Gold Astrology: भारतीय परंपरा में ऐसा कहा जाता है कि-सोना कभी मिट्टी नहीं होता. यानी इसका मूल्य कभी घटता नहीं है. इसलिए मिडिल क्लास से लेकर करोड़पति भी अपनी बचत के अनुसार सोने में निवेश करते हैं. क्योंकि जीवन में कभी न कभी उन्हें इसका फायदा ही मिलेगा. यही कारण है कि लोग सोने को केवल आभूषण नहीं, बल्कि एक स्थायी निवेश के तौर पर भी देखते हैं. गोल्ड को एक परंपरागत संपत्ति और मजबूत वित्तीय वस्तु भी माना जाता है.

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हिंदू धर्म और ज्योतिषीय दृष्टि से देखें तो सोना खरीदने, बेचने, पहनने और उतारने के लिए भी उचित तिथि या वार बताए गए हैं. इसलिए सोने की खरीदारी करने से पहले लोग शुभ मुहूर्त या शुभ दिन पर विशेष ध्यान देते हैं, जिससे कि उन्हें इसका लाभ मिल सके.

गोल्ड निवेश से पहले ध्यान रखें ये बातें

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इसी प्रकार अगर आप सोने या गोल्ड में निवेश करने की सोच रहे हैं तो इसके लिए भी आपको शुभ समय पर जरूर ध्यान देना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल न केवल व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि आर्थिक बाजार (Share Market), निवेश (Investment) और धन-संपत्ति पर भी गहरा असर पड़ता है. जब शुभ ग्रह अनुकूल स्थिति में आते हैं, तो धन वृद्धि, निवेश में लाभ और आर्थिक स्थिरता की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास बताते हैं कि- जब गुरु (बृहस्पति) और शुक्र जैसे शुभ ग्रह अनुकूल स्थिति में हों तब सोने में निवेश का सही समय होता है. इन ग्रहों की अनुकूल चाल से धन प्राप्ति, निवेश में लाभ और लक्ष्मी कृपा के योग बनते हैं.

इसलिए जब आकाश में शुभ ग्रहों का संगम होता है तब धरती पर सोना अपने असली मूल्य से भी अधिक चमकने लगता है और इस समय निवेश किए गए सोने से भविष्य में भी लाभ होता है. वहीं कुंडली में यदि इन दोनों ग्रहों की शुभ स्थिति के साथ-साथ सूर्य मजबूत है तो निवेश से अच्छा लाभ प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है.

क्या अभी सोने में निवेश का कोई शुभ योग बन रहा है

वर्तमान समय में गुरु और शुक्र के संगम से सोने में निवेश का कोई ऐसा मजबूत योग तो नहीं बन रहा है. लेकिन इस समय शुक्र मजबूत स्थिति में हैं, जोकि किसी भी तरह के निवेश के लिए अनुकूल हैं. इसलिए इस समय सोने जैसे स्थायी निवेश से भी लाभ मिलने की प्रबल संभावना है.

2 नवंबर 2025 को शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि तुला में गोचर कर चुके हैं. तुला राशि में शुक्र मजबूत स्थिति में होता है. शुक्र धन, विलासिता और भौतिक सुखों का कारक है और शुक्र का स्वराशि में होना धन संबंधी मामलों के लिए एक अनुकूल माहौल बनाता है.

वहीं बृहस्पति (गुरु) वर्तमान में कर्क राशि में वक्री गति में हैं. जब गुरु वक्री होते हैं, तो सोने के कारक के रूप में उनकी गति धीमी हो जाती है. यह कभी-कभी बाजार में अस्थिरता या बड़े निवेश के लिए अत्यधिक सावधानी का संकेत भी होता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.