Guru Grah Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सभी ग्रहों की तरह गुरु ग्रह भी समय-समय पर अपनी चाल बदलते हैं. लेकिन गुरु का अपनी उच्च राशि यानी कर्क में आना साधारण घटना नहीं है. गुरु किसी एक राशि में करीब 12 महीने तक रहते हैं. ऐसे में पूरे 12 साल बाद गुरु वापिस अपनी उच्च राशि कर्क में आएं हैं.

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पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक और देश के जाने-माने प्रतिष्ठित ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अनीष व्यास के अनुसार, गुरु के कर्क राशि में आते ही देश-दुनिया समेत सभी 12 राशियों पर इसका असर देखने को मिलेगा. कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव भी होंगे.

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12 साल बाद उच्च के हुए गुरु

ज्योति में देव गुरु बृहस्पति को ज्ञान, संतान, धन, विवाह, आयु, धर्म और भाग्य का कारक माना जाता है. वहीं कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जो गुरु के परम मित्र हैं. इसलिए जब गुरु कर्क राशि में होते हैं, तो वे अपने सबसे शक्तिशाली और सकारात्मक रूप में होते हैं. इसलिए इसे 'उच्च का गुरु' कहा जाता है.

गुरु गोचर का असर

गुरु के कर्क राशि में आते ही देश-दुनिया और बाजार में असर देखने को मिल सकता है. अर्थव्यवस्था में उछाल की संभावना रहती है, सोना-चांदी के दाम में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है, शिक्षा और आध्यात्मिक क्षेत्रों में लोगों की रुचि बढ़ सकती है.

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गुरु ग्रह कमजोर हो तो बढ़ सकती हैं परेशानी

गुरु की चाल में बदलाव होने से लोगों के जीवन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है. ज्योतिष अनुसार, गुरु का यह गोचर मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन जैसी राशियों के लिए शुभ बताया जा रहा है. वहीं धनु, मिथुन और मकर राशि के लिए थोड़ा सावधानी वाला समय रहेगा. वहीं गुरु गोचर का असर कुंडली में भी गुरु की स्थिति पर पड़ता है. अगर आपकी कुंडली में गुरु कमजोर है, अशुभ फल दे रहे हैं या फिर आपकी राशि के लिए गुरु गोचर प्रतिकूल फलदायी है तो ऐसे लोग गुरु को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं. ये उपाय 2 जून से लेकर अगले एक वर्ष तक प्रभावी रहेंगे.

गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय (guru Brihaspati grah Upay)
गुरुवार व्रतगुरुवार के दिन भगवान विष्णु और केले के पेड़ की पूजा करें. पूजा में घी का दीपक जलाएं.
दानगुरुवार को पीली चीजों का दान करना शुभ होता है. आप चने की दाल, केला, हल्दी या पीले वस्त्र का दान किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को कर सकते हैं.
तिलकनियमित स्नान के बाद सुबह अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं. इससे गुरु ग्रह का आशीर्वाद मिलता है.
मंत्र जाप 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' मंत्र का तुलसी या चंदन की माला से 108 बार जाप करना फलदायी होता है.
बड़ों का सम्मान

जो लोग बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता, ब्राह्मणों और गुरु जनों का आशीर्वाद लेते हैं, उनपर सदैव देव गुरु बृहस्पति की कृपा रहती है. गुरु को प्रसन्न करने का यह सबसे सरल और अचूक उपाय है.

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