आज दिसंबर 2025 के अंत में, चांदी (Silver) भारतीय बाजार (MCX) पर 2,10,000 प्रति किलो के आंकड़े को पार कर चुकी है. पिछले एक साल में चांदी ने 145% का रिटर्न देकर शेयर बाजार (Nifty-10% रिटर्न) को भी बौना साबित कर दिया है. लेकिन क्या यह 'सफेद सोना' आपके भाग्य के लिए भी उतना ही चमक रहा है?

Continues below advertisement

किनके लिए यह 'तेजी' खतरे की घंटी है?

भले ही चांदी आसमान छू रही हो, लेकिन ज्योतिषीय ग्रंथों के अनुसार अग्नि तत्व की राशियों (मेष, सिंह, धनु) और वृश्चिक राशि के लोगों को इस समय चांदी धारण करने से बचना चाहिए.

क्यों है खतरा? वर्तमान में शनि का मीन राशि में गोचर और चंद्रमा की चंचल स्थिति इन राशियों के लिए 'अति उत्साह' (Over-excitement) पैदा कर रही है. चांदी की शीतलता इनके 'अग्नि तत्व' को कुंठित कर सकती है, जिससे कार्यक्षेत्र में आपके निर्णय गलत हो सकते हैं.

Continues below advertisement

अगर आपका चंद्रमा 8वें या 12वें भाव में है, तो चांदी पहनने से आप इस बाजार की तेजी में 'फोमो' (FOMO - छूट जाने का डर) का शिकार होकर अपना जमा किया धन गंवा सकते हैं.

मार्केट रिपोर्ट 2025: ठोस चांदी खरीदना अब जोखिम भरा क्यों?

आज की तारीख में यदि आप भौतिक चांदी (सिक्के/ईंट) खरीदते हैं, तो आप सीधे 15-18% के घाटे से शुरुआत कर रहे हैं-

  • भारी टैक्स और चार्ज: 3% GST और औसत 10-12% मेकिंग चार्ज. यानी 2.1 लाख की चांदी पर आप लगभग 30,000 केवल टैक्स और चार्जेस में दे रहे हैं.
  • शुद्धता का संकट: बाजार में मांग इतनी अधिक है कि 2025 के डेटा के अनुसार भारत में चांदी की भारी कमी (Shortage) है, जिससे मिलावट का खतरा 40% बढ़ गया है.

ETF vs Physical: स्मार्ट निवेशक कहां हैं?

दिसंबर 2025 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, Silver ETF ने भौतिक चांदी के मुकाबले 162% तक का रिटर्न दिया है. बुध ग्रह (व्यापार) और चंद्रमा (चांदी) का मेल डिजिटल ट्रेडिंग (ETF) में अधिक फलदायी होता है. यदि आप व्यापारिक बुद्धि से लाभ कमाना चाहते हैं, तो कागजी चांदी यानी ETF ही श्रेष्ठ है.

2026 की भविष्यवाणी: क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?

विशेषज्ञों और मुंडेन ज्योतिष (Mundane Astrology) के अनुसार, 2026 में चांदी 2,40,000 के स्तर को छू सकती है. इसका कारण सौर ऊर्जा (Solar) और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में चांदी की बढ़ती खपत है. यानी की इसमे अभी गुंजाइश बनी हुई है.

विशेष सलाह: 2026 में शनि और राहु की बदलती चाल बाजार में बड़ी अस्थिरता ला सकती है. निवेश से पहले अपने पोर्टफोलियो को रीबैलेंस जरूर करें.

2026 के पहले सप्ताह में क्या होगा?

1 जनवरी 2026 को ब्रह्मांड में एक दुर्लभ 'चतुर्ग्रही योग' बन रहा है. नए साल के पहले दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा चारों एक साथ धनु राशि में विराजमान होंगे. धनु एक अग्नि तत्व राशि है और मंगल (अग्नि) और चंद्रमा (शीतल चांदी) का मिलन बाजार में भारी अस्थिरता (Volatility) पैदा करेगा.

इसलिए 1 से 7 जनवरी 2026 के बीच चांदी की कीमतों में 'अचानक' उछाल और फिर तेज 'प्रॉफिट बुकिंग' देखी जाएगी. 13-14 जनवरी (मकर संक्रांति) तक जब शुक्र और सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे, तब चांदी में एक नई और अधिक स्थिर तेजी की नींव पड़ेगी.

यदा मंगल-शशि युतिः, तदा रौप्य मूल्ये वृद्धिः. अर्थात: जब मंगल और चंद्रमा की युति होती है, तब चांदी के मूल्यों में तीव्र वृद्धि होती है. चूंकि 1 जनवरी को मंगल और चंद्रमा साथ हैं, यह शास्त्रों के अनुसार तेजी का ठोस संकेत है.

सावधानी: वृश्चिक राशि के लिए शनि 'चांदी के पाये' पर चल रहे हैं (Shani Chandi ka Paya), जो इनके लिए धन लाभ तो लाएंगे लेकिन चांदी धारण करना मानसिक अशांति दे सकता है. जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में बाजार Buy on Dips यानी (गिरावट पर खरीदें) की रणनीति पर चलेगा.

ज्योतिषीय सलाह: यदि आप मेष, सिंह या धनु राशि के हैं, तो इस सप्ताह चांदी में बड़ा पैसा न लगाएं, क्योंकि चतुर्ग्रही योग आपकी बुद्धि में भ्रम (Clouded Judgment) पैदा कर सकता है.

वित्तीय सलाह: 2025 में ETF ने भौतिक चांदी को 20% से पछाड़ा है. 2026 में भी यही रुझान जारी रहेगा.

नया साल चांदी के लिए 'विस्फोटक' रहेगा. 17 जनवरी 2026 के बाद जब मकर राशि में चतुर्ग्रही योग बनेगा, तब चांदी 2.50 लाख के स्तर को स्थायी रूप से पार कर सकती है. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.