Jupiter Transit 2023, Guru Gochar 2023: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को काफी शुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है. वे वैभव, धन, संपदा के कारक ग्रह हैं. पंचांग के मुताबिक देव गुरु बृहस्पति 13 अप्रैल 2022 को मीन राशि में प्रवेश किये थे. मीन राशि में वे मार्गी अवस्था अर्थात सीधी चाल में प्रवेश किये थे. उसके बाद 24 जुलाई 2022 को मीन राशि में वक्री हो गए थे. गुरु एक बार फिर मीन राशि में 24 नवंबर 2022 को मार्गी हुए है.

देवगुरुहुएमार्गी (Guru Margi Gochar 2023)

देव गुरु बृहस्पति 24 नवंबर को सुबह 4 बजकर 27 मिनट से मीन राशि में सीधी चाल से चल रहें हैं. वे यहां पर 22 अप्रैल 2023 को मेष राशि में प्रवेश करने के पहले तक संचरण करेगे.  मीन राशि में सीधी चाल से चलने के कारण कई राशियों को विशेष लाभ होगा तो वहीं सिंह राशि, तुला राशि, धनु राशि और कुंभ राशि के लोगों को नुकसान भी हो सकता है. जिनकी कुंडली में गुरु अशुभ हैं, उन्हें गुरु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए ये उपाय जरूर करना चाहिए.

कुंडलीमेंगुरुकेअशुभप्रभावकोदूरकरनेकेउपाय

  • नाभि पर केसर का तिलक लगाने से गुरु प्रसन्न होते हैं और अशुभ फल प्रदान करना बंद कर देते हैं.
  • किसी जरुरतमंद को पीले वस्त्रों का दान करेंं.
  • गुरु को शुभ बनाने के लिए भगवान ब्रह्मा की उपासना करनी चाहिए. इससे भी गुरु की अशुभता दूर होती है.
  • अपने गुरु का सम्मान करें.

गुरुकोप्रसन्नकरनेकेमंत्र : गुरु को प्रसन्न करने के लिए इनमें से किसी एक मंत्र का जाप नियमित रूप से करें. इससे कुंडली में गुरु के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं.

  1. ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:
  2. ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:
  3. ॐ गुं गुरवे नम:
  4. ॐ बृं बृहस्पतये नम:
  5. ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:

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