Budh Vakri 2022 Date: ज्योतिष काल गणना के अनुसार सभी ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करते रहते हैं. और अपना स्थान बदलते रहते हैं. यह एक दूसरे के साथ एक ही राशि में बिचरण भी करते हैं जब दो ग्रह एक ही राशि में होते हैं तो इसे युति कहा जाता है. 10 मई से बुध ग्रह वृषभ राशि में उल्टी चाल से प्रवेश कर रहा है. इसी दिन से इसकी चाल उल्टी हो जाएगी और इसका प्रभाव 3 जून तक रहेगा. बुद्ध के वक्री होने से सभी राशियों पर कुछ ना कुछ प्रभाव पड़ेगा. ग्रहों की उल्टी चाल से केवल अशुभ ही नहीं होता, बल्कि कुछ राशियों पर इसका शुभ प्रभाव भी पड़ता है.

बुद्धकेवक्रीचालकाइनराशियोंपरपड़ेगाप्रभाव (Mercury retrograde effects on zodiac sings)

वृषभराशि

बुध ग्रह वृषभ राशि में 10 मई को वक्री हो रहें हैं. जिसकी वजह से वृषभ राशि वाले लोगों को अत्यधिक लाभ होने की संभावना है. नौकरी में पदोन्नति होगी, कार्य क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी. नए व्यापार और नए निवेश में सफलता प्राप्त होगी. 3 जून तक बुध ग्रह के वृषभ राशि में रहने से वृषभ राशि वाले जातकों पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा.

कर्कराशि

कर्क राशि वाले जातकों पर बुध के वक्री होने का विशेष प्रभाव पड़ेगा. व्यापार में वृद्धि की संभावना है. नये निवेश में लाभ प्राप्त होगा. कई तरीकों से आय में वृद्धि होगी. आय-व्यय में संतुलन बनाकर रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.

मीनराशि

बुध की वक्री चाल का असर मीन राशि पर भी पड़ेगा. मीन राशि वाले जातकों को 10 मई से 3 जून तक विशेष लाभ मिलने की संभावना है. इस समय इनको कार्य में अत्यधिक सफलता मिलेगी. पदोन्नति की संभावना है. नए निवेश से व्यापार के बढने के अवसर प्राप्त होंगे. मीन राशि वालों को धन लाभ की संभावना है.

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