैसे संदेश दिखाते हैं. ये ऑफर्स पहले से ही मनोवैज्ञानिक रूप से जल्दी निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर ज्योतिषीय दृष्टि से बुध-मंगल का प्रभाव भी व्यक्ति की निर्णय क्षमता पर असर डाल रहा हो, तो वह:-&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;जरूरत से ज्यादा सामान कार्ट में जोड़ सकता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;महंगे गैजेट्स केवल डिस्काउंट देखकर खरीद सकता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;बजट से बाहर खर्च कर सकता है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;बाद में खरीदारी पर पछतावा महसूस कर सकता है.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसलिए सेल के दौरान उत्साह के साथ-साथ विवेक भी जरूरी माना गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इन 5 राशियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह:-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृषभ राशि (Taurus)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वृषभ राशि के लोगों को आर्थिक मामलों में सामान्यता संतुलित माना जाता है, लेकिन इस ग्रह प्रभाव के दौरान आकर्षक ऑफर्स देखकर अतिरिक्त खर्च करने की संभावना बढ़ सकती है. कोई भी बड़ी खरीदारी करने से पहले अपने बजट की दोबारा समीक्षा करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्क राशि (Cancer)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कर्क राशि के लोग भावनात्मक निर्णय जल्दी ले सकते हैं. अगर कोई पसंदीदा प्रोडक्ट भारी छूट में दिख जाए तो तुरंत ऑर्डर करने का मन बन सकता है. ऐसे में कुछ मिनट रुककर यह जरूर सोचें कि वह वस्तु वास्तव में आवश्यक है या नहीं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृश्चिक राशि (Scorpio)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वृश्चिक राशि वालों को सेल के दौरान हर ऑफर पर भरोसा करने के बजाय प्रोडक्ट की कीमत, रिव्यू और जरूरत का मूल्यांकन करना चाहिए. जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मकर राशि (Capricorn)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मकर राशि के लोगों को आकर्षक कैशबैक, एक्सचेंज ऑफर या अतिरिक्त छूट देखकर प्रभावित होने से बचना चाहिए. केवल इसलिए कोई वस्तु न खरीदें क्योंकि वह कम कीमत पर उपलब्ध है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मीन राशि (Pisces)&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीन राशि वालों के लिए इस समय भ्रम की स्थिति बनने की संभावना मानी जाती है. एक ही प्रोडक्ट के कई विकल्प देखकर निर्णय लेना कठिन हो सकता है. इसलिए तुलना करने के बाद ही अंतिम खरीदारी करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सेल के दौरान इन बातों का रखें ध्यान:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप फ़्लिपकार्ट सेल या किसी भी ऑनलाइन सेल में खरीदारी करने की योजना बना रहे हैं, तो इन आसान बातों का पालन करें:-&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;खरीदारी से पहले अपना बजट तय करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;केवल जरूरत की वस्तुओं की सूची बनाकर ही शॉपिंग करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;डिस्काउंट प्रतिशत के बजाय अंतिम कीमत देखें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;प्रोडक्ट के रिव्यू और रेटिंग जरूर पढ़ें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;क्रेडिट कार्ड या EMI का उपयोग सोच-समझकर करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;किसी भी ऑफर में जल्दबाजी में भुगतान करने से बचें.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ज्योतिष और समझदारी का संतुलन है सबसे जरूरी:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिष हमें संभावित परिस्थितियों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा व्यक्ति के विवेक और आर्थिक योजना पर निर्भर करता है. फ़्लिपकार्ट सेल जैसे बड़े शॉपिंग इवेंट में उत्साह स्वाभाविक है, लेकिन हर ऑफर आपके लिए जरूरी हो, यह आवश्यक नहीं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप पहले अपनी जरूरत, बजट और प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर लेते हैं, तो न केवल अनावश्यक खर्च से बच सकते हैं बल्कि सही समय पर सही खरीदारी भी कर सकते हैं. बुध-मंगल के इस प्रभाव को एक चेतावनी की तरह लें जल्दबाजी नहीं, बल्कि समझदारी से लिया गया फैसला ही आपके पैसे की सही बचत कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़े- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/religion/flipkart-freedom-sale-2026-rashi-anusar-kya-kharide-shopping-tips-3171440/amp&quot;&gt;Flipkart Freedom Sale 2026: राशि अनुसार क्या खरीदें और क्या नहीं? एक गलत चुनाव बिगाड़ सकता है आपका बजट&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/07/ea82ee25e117b023325b026aafcf1e3917860451828511413_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[रक्षाबंधन से पहले शनि का बड़ा बदलाव, इन 3 राशियों पर मंडरा रहा खतरा]]></title><link>https://www.abplive.com/photo-gallery/astro/transit-shani-nakshatra-parivartan-2026-three-zodiac-sign-should-be-alert-before-raksha-bandhan-3171398</link><comments>https://www.abplive.com/photo-gallery/astro/transit-shani-nakshatra-parivartan-2026-three-zodiac-sign-should-be-alert-before-raksha-bandhan-3171398#respond</comments><pubDate>Thu, 6 Aug 2026 15:55:47 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ जागृति सोनी बरसले ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/photo-gallery/astro/transit-shani-nakshatra-parivartan-2026-three-zodiac-sign-should-be-alert-before-raksha-bandhan-3171398</guid><description><![CDATA[रक्षाबंधन से पहले शनि का बड़ा बदलाव, इन 3 राशियों पर मंडरा रहा खतरा]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/06/f55d9a5bf0ae38383ec73a9decae47d01786011388426499_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Flipkart Freedom Sale 2026, आपकी राशि के लिए क्या है 'Value for Money' deal? जानिए]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/flipkart-freedom-sale-2026-astrology-shopping-guide-rashifal-all-zodiac-signs-3171338</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/flipkart-freedom-sale-2026-astrology-shopping-guide-rashifal-all-zodiac-signs-3171338#respond</comments><pubDate>Thu, 6 Aug 2026 15:52:15 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ हर्षिका मिश्रा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/flipkart-freedom-sale-2026-astrology-shopping-guide-rashifal-all-zodiac-signs-3171338</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Flipkart Freedom Sale 2026:&lt;/strong&gt; ऑनलाइन सेल में भारी डिस्काउंट देखकर कई बार लोग जरूरत से ज्यादा खरीदारी कर लेते हैं. लेकिन 8 अगस्त 2026 से शुरू हो रही Flipkart Freedom Sale के दौरान ग्रहों की स्थिति भी बजट और फैसलों को लेकर सावधान रहने का संकेत दे रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस अवधि में बुध कर्क और मंगल मिथुन राशि में रहेंगे. इस कारण दोनों ग्रह एक-दूसरे से द्वि-द्वादश राशि संबंध में होंगे. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, व्यापार, संवाद, हिसाब-किताब और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है. मंगल ऊर्जा, मशीनरी, तकनीकी उपकरण, साहस और जल्दबाजी का प्रतिनिधित्व करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बुध-मंगल का यह संबंध खरीदारी के नए विकल्पों की ओर आकर्षित कर सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह शुभ योग मानना उचित नहीं होगा. द्वि-द्वादश संबंध खर्च बढ़ने, बजट बिगड़ने या जल्दबाजी में गलत वस्तु चुनने का संकेत भी देता है. इसलिए राशि अनुसार शुभ मानी जाने वाली वस्तु चुनने के साथ कीमत, जरूरत, वारंटी और रिटर्न पॉलिसी की जांच करना जरूरी है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;Flipkart Freedom Sale कब शुरू होगी?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रिपोर्ट्स के अनुसार Flipkart Freedom Sale 2026 की मुख्य शुरुआत 8 अगस्त से होगी. Flipkart Plus सदस्यों को 7 अगस्त से Early Access मिलने की संभावना है. चुनिंदा बैंक कार्ड पर इंस्टेंट डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर और नो-कॉस्ट EMI जैसे लाभ भी मिल सकते हैं. हालांकि भुगतान से पहले संबंधित ऑफर की सभी शर्तें जरूर पढ़ें. Flipkart Freedom Sale की रिपोर्टेड जानकारी&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मेष राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a title=&quot;मेष&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मेष&lt;/a&gt; राशि के स्वामी मंगल हैं. इस सेल में स्मार्टफोन, फिटनेस बैंड, किचन टूल्स, स्पोर्ट्स का सामान या काम से जुड़ी मशीन खरीदना उपयोगी हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; लाल, कॉपर या मैट ब्लैक रंग के प्रोडक्ट&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; केवल नया मॉडल देखकर पुराना उपयोगी गैजेट न बदलें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृषभ राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं. फैशन, सौंदर्य, आराम और घर की सजावट से जुड़ी वस्तुएं इस राशि के लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; कपड़े, परफ्यूम, पर्सनल केयर प्रोडक्ट, बेडिंग या होम डेकोर&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; महंगे ब्रांड के नाम पर नकली या बिना रिव्यू वाला प्रोडक्ट न खरीदें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मिथुन राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मिथुन राशि पर बुध का स्वामित्व है. पढ़ाई, संवाद और रोजमर्रा के काम को आसान बनाने वाले गैजेट खरीदना लाभकारी हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; टैबलेट, ई-रीडर, किताबें, कीबोर्ड, स्मार्टवॉच या ईयरफोन&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; एक ही उपयोग वाले कई गैजेट खरीदने से बचें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कर्क राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं. घर, रसोई, जल और परिवार की सुविधा से संबंधित वस्तुओं को प्राथमिकता दी जा सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; वॉटर प्यूरीफायर, कुकवेयर, रेफ्रिजरेटर या घर की सफाई से जुड़े उपकरण&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; भावनात्मक होकर परिवार की जरूरत से बड़ा या महंगा उपकरण न खरीदें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंह राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं. नेतृत्व, व्यक्तित्व और घर के प्रमुख हिस्से से जुड़ी उपयोगी वस्तुएं बेहतर रहेंगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; स्मार्ट टीवी, स्टडी लैंप, ऑफिस चेयर, घड़ी या ग्रूमिंग प्रोडक्ट&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; केवल दिखावे या स्टेटस के लिए बजट से बाहर खरीदारी न करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कन्या राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कन्या राशि भी बुध के प्रभाव में आती है. काम, पढ़ाई, सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यावहारिक वस्तुएं खरीदना बेहतर रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; लैपटॉप एक्सेसरीज, स्टोरेज ऑर्गेनाइजर, स्टेशनरी या हेल्थ मॉनिटरिंग डिवाइस&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; फीचर्स की लंबी सूची देखकर भ्रमित न हों; वास्तविक उपयोग जांचें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;तुला राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a title=&quot;तुला&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/libra-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;तुला&lt;/a&gt; राशि के स्वामी शुक्र हैं. सुंदरता, संगीत, फैशन और घर के संतुलित वातावरण से जुड़ी वस्तुएं शुभ विकल्प हो सकती हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; कपड़े, जूते, स्किन केयर, होम डेकोर, स्पीकर या ईयरबड्स&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; रंग और डिजाइन के साथ उत्पाद की गुणवत्ता और वारंटी भी देखें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृश्चिक राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वृश्चिक राशि पर मंगल का प्रभाव माना जाता है. मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षा से जुड़े प्रोडक्ट इस राशि के लिए उपयोगी रहेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; पावर बैंक, टूल किट, सिक्योरिटी कैमरा, फिटनेस उपकरण या वाहन एक्सेसरीज&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; अज्ञात ब्रांड के चार्जर, बैटरी और इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट न खरीदें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;धनु राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं. ज्ञान, शिक्षा, यात्रा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने वाली वस्तुओं में निवेश किया जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; धार्मिक या शैक्षणिक पुस्तकें, स्टडी टेबल, ट्रैवल बैग या हेल्थ गैजेट&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; ऐसे ऑनलाइन कोर्स या उपकरण न खरीदें जिनका उपयोग करने की स्पष्ट योजना न हो.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मकर राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मकर राशि के स्वामी शनि हैं. लंबे समय तक चलने वाली व्यावहारिक वस्तुएं इस राशि के लिए बेहतर रहेंगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; ऑफिस फर्नीचर, वाहन एक्सेसरीज, मेटल स्टोरेज या मजबूत घरेलू उपकरण&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; सबसे सस्ता विकल्प चुनने के बजाय सर्विस और टिकाऊपन की तुलना करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कुंभ राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कुंभ राशि पर शनि का स्वामित्व माना जाता है. तकनीक, नेटवर्किंग और ऊर्जा बचाने वाले आधुनिक उपकरण उपयोगी हो सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; राउटर, स्मार्ट प्लग, पावर सेविंग उपकरण, कंप्यूटर एक्सेसरीज या स्मार्ट होम डिवाइस&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; ऐसा गैजेट न लें जो आपके मौजूदा फोन या घरेलू सिस्टम के अनुकूल न हो.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मीन राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं. अध्यात्म, रचनात्मकता, आराम और मानसिक शांति से जुड़ी वस्तुओं को प्राथमिकता दी जा सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शुभ विकल्प:&lt;/strong&gt; पुस्तकें, योग मैट, पूजा सामग्री, संगीत उपकरण या आरामदायक फर्नीचर&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;सावधानी:&lt;/strong&gt; आकर्षक विज्ञापन देखकर जरूरत से ज्यादा वेलनेस प्रोडक्ट न खरीदें.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;खरीदारी करते समय इन बातों का रखें ध्यान&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;Flipkart Freedom Sale में राशि अनुसार वस्तु चुनना एक ज्योतिषीय और रोचक मार्गदर्शन हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला जरूरत और बजट के आधार पर ही करें.&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;सेल शुरू होने से पहले सामान्य कीमत का स्क्रीनशॉट लें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;बैंक डिस्काउंट की अधिकतम सीमा जांचें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;Seller Rating और Recent Reviews जरूर पढ़ें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;इलेक्ट्रॉनिक्स की वारंटी और सर्विस सेंटर की जानकारी लें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;No-Cost EMI में प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क जांचें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;Open Box Delivery उपलब्ध हो तो उसका विकल्प चुनें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;केवल डिस्काउंट देखकर अनावश्यक वस्तु न खरीदें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;क्या इस दिन खरीदारी करने से सुख-समृद्धि बढ़ेगी?&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिषीय मान्यताओं में अपनी राशि और ग्रहों के स्वभाव के अनुकूल वस्तु खरीदना सकारात्मक माना जाता है. हालांकि किसी वस्तु की खरीद से धन लाभ, रुके काम पूरे होने या घर में स्थायी समृद्धि आने की गारंटी नहीं दी जा सकती.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बुध-मंगल का द्वि-द्वादश संबंध इस सेल के दौरान एक महत्वपूर्ण संदेश देता है, उत्साह मंगल का रखें, लेकिन अंतिम फैसला बुध यानी विवेक, तुलना और सही हिसाब-किताब के साथ करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/religion/kanwar-yatra-ke-baad-sharirik-sambandh-brahmacharya-niyam-3170973&quot;&gt;कांवड़ यात्रा से लौटते ही शारीरिक संबंध बनाना सही या गलत? जानें शास्त्रों का नियम और बड़ा कारण&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/U9eObUJrjMs?si=zWSex3mqCgq0LXhT&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/06/dceb82ced8db2733aa91e9affabe801517860115967651218_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Shani Vakri 2026: शनि वक्री में नौकरी और रिश्तों की होगी असली परीक्षा]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/shani-vakri-27-july-to-11-december-2026-career-relationship-effects-reality-check-remedies-3170717</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/shani-vakri-27-july-to-11-december-2026-career-relationship-effects-reality-check-remedies-3170717#respond</comments><pubDate>Thu, 6 Aug 2026 07:10:37 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ अणिमा शुक्ला ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/shani-vakri-27-july-to-11-december-2026-career-relationship-effects-reality-check-remedies-3170717</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Shani Vakri 2026:&lt;/strong&gt; क्या आपको लग रहा है कि कड़ी मेहनत के बावजूद प्रमोशन नहीं मिल रहा? कई इंटरव्यू देने के बाद भी नौकरी का ऑफर अटक रहा है? या ऑफिस में आपकी मेहनत की पहचान नहीं हो रही? वहीं दूसरी ओर रिश्तों में भी अचानक दूरियां, गलतफहमियां या लोगों का बदला हुआ व्यवहार आपको परेशान कर रहा है. अगर ऐसा है, तो ज्योतिष के अनुसार यह शनि वक्री 2026 का प्रभाव हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;27 जुलाई&lt;/strong&gt; से &lt;strong&gt;11 दिसंबर 2026&lt;/strong&gt; तक कर्मफलदाता शनिदेव मीन राशि में वक्री रहेंगे. ज्योतिष में शनि की वक्री चाल को केवल कठिन समय नहीं माना जाता, बल्कि यह आत्मविश्लेषण, कर्मों की समीक्षा और जीवन की दिशा सुधारने का अवसर भी माना जाता है. यह समय आपको यह समझने का मौका देता है कि आपकी मेहनत सही दिशा में जा रही है या नहीं और कौन-से रिश्ते वास्तव में आपके साथ हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/U9eObUJrjMs&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt; &lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनि वक्री क्यों माना जाता है खास?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शनि को कर्मफलदाता ग्रह कहा जाता है. जब शनि वक्री होते हैं, तो उनकी ऊर्जा बाहरी दुनिया से ज्यादा व्यक्ति के भीतर काम करती है. ऐसे समय में इंसान अपनी गलतियों, अधूरे कामों और उन फैसलों का सामना करता है जिन्हें वह लंबे समय से टालता आ रहा होता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसे सजा का समय नहीं, बल्कि कर्मिक करेक्शन&lt;strong&gt; (Karmic Correction)&lt;/strong&gt; का समय माना जाता है. यानी शनि यह बताते हैं कि आपकी मेहनत, ईमानदारी और धैर्य की असली नींव कितनी मजबूत है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;नौकरी और करियर में सामने आएगी असली तस्वीर:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप नौकरी कर रहे हैं, नई जॉब की तलाश में हैं या अपना कारोबार चला रहे हैं, तो शनि वक्री आपके लिए कई अहम संकेत लेकर आ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;प्रमोशन या नई नौकरी में हो सकती है देरी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कई लोगों को महसूस हो सकता है कि लगातार मेहनत के बावजूद प्रमोशन नहीं मिल रहा या इंटरव्यू के बाद भी नौकरी का जवाब आने में समय लग रहा है. ऐसी स्थिति निराश कर सकती है, लेकिन ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शनि मेहनत का फल देर से देते हैं, छीनते नहीं हैं. इसलिए इस समय अपने कौशल और अनुभव को बेहतर बनाने पर ध्यान देना अधिक फायदेमंद रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जॉब बदलने से पहले जरूर सोचें&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप केवल गुस्से, तनाव या ज्यादा सैलरी के लालच में नौकरी छोड़ने का फैसला ले रहे हैं, तो जल्दबाजी से बचें. किसी भी नए ऑफर को अच्छी तरह समझें और बिना पूरी जानकारी के बड़ा फैसला न लें. यह समय धैर्य और समझदारी की मांग करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑफिस में बढ़ सकती हैं जिम्मेदारियां&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वर्कप्लेस पर अचानक नए प्रोजेक्ट, अतिरिक्त जिम्मेदारियां या बॉस की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं. शुरुआत में यह दबाव महसूस होगा, लेकिन यही अनुभव आगे चलकर आपके करियर ग्रोथ का मजबूत आधार बन सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ऑफिस पॉलिटिक्स से रहें सावधान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस दौरान सहकर्मियों के साथ गलतफहमियां या ऑफिस पॉलिटिक्स बढ़ सकती है. अपनी बात रखने से पहले तथ्यों पर भरोसा करें और भावनाओं में आकर कोई प्रतिक्रिया देने से बचें. शांत और प्रोफेशनल व्यवहार आपके लिए फायदेमंद रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;रिश्तों में खत्म होगा भ्रम:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीन राशि भावनाओं से जुड़ी राशि मानी जाती है. ऐसे में शनि वक्री रिश्तों की सच्चाई सामने लाने का काम कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;नकली रिश्तों की होगी पहचान&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जो लोग केवल जरूरत या स्वार्थ के कारण आपके साथ जुड़े हुए हैं, उनका व्यवहार धीरे-धीरे स्पष्ट हो सकता है. कई लोगों को यह एहसास होगा कि मुश्किल समय में वास्तव में कौन उनका साथ निभाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मजबूत रिश्ते होंगे और मजबूत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जहां विश्वास, सम्मान और ईमानदारी होगी, वहां शुरुआती मतभेदों के बाद रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत बन सकते हैं. कई पुराने विवाद बातचीत और समझदारी से सुलझने की संभावना भी रहेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अहंकार बना सकता है दूरी&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर गुस्से या अहंकार में कोई फैसला लिया गया, तो रिश्तों में स्थायी दूरी आ सकती है. इसलिए किसी भी विवाद में धैर्य और संवाद को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगर आपकी भी है ये राशि, तो भूलकर भी न करें ये गलती:-&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a title=&quot;मेष&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मेष&lt;/a&gt; राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गुस्से में नौकरी बदलने, इस्तीफा देने या बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचें. सोच-समझकर उठाया गया कदम ही लाभ देगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;वृषभ राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऑफिस और परिवार दोनों की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. समय और पैसों का संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सिंह राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लीडरशिप और प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन टीमवर्क को नजरअंदाज करना नुकसान पहुंचा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;कन्या राशि&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इंटरव्यू, नई नौकरी या करियर को लेकर जरूरत से ज्यादा चिंता न करें. अपनी तैयारी और मेहनत पर भरोसा रखें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;शनि वक्री के दौरान अपनाएं ये आसान उपाय:&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगर आप इस समय मानसिक शांति और पॉजिटिवीटी बनाए रखना चाहते हैं, तो नियमित रूप से कुछ सरल आध्यात्मिक(Spiritual) उपाय अपना सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;प्रतिदिन &lt;strong&gt;&quot;ॐ प्राम शं शनैश्चराय नमः&quot;&lt;/strong&gt; मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;शनिवार को श्रद्धा के साथ &lt;strong&gt;हनुमान चालीसा&lt;/strong&gt; का पाठ करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;मंगलवार का व्रत रखने या हनुमान जी की उपासना करने से मानसिक मजबूती मिल सकती है.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;सकारात्मक साहित्य पढ़ें, भजन सुनें और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाने का प्रयास करें.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;अपने अधूरे कार्य पूरे करें और कर्मों में ईमानदारी बनाए रखें.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;FAQs&lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;1. शनि वक्री 2026 कब से कब तक रहेगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनि 27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक मीन राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;2. क्या शनि वक्री हमेशा अशुभ होता है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नहीं. शनि वक्री को आत्मविश्लेषण, अधूरे कार्य पूरे करने और जीवन की दिशा सुधारने का समय माना जाता है. इसका प्रभाव व्यक्ति की कुंडली और कर्मों पर भी निर्भर करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;3. शनि वक्री के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें, अनुशासन बनाए रखें, रिश्तों में धैर्य रखें और नियमित रूप से आध्यात्मिक साधना या शनि मंत्र का जाप करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़े- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/lifestyle/religion/meen-rashi-half-year-horoscope-july-to-december-2026-pisces-3164058&quot;&gt;मीन राशि का छमाही राशिफल: जुलाई से दिसंबर 2026 में क्या पूरी होगी आपकी बड़ी इच्छा या बदल जाएगी जिंदगी की दिशा?&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/05/0277a670641fc28733e70f094a3643f317859116089551413_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[अटका पैसा लौटेगा और बढ़ेगा बैंक बैलेंस! पुष्य नक्षत्र में गुरु की एंट्री से चांदी सा चमकेगा भाग्य!]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/jupiter-transit-pushya-nakshatra-fortune-bank-balance-growth-3170837</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/jupiter-transit-pushya-nakshatra-fortune-bank-balance-growth-3170837#respond</comments><pubDate>Wed, 5 Aug 2026 15:39:54 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ हर्षिका मिश्रा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/jupiter-transit-pushya-nakshatra-fortune-bank-balance-growth-3170837</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;Guru Pushya Nakshatra Gochar:&lt;/strong&gt; ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का नक्षत्र बदलना एक बहुत बड़ी घटना मानी जाती है. ग्रहों के गुरु बृहस्पति जब 'नक्षत्रों के राजा' कहे जाने वाले पुष्य नक्षत्र में कदम रखते हैं, तो इसका असर केवल आम इंसान पर ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की चाल पर भी साफ दिखाई देता है.&lt;/p&gt;
&lt;p id=&quot;p-rc_102fe71a8e5c2772-94&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;1&quot;&gt;&lt;span class=&quot;citation-281 citation-end-281&quot;&gt;वैदिक ज्योतिष के मुताबिक, बृहस्पति धन, तरक्की, ज्ञान और बैंकिंग के कारक ग्रह हैं.&lt;/span&gt; &lt;span class=&quot;citation-280 citation-end-280&quot;&gt;जब गुरु पुष्य नक्षत्र में आते हैं, तो बाजार में पैसा बढ़ता है और निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है.&lt;/span&gt; इस दौरान खास तौर पर बैंकिंग, फाइनेंस, सोना-&lt;a title=&quot;चांदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/silver-prices&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;चांदी&lt;/a&gt; (बुलियन), रियल एस्टेट और आईटी सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी आ सकती है. शेयर बाजार के जानकारों और ज्योतिषियों की मानें तो यह समय छोटे और लंबे समय के लिए निवेश करने वाले दोनों तरह के लोगों के लिए बहुत बढ़िया माहौल बनाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;1&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/U9eObUJrjMs&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt; &lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p id=&quot;p-rc_102fe71a8e5c2772-95&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;2&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;2&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;&lt;span class=&quot;citation-279 citation-end-279&quot;&gt;इन 4 राशियों को मिल सकता है जबरदस्त मुनाफा&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;3&quot;&gt;पुष्य नक्षत्र में गुरु के आते ही इन 4 राशियों के लोगों को शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और कारोबार में बड़ा फायदा मिलने के मजबूत संकेत हैं:&lt;/p&gt;
&lt;p id=&quot;p-rc_102fe71a8e5c2772-96&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;4,0,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;4,0,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;&lt;span class=&quot;citation-278 citation-end-278&quot;&gt;कर्क राशि (Cancer):&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; &lt;span class=&quot;citation-277 citation-end-277&quot;&gt;गुरु का यह बदलाव आपकी कमाई बढ़ाने के नए रास्ते खोलेगा.&lt;/span&gt; &lt;span class=&quot;citation-276 citation-end-276&quot;&gt;अगर आपने पहले शेयर बाजार या जमीन-जायदाद में पैसा लगाया था, तो उससे बढ़िया मुनाफा मिल सकता है.&lt;/span&gt; अटका हुआ पैसा वापस मिलने से आपका बैंक बैलेंस बढ़ेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p id=&quot;p-rc_102fe71a8e5c2772-97&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;4,1,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;4,1,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;&lt;span class=&quot;citation-275 citation-end-275&quot;&gt;वृश्चिक राशि (Scorpio):&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt; इस दौरान किस्मत आपका पूरा साथ देगी. &lt;span class=&quot;citation-274 citation-end-274&quot;&gt;शेयर बाजार में सही समय पर लिया गया एक छोटा सा फैसला भी आपको बड़ा फायदा दे सकता है.&lt;/span&gt; &lt;span class=&quot;citation-273 citation-end-273&quot;&gt;ट्रेडिंग और नए बिजनेस से अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p id=&quot;p-rc_102fe71a8e5c2772-98&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;4,2,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;4,2,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;धनु राशि (Sagittarius):&lt;/strong&gt; आपकी राशि के स्वामी गुरु की यह स्थिति आपकी जेब और आर्थिक स्थिति को ज्यादा मजबूत बनाएगी. &lt;span class=&quot;citation-272 citation-end-272&quot;&gt;अगर आप शेयर बाजार या कमोडिटी मार्केट में नया निवेश करना चाहते हैं, तो यह सही समय साबित हो सकता है.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p id=&quot;p-rc_102fe71a8e5c2772-99&quot; style=&quot;text-align: justify;&quot; data-path-to-node=&quot;4,3,0&quot;&gt;&lt;strong data-path-to-node=&quot;4,3,0&quot; data-index-in-node=&quot;0&quot;&gt;मीन राशि (Pisces):&lt;/strong&gt; मीन राशि वालों के लिए कमाई के नए रास्ते खुलेंगे. &lt;span class=&quot;citation-271 citation-end-271&quot;&gt;म्यूचुअल फंड, शेयरों और गोल्ड बॉन्ड में लगाया गया पैसा आपको शानदार रिटर्न दे सकता है.&lt;/span&gt; &lt;span class=&quot;citation-270 citation-end-270&quot;&gt;काम-धंधे में बनाई गई योजनाएं सफल होंगी.&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़े- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/astro/transit/august-eclipse-2026-impact-india-kundli-tajik-varshphal-modi-sarkar-3169773&quot;&gt;16 दिनों में 2 ग्रहण: सत्ता से सीमा तक बढ़ सकती है हलचल, भारत की वर्षकुंडली दे रही बड़े संकट के संकेत&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/05/7cbface02d58849f81ed0e18aab86a6d17859206480801218_original.png" width="220"/></item><item><title><![CDATA[16 दिनों में 2 ग्रहण: सत्ता से सीमा तक बढ़ सकती है हलचल, भारत की वर्षकुंडली दे रही बड़े संकट के संकेत]]></title><link>https://www.abplive.com/astro/transit/august-eclipse-2026-impact-india-kundli-tajik-varshphal-modi-sarkar-3169773</link><comments>https://www.abplive.com/astro/transit/august-eclipse-2026-impact-india-kundli-tajik-varshphal-modi-sarkar-3169773#respond</comments><pubDate>Mon, 3 Aug 2026 15:49:54 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ Hirdesh Kumar Singh ]]></dc:creator><category><![CDATA[ ग्रह गोचर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/astro/transit/august-eclipse-2026-impact-india-kundli-tajik-varshphal-modi-sarkar-3169773</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगस्त का महीना विशेष होने जा रहा है, इस महीने में केवल 16 दिनों के भीतर सूर्य और चंद्रमा दोनों पर ग्रहण की छाया पड़ने वाली है. पहला ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा. इसके बाद 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण पड़ेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खगोलीय रूप से एक ग्रहण ऋतु में दो ग्रहण होना सामान्य है. लेकिन ज्योतिष में प्रत्येक ग्रहण का प्रभाव एक जैसा नहीं माना जाता. चिंता तब बढ़ती है, जब ग्रहण किसी देश के जन्मकालीन सूर्य, सत्ता के भाव या वर्षकुंडली के संवेदनशील बिंदुओं के बेहद करीब पड़ता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/YNlsIWe1Rjk?si=LTr_AYcvNc2eaKa6&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगस्त में लगने वाले दोनों ग्रहण भारत की कुंडली के ऐसे ही संवेदनशील हिस्सों को सक्रिय कर रहे हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ग्रहणों के बीच भारत की नई वर्षकुंडली भी शुरू हो जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यहीं से कुछ ऐसे संकेत मिल रहे हैं, जो सत्ता, पड़ोसी देशों, राष्ट्रीय सुरक्षा और शेयर बाजार के लिए अगस्त के दूसरे हिस्से को बेहद संवेदनशील बना रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगस्त 2026 में कब लगेंगे दोनों ग्रहण?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा. इसकी पूर्णता मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों में दिखाई देगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. भारतीय समय के अनुसार इसकी मुख्य अवस्था के दौरान देश में रात होगी. इस कारण भारत में इसका प्रत्यक्ष दर्शन और पारंपरिक सूतक मान्य नहीं होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके बाद 28 अगस्त की रात गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा. इस दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाएगा. पूर्ण ग्रहण न होते हुए भी यह लगभग &amp;lsquo;ब्लड मून&amp;rsquo; जैसा दिखाई दे सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस चंद्र ग्रहण की मुख्य अवस्था भी भारत में दिखाई नहीं देगी. ग्रहण शुरू होने तक देश के अधिकांश हिस्सों में चंद्रमा अस्त हो चुका होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लेकिन किसी देश में ग्रहण दिखाई न देना और उस देश की कुंडली से ग्रहण का संबंध बनना दो अलग ज्योतिषीय विषय हैं. धार्मिक नियमों में दृश्यता महत्वपूर्ण हो सकती है. मेदिनी ज्योतिष में ग्रहण की राशि, अंश, देश की जन्मकुंडली और ताजिक वर्षफल का भी अध्ययन किया जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/astro/august-2026-india-astrology-prediction-political-government-youth-protest-kundli-3163827&quot;&gt;अगस्त 2026 में बदल सकती है देश की राजनीति? भारत की कुंडली में सरकार और आंदोलन को लेकर बड़े संकेत&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत की कुंडली क्या कहती है ?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि और नई दिल्ली के समय पर आधारित स्वतंत्र भारत की कुंडली&amp;nbsp;में वृषभ लग्न और कर्क राशि है. भारत के जन्मकालीन सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र और शनि कर्क राशि के तीसरे भाव में स्थित हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूर्य कर्क राशि में लगभग 28 अंश पर है. चंद्रमा कर्क में लगभग 4 अंश पर स्थित है. पांच ग्रहों की उपस्थिति के कारण कर्क राशि भारत की कुंडली का अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र बन जाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तीसरा भाव पड़ोसी देशों, सीमावर्ती गतिविधियों, सैन्य संचार, मीडिया, सूचना तंत्र, रेल, सड़क और सरकार की रणनीतिक घोषणाओं से जुड़ा माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लेकिन ग्रहण का पूरा फल केवल जन्मकुंडली और गोचर से तय नहीं होगा. इसके लिए ताजिक वर्षफल, मुंथा, मुद्दा दशा और वर्षकुंडली के सक्रिय भावों को भी देखना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत की 2025-26 की ताजिक वर्षकुंडली 14 अगस्त 2025 की रात 11 बजकर 55 मिनट पर शुरू हुई थी. इसका प्रभाव 15 अगस्त 2026 की सुबह तक रहेगा. सूर्य ग्रहण इसी पुरानी वर्षकुंडली में होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत की नई 2026-27 ताजिक वर्षकुंडली 15 अगस्त 2026 को सुबह लगभग 6 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगी. इसके बाद 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण नई वर्षकुंडली के अंतर्गत आएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह अंतर बेहद महत्वपूर्ण है. सूर्य ग्रहण के समय एक वर्ष का अंतिम और संवेदनशील चरण चल रहा होगा. चंद्र ग्रहण के समय नया ताजिक वर्ष राहु की मुद्दा दशा के साथ शुरू हो चुका होगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूर्य ग्रहण भारत के जन्मकालीन सूर्य के बेहद करीब&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वैदिक निरयन गणना (Nirayana System) में 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण कर्क राशि के अंतिम हिस्से में पड़ेगा. भारत का जन्मकालीन सूर्य भी कर्क राशि में 27 अंश 59 कला पर स्थित है. इसका अर्थ है कि ग्रहण भारत के जन्मकालीन सूर्य के काफी निकट बन रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेदिनी ज्योतिष में सूर्य सरकार, राष्ट्राध्यक्ष, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल, प्रशासन और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का कारक होता है. जन्मकालीन सूर्य के निकट ग्रहण को सत्ता के लिए संवेदनशील माना जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह ग्रहण भारत की कुंडली के तीसरे भाव में पड़ रहा है. इसलिए सरकार पर आने वाला दबाव पड़ोसी देशों, सीमा, संचार व्यवस्था, मीडिया या किसी रणनीतिक सूचना से जुड़ा हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी पड़ोसी देश की गतिविधि अचानक तनाव बढ़ा सकती है. सीमा पर सैन्य सतर्कता बढ़ानी पड़ सकती है. किसी गोपनीय दस्तावेज, सुरक्षा चूक, साइबर गतिविधि या गलत सूचना से जुड़ा मामला सरकार को असहज कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी वरिष्ठ नेता या अधिकारी का बयान भी कूटनीतिक विवाद पैदा कर सकता है. सरकार को अचानक अपना पक्ष स्पष्ट करने या किसी आरोप का उत्तर देने की जरूरत पड़ सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह स्थिति सीधे बड़े संकट की घोषणा तो नहीं करती. लेकिन ग्रहण भारत के जन्मकालीन सूर्य के जितना निकट है, उसे केवल सामान्य खगोलीय घटना मानकर छोड़ना भी उचित नहीं होगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सातवें भाव की मुंथा क्यों बढ़ा रही चिंता?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त के सूर्य ग्रहण के समय लागू 2025-26 की ताजिक वर्षकुंडली में वृषभ लग्न है. इस वर्ष मुंथा सातवें भाव में स्थित है. मेदिनी ज्योतिष में सातवां भाव पड़ोसी राष्ट्रों, खुले शत्रुओं, विदेशी संबंधों, युद्ध, संधि और अंतरराष्ट्रीय समझौतों से जुड़ा होता है. यह भाव विपक्ष का भी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सातवें भाव की मुंथा को सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माना जाता है. यह सहयोगियों के साथ मतभेद, विरोधियों की सक्रियता और समझौतों में बाधा का संकेत दे सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राष्ट्रीय कुंडली में इसका अर्थ किसी पड़ोसी देश से तनाव, कूटनीतिक विश्वास की कमी या विदेशी साझेदार के बदलते रुख के रूप में सामने आ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूर्य ग्रहण का तीसरे भाव में पड़ना और वर्षकुंडली की मुंथा का सातवें भाव में होना एक ही दिशा की ओर संकेत करता है. दोनों स्थितियों में पड़ोसी देश, सीमाएं और अंतरराष्ट्रीय संबंध सक्रिय हो रहे हैं. विपक्ष भी कम नहीं पड़ेगा. यही वह योग है, जो 12 अगस्त के ग्रहण को भारत के लिए अधिक संवेदनशील बनाता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;चंद्र की मुद्दा दशा में लगेगा सूर्य ग्रहण&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;2025-26 की वर्षकुंडली में 15 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक चंद्रमा की दशा चलेगी. 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण इसी दशा में पड़ेगा. वर्षकुंडली में चंद्रमा बारहवें भाव में स्थित है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बारहवां भाव विदेश, गुप्त गतिविधियों, बड़े व्यय, अस्पताल, बंदीगृह, हानि और पर्दे के पीछे होने वाली योजनाओं से जुड़ा माना जाता है. चंद्रमा जनता और जनभावना का प्रतिनिधित्व करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस कारण ग्रहण के आसपास किसी गुप्त कूटनीतिक गतिविधि, सुरक्षा संबंधी खर्च या विदेशी मामले को लेकर जनता में बेचैनी बढ़ सकती है. किसी ऐसी सूचना के सामने आने की आशंका भी बनती है, जिसे पहले सार्वजनिक नहीं किया गया हो. मीडिया में अटकलें और विरोधी दावे तेजी से फैल सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकार को किसी मुद्दे पर सूचना नियंत्रित करने, स्पष्टीकरण देने या राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सीमित जानकारी साझा करने की जरूरत पड़ सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या सत्ता के सामने अचानक खड़ा होगा बड़ा संकट?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जन्मकालीन सूर्य पर ग्रहण, सातवें भाव की मुंथा और बारहवें भाव के चंद्रमा की मुद्दा दशा, ये तीनों संकेत एक साथ सरकार पर बाहरी दबाव की संभावना बढ़ाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह दबाव किसी पड़ोसी देश, विदेशी सरकार, रक्षा समझौते, सीमा विवाद या संवेदनशील संचार से जुड़ा हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विपक्ष इस मामले को सरकार की नीति अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ सकता है. संसद के बाहर और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी मंत्री, राजदूत, सैन्य अधिकारी या शीर्ष प्रशासनिक व्यक्ति से जुड़ा घटनाक्रम भी चर्चा में आ सकता है. अगस्त के मध्य में सत्ता को अचानक रक्षात्मक स्थिति में आना पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;15 अगस्त के बाद क्या बदलेगा ?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूर्य ग्रहण के केवल तीन दिन बाद भारत की नई 2026-27 ताजिक वर्षकुंडली शुरू हो जाएगी. इस वर्षकुंडली में सिंह लग्न है. सूर्य लग्न का स्वामी बनता है. राहु कुंभ राशि के सातवें भाव में और केतु सिंह राशि के लग्न में स्थित है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इससे वर्षकुंडली का पहला और सातवां भाव राहु-केतु अक्ष से सक्रिय हो जाता है. पहला भाव स्वयं राष्ट्र, उसकी पहचान, नेतृत्व और समग्र स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है. सातवां भाव पड़ोसी देशों, विदेशी शक्तियों, संधियों, खुले विरोधियों और विपक्ष का होता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब राहु-केतु इस अक्ष पर स्थित हों, तो देश और विदेशी शक्तियों के बीच अविश्वास, भ्रम, छिपी रणनीति या अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;28 अगस्त के चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा. भारत की वृषभ लग्न जन्मकुंडली में कुंभ दसवां भाव है. यह केंद्र सरकार, शीर्ष नेतृत्व, शासन, प्रशासन और विश्व स्तर पर देश की प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व करता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नई ताजिक वर्षकुंडली में सिंह लग्न होने के कारण कुंभ सातवां भाव बनता है. यह पड़ोसी देशों, विदेशी समझौतों और विरोधी शक्तियों से जुड़ा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अर्थात एक ही चंद्र ग्रहण जन्मकुंडली में सरकार के दसवें भाव और वर्षकुंडली में विदेशी संबंधों के सातवें भाव को सक्रिय करेगा. इसका स्पष्ट संकेत है कि किसी विदेशी या पड़ोसी देश से जुड़ा घटनाक्रम केंद्र सरकार पर सीधा राजनीतिक और रणनीतिक दबाव पैदा कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राहु की मुद्दा दशा में राहु के साथ ग्रहण&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;2026-27 की वर्षकुंडली में 15 अगस्त से 9 अक्टूबर तक राहु की लघु दशा चलेगी. 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण इसी राहु की लघु या सूक्ष्म दशा में पड़ेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वर्षकुंडली में राहु स्वयं कुंभ राशि के सातवें भाव में स्थित है. चंद्र ग्रहण भी इसी राशि क्षेत्र को सक्रिय करेगा. इस प्रकार ग्रहण के समय राहु का प्रभाव कई स्तरों पर काम करेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राहु भ्रम, गुप्त रणनीति, छल, दुष्प्रचार, विदेशी तत्व, साइबर गतिविधि और अचानक बदलती परिस्थितियों का कारक माना जाता है. इस अवधि में किसी पड़ोसी देश की मंशा पर संदेह बढ़ सकता है. पहले से चल रही वार्ता अचानक रुक सकती है. कोई समझौता अंतिम समय पर विवाद में फंस सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी विदेशी शक्ति का ऐसा बयान सामने आ सकता है, जो भारत के लिए कूटनीतिक असहजता पैदा करे. साइबर हमले, डेटा लीक या गलत सूचना का अभियान भी चिंता बढ़ा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सोशल मीडिया पर किसी अपुष्ट सूचना के तेजी से फैलने के कारण जनभावना भड़क सकती है. सरकार को तथ्य सामने लाने और स्थिति नियंत्रित करने में समय लग सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जनता और सरकार के बीच बढ़ सकती है दूरी!&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;चंद्रमा जनता के मन, भावनाओं और सार्वजनिक प्रतिक्रिया का प्रतिनिधित्व करता है. राहु के साथ ग्रहणग्रस्त चंद्रमा तथ्यों और धारणाओं के बीच अंतर पैदा कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी सरकारी फैसले को लेकर भ्रम फैल सकता है. जनता के एक हिस्से को लग सकता है कि पूरी जानकारी साझा नहीं की जा रही. विपक्ष इस स्थिति का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विरोध, ऑनलाइन अभियान या प्रदर्शन की स्थिति बन सकती है. हालांकि यह जरूरी नहीं कि असंतोष पूरे देश में समान रूप से दिखाई दे. ग्रहण का प्रभाव किसी एक बड़े राष्ट्रीय मुद्दे पर जनता की भावनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में भी सामने आ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या युद्ध जैसी स्थिति बन सकती है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सातवें भाव की मुंथा, राहु की सातवें भाव में स्थिति और पड़ोसी देशों से जुड़े भावों पर ग्रहण युद्ध अथवा खुले संघर्ष का भय पैदा कर सकते हैं. अगस्त में सीमा, रक्षा या कूटनीति से जुड़ा तनाव अचानक बढ़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सैन्य सतर्कता, कठोर बयान अथवा सीमित टकराव की खबरें वातावरण को गंभीर बना सकती हैं. स्थिति वास्तविक युद्ध में बदलेगी या बातचीत से नियंत्रित हो जाएगी, इसका निर्णय अन्य ग्रह-योगों और तत्कालीन वास्तविक घटनाओं से होगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;युवा करेंगे आंदोलन!&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;2026-27 की नई वर्षकुंडली में मुंथा पांचवें भाव में स्थित है. मुंथा की यह स्थिति सामान्यतः अनुकूल मानी जाती है. राष्ट्रीय वर्षफल में पांचवां भाव संसद, नीति-निर्माण, रणनीतिक बुद्धि, शिक्षा, युवा (Gen-Z), खेल और शेयर बाजार से जुड़ा हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस स्थिति से संकेत मिलता है कि राहु और ग्रहण गंभीर दबाव पैदा करेंगे, लेकिन सरकार के पास रणनीतिक निर्णय के माध्यम से स्थिति संभालने की क्षमता भी रहेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसी संकट के बाद तेज नीति-निर्णय लिया जा सकता है. संसद, सुरक्षा परिषद या शीर्ष अधिकारियों की बैठक से समाधान निकालने का प्रयास हो सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकार दबाव में अवश्य आएगी, लेकिन पांचवें भाव की मुंथा संकट को पूरी तरह नियंत्रण से बाहर जाने से रोक सकती है. इसलिए ग्रहण का परिणाम केवल हानि नहीं होगा. यह सरकार को रणनीतिक बदलाव, नई नीति या कठोर निर्णय लेने के लिए भी मजबूर कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शेयर बाजार में क्यों बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेदिनी ज्योतिष में पांचवां भाव सट्टा, निवेशक मनोविज्ञान और शेयर बाजार से भी संबंध रखता है. नई वर्षकुंडली की मुंथा इसी भाव में है. राहु की मुद्दा दशा में चंद्र ग्रहण बाजार में भ्रम और भावनात्मक प्रतिक्रिया बढ़ा सकता है. किसी विदेशी समाचार, सीमा तनाव अथवा सरकारी घोषणा से अचानक बिकवाली देखने को मिल सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगस्त के अंतिम सप्ताह से सितंबर के शुरुआती दिनों तक बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की आशंका रह सकती है. विदेशी निवेशकों की प्रतिक्रिया भी बाजार पर दबाव बढ़ा सकती है. अपुष्ट खबरों के कारण किसी एक दिन बड़ी हलचल संभव है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लेकिन पांचवें भाव की अनुकूल मुंथा संकेत देती है कि गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी की क्षमता भी रह सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या ग्रहण से डरने की आवश्यकता है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दो ग्रहणों का होना अपने आप में किसी बड़े संकट का संकेत नहीं है. दोनों ग्रहण भारत में दिखाई भी नहीं देंगे. लेकिन वर्षफल और भारत की जन्मकुंडली को एक साथ देखने पर अगस्त 2026 का दूसरा हिस्सा राजनीतिक तथा कूटनीतिक रूप से संवेदनशील दिखाई देता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारत के जन्मकालीन सूर्य के निकट पड़ रहा है. उस समय सातवें भाव की मुंथा और बारहवें भाव के चंद्रमा की सूक्ष्म दशा सक्रिय होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;28 अगस्त का चंद्र ग्रहण नई वर्षकुंडली के सातवें भाव में राहु के प्रभाव वाले क्षेत्र में पड़ेगा. उस समय राहु की ही लघु दशा चल रही होगी. जन्मकुंडली में यह ग्रहण सत्ता के दसवें भाव को सक्रिय करेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इन योगों से पड़ोसी देशों, सीमा सुरक्षा, विदेश नीति, साइबर गतिविधि, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा से जुड़ा कोई अप्रत्याशित घटनाक्रम सामने आने की आशंका बढ़ती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि नई वर्षकुंडली में पांचवें भाव की मुंथा संकट से निकलने की रणनीतिक क्षमता भी प्रदान करती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण काल में क्या कर सकते हैं?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण सामान्यतः सूतक और ग्रहण संबंधी कठोर धार्मिक नियम लागू नहीं होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;फिर भी श्रद्धालु मानसिक शांति के लिए महामृत्युंजय मंत्र या गायत्री मंत्र का जप कर सकते हैं. &lt;a title=&quot;सावन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/sawan-2026&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;सावन&lt;/a&gt; का महीना चल रहा है तो भगवान शिव की उपासना और जरूरतमंद लोगों को अन्न, चावल या वस्त्र का दान किया जा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;गोपनीय गतिविधियां बढ़ा सकती हैं परेशानी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारत के जन्मकालीन सूर्य और तीसरे भाव को सक्रिय करेगा. उस समय सातवें भाव की मुंथा तथा बारहवें भाव के चंद्रमा की मुद्दा दशा विदेशी मामलों और गोपनीय गतिविधियों से जुड़े दबाव की आशंका बढ़ाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;28 अगस्त का चंद्र ग्रहण जन्मकुंडली के दसवें और नई वर्षकुंडली के सातवें भाव को सक्रिय करेगा. राहु की मुद्दा दशा में राहु के प्रभाव वाले क्षेत्र पर पड़ रहा यह ग्रहण विदेशी संबंधों, सत्ता और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा के लिए सबसे महत्वपूर्ण संकेत है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगस्त के मध्य से सितंबर के शुरुआती दिनों तक किसी पड़ोसी देश, सीमा, साइबर सुरक्षा या कूटनीतिक समझौते से जुड़ा घटनाक्रम केंद्र सरकार पर अचानक दबाव बना सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;संकट गंभीर हो सकता है, लेकिन पांचवें भाव की मुंथा संकेत देती है कि भारत रणनीतिक निर्णय और कूटनीतिक कौशल के माध्यम से स्थिति को संभालने की क्षमता भी रखेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण खतरे का संकेत अवश्य दे रहे हैं, लेकिन परिणाम केवल संकट नहीं, एक बड़े रणनीतिक बदलाव के रूप में भी सामने आ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;FAQ&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अगस्त 2026 में कौन-कौन से ग्रहण लगेंगे?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;12 अगस्त 2026 को पूर्ण सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या अगस्त 2026 के ग्रहण भारत में दिखाई देंगे?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दोनों ग्रहणों की मुख्य अवस्था भारत में दिखाई नहीं देगी. इसलिए सामान्यतः भारत में इनका सूतक मान्य नहीं होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूर्य ग्रहण भारत की कुंडली के किस भाव में लगेगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वैदिक निरयन गणना में सूर्य ग्रहण कर्क राशि में पड़ेगा. भारत की वृषभ लग्न कुंडली में यह तीसरा भाव है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;सूर्य ग्रहण को भारत के लिए संवेदनशील क्यों माना जा रहा है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत का जन्मकालीन सूर्य कर्क राशि में लगभग 28 अंश पर है. 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण इसी क्षेत्र के निकट बनने के कारण सत्ता, नेतृत्व और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को सक्रिय कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;चंद्र ग्रहण भारत की कुंडली के किस भाव में पड़ेगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;निरयन गणना में चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में होगा. यह भारत की जन्मकुंडली का दसवां और 2026-27 की ताजिक वर्षकुंडली का सातवां भाव है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुंथा क्या संकेत दे रही है?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूर्य ग्रहण के समय लागू वर्षकुंडली में मुंथा सातवें भाव में है. यह पड़ोसी देशों और विदेशी संबंधों में दबाव दिखाती है. नई वर्षकुंडली में मुंथा पांचवें भाव में होगी, जो रणनीतिक निर्णय और संकट से उबरने की क्षमता का संकेत देती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;राहु की मुद्दा दशा में चंद्र ग्रहण का क्या प्रभाव होगा?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राहु की मुद्दा दशा में राहु के प्रभाव वाले सातवें भाव पर ग्रहण विदेशी संबंधों, दुष्प्रचार, साइबर सुरक्षा और अप्रत्याशित कूटनीतिक घटनाओं की आशंका बढ़ा सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;क्या ग्रहण से शेयर बाजार में गिरावट आएगी?&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रहण के आसपास विदेशी या राजनीतिक खबरों के कारण बाजार में अस्थिरता संभव है. लेकिन केवल ग्रहण के आधार पर बड़ी गिरावट की निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें- &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/astro/august-2026-youth-movement-prediction-cjp-protest-india-kundli-government-3164424&quot;&gt;CJP Protest Prediction: क्या मानी जाएंगी युवाओं की मांगें? अगस्त 2026 को लेकर भारत की कुंडली से बड़ी भविष्यवाणी&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/03/6632c80e6e5780a50c2f614b910522d11785752260076257_original.png" width="220"/></item></channel></rss>