Guru Vakri 2022, Jupiter Retrograde: ज्योतिष शास्त्र में देव गुरु बृहस्पति को ज्ञान, शिक्षक, संतान, शिक्षा, धार्मिक कार्य, पवित्र स्थल, धन, दान, पुण्य और वृद्धि आदि का कारक ग्रह माना जाता है. देव गुरु बृहस्पति धनु और मीन राशि के स्वामी होते है. इनकी उच्च राशि कर्क और इनकी नीच राशि मकर मानी जाती है. ज्योतिष के मुताबिक़ गुरु 29 जुलाई 2022 को मीन राशि में वक्री हुए थे और 24 नवंबर को सुबह 4:35 बजे मार्गी होंगे. गुरु के वक्री होने से सभी 12 राशियां प्रभावित होगी. कुछ पर शुभ प्रभाव पड़ेगा तो कुछ पर अशुभ प्रभाव होगा. जिन राशियों पर गुरु वक्री का अशुभ प्रभाव हो रहा है, उन्हें 24 नवंबर तक सजग रहना होगा, नहीं तो नुकसान उठाना पड़ सकता है.  

गुरुवक्रीकाइनराशियोंपरहोगाअशुभप्रभाव  

मेषराशि: इस राशि के जातकों के लिए देव गुरु बृहस्पति 9वें और 12वें भाव के स्वामी होते हैं. ऐसे में इनके प्रभाव से इन जातकों को कार्यस्थल पर सहयोगियों के अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है.  व्यापार में समस्याएं आ सकती हैं. निवेश से बचें, क्योंकि यह समय आपके लिए शुभ नहीं है.

वृषभराशि: इस दौरान इस राशि के जातकों के खर्चे में बढ़ोत्तरी होगी.जिसके परिणाम स्वरूप इन्हें आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता है. सेहत ख़राब हो सकती है.   

मिथुनराशि: इन राशियों के जातकों को पारिवारिक समस्याएं हो सकती हैं. इन्हें किसी विवाद का सामना करना पड़ सकता है. यदि कोई नया काम या व्यापार शुरू करना चाह रहें हैं, तो यह समय अनुकूल नहीं है.

कन्याराशि: कन्या राशि के जातकों को निजी जीवन में परेशानियां आ सकती हैं. स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं.

तुलाराशि: इनके खर्चो में वृद्धि होगी. व्यापार/ कारोबार में हानि हो सकती है. जीवन साथी के साथ विवाद की संभावना है. कार्यस्थल पर कुछ समस्यायें आ सकती हैं.  

 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.