Shani Ke Upay: शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए उत्तम माना गया है. इसीलिए शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है. शनिवार को पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. विधि पूर्वक पूजा करने से शनि के दोष दूर होते हैं. 22 मई को शनिदेव की पूजा का विशेष संयोग बन रहा है.


एकादशी की तिथि में करें शनि देव की पूजा
पंचांग के अनुसार 22 मई 2021 शनिवार को वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है. इस दिन शनिवार का दिन होने से इस तिथि का महत्व बढ़ जाता है. एकादशी की तिथि को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना गया है. वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. मोहिनी एकादशी पर समुद्र मंथन से अमृत कलश की प्राप्ति हुई थी. इसलिए आज के दिन शनिदेव की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं.


एकादशी तिथि का आरंभ
एकादशी तिथि प्रारम्भ:  22 मई 2021 को 09 : 15 ए एम बजे से.
एकादशी तिथि समाप्त: 23 मई 2021 को 06 : 42 ए एम बजे तक.


शाम के समय शनिदेव की करें पूजा
शनिदेव की पूजा का उत्तम समय शाम का माना जाता है, जब सूरज ढल जाता है. सूर्यास्त होने के बाद शनिदेव पूजा से प्रसन्न होते हैं. शनिदेव के अपने पिता सूर्य से अच्छे संबंध नहीं है.


शनि के उपाय
- शनि मंदिर में शनिदेव की पूजा करें.
- सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाएं.
- शनि मंत्र और शनि चालीसा का पाठ करें.
- काले रंग के छाते का दान करना चाहिए.
- रोगियों की सेवा करें.


न करें ये काम
- झूठ न बोलें.
- क्रोध न करें.
- परिश्रम करने वालों का अपमान न करें.
- धन का प्रयोग दूसरों को हानि पहुंचाने के लिए न करें.
- विवाद और तनाव की स्थिति से दूर रहें.
- वाणी को खराब न करें.


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