Purnima Chandra Grahan 2026: चैत्र पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इसका अहम कारण यह है कि, चैत्र माह में पड़ने वाली पूर्णिमा हिंदू नववर्ष की शुरुआत के बाद ही पहली पूर्णिमा होती है. साथ ही चैत्र पूर्णिमा पर हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti 2026) भी मनाई जाती है. लेकिन इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के बीच काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है. इसका कारण है कि, चैत्र पूर्णिमा 1 और 2 अप्रैल दोनों ही दिन पड़ रही है.

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1 अप्रैल सुबह 07:06 बजे से पूर्णिमा तिथि लग चुकी है और 2 अप्रैल को सुबह 07:41 बजे समाप्त हो जाएगी. उदयातिथि के अनुसार 2 अप्रैल को पूर्णिमा का स्नान-दान होगा. लेकिन चंद्रमा पूजन के लिए 1 अप्रैल की तिथि शुभ रहेगी.

चैत्र पूर्णिमा की तिथि को लेकर एक ओर पहले से ही लोगों में कंफ्यूजन की स्थिति थी. लेकिन इसी बीच कई लोग यह मान रहे हैं कि, चैत्र पूर्णिमा पर 1 या 2 अप्रैल को चंद्र ग्रहण भी लगेगा. ग्रहण की खबरों की वजह से चिंता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि, हिंदू धर्म में ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ जैसे कार्य वर्जित हो जाते हैं. आइए जानते हैं, क्या सच में चैत्र पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का काला साया रहने वाला है.

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चैत्र पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का काला साया !

सबसे पहले आपको बता दें कि, चैत्र पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है. चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगा था और इसके बाद 28 अगस्त को लगेगा. ऐसे में आपको सोशल मीडिया पर चल रही किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है. पंचांग में भी चैत्र पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगने का जिक्र नहीं किया गया है. इसलिए चैत्र पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगने की खबर सही नहीं है. बल्कि आज चंद्रमा पूर्ण रूप से चमकदार रहेगा, जिसे पिंक मून (Pink Moon) कहा जाता है.

कई बार ग्रहण की तिथि और समय को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी भी सामने आने लगती है या पुरानी वीडियो भी फीड में आ जाती है, जिस कारण भ्रण की स्थिति पैदा होती है.

चैत्र पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की खबरों के वायरल होने का एक कारण यह भी है कि, चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर ही लगता है. ऐसे में जब-जब पूर्णिमा पड़ती है तो कई लोग कंफ्यूजन हो जाते हैं और सर्च करने लगते हैं कि, क्या इस पर्णिमा पर कोई ग्रहण लगने वाला है या नहीं.

लेकिन आपको बता दें कि, ज्योतिषी गणना और खगोलशास्त्रियों के अनुसार, प्रत्येक माह की पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण की स्थिति नहीं बनती है. चंद्र ग्रहण तभी लगता है जब, पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है. ऐसी स्थिति हर पूर्णिमा पर नहीं बनती, क्योंकि इसके लिए पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा का एक विशेष स्थिति में होना जरूरी होता है.

ये भी पढ़ें: Chaitra Purnima 2026 Date: हिंदू कैलेंडर की पहली पूर्णिमा पर महाभ्रम! 1 या 2 अप्रैल चैत्र पू्र्णिमा कबDisclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.