Kabir Das Ke Dohe: भारत के प्रसिद्ध कवि संत कबीर दास जी की आज जयंती है. संत कबीरदास के लेखन में बीजक, सखी ग्रंथ, कबीर ग्रंथवाली और अनुराग सागर शामिल हैं. कबीर को दो पंक्ति के दोहे से कई लोगों का जीवन संवर चुका है. उनकी जयंती पर आप अपने दोस्तों और प्रियजनों को ये शुभकामना संदेश भेज सकते हैं.

चलती चक्की देख के, दिया कबीरा रोएदो पाटन के बीच में, साबुत बचा न कोए।

ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आगतेरा साईं तुझ ही में है, जाग सके तो जाग।

जग में बैरी कोई नहीं, जो मन शीतल होएयह आपा तो डाल दे, दया करे सब कोए।

सब धरती काजग करूं, लेखनी सब वनराजसात समुद्र की मसि करूं, गुरु गुण लिखा न जाए।

मलिन आवत देख के, कलियन कहे पुकारफूले फूले चुन लिए, कलि हमारी बार।

जाती न पूछो साधू की, पूछ लीजिए ज्ञानमोल करो तलवार का, पड़ा रहने दो म्यान।

तीरथ गए से एक फल, संत मिले फल चारसतगुरु मिले अनेक फल, कहे कबीर विचार।

नहाये धोये क्या हुआ, जो मन मैल न जाएमीन सदा जल में रहे, धोये बास न जाए।

कबीर सुता क्या करे, जागी न जपे मुरारीएक दिन तू भी सोवेगा, लम्बे पाँव पसारी।

दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोयजो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय।

Happy Kabir Jayanti 2022 Wishes: कबीर दास जयंती पर दोस्तों और रिश्तेदारों को भेजें ये प्रेरणादायक संदेश

Parikrama Benefit: मंदिर में क्यों लगाई जाती है परिक्रमा, घड़ी की दिशा में परिक्रमा लगाने के पीछे है ये वजह