Maa Brahmacharini Puja 2023: आज चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन है. यह दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है. इस दिन पूरे विधि-विधान से माता रानी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है. जो भक्त पूरे श्रद्धाभाव से मां के इस रूप की पूजा करते हैं उन्हें माता की विशेष कृपा मिलती है. मां ब्रह्मचारिणी हजारों वर्षों तक वे कठिन तपस्या करती रही थीं. इसलिए मां के इस स्वरूप को तपश्चारिणी भी कहा जाता है. माना जाता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से व्यक्ति के अंदर संयम और त्याग की भावना आती है. जानते हैं मां का प्रिय रंग क्या है और उन्हें कौन सा भोग लगाया जाता है.
मां ब्रह्मचारिणी का प्रिय रंग और भोग
मां ब्रह्मचारिणी को पीला और सफेद रंग पसंद है. इस दिन आप अपने घर के मंदिर को गेंदे के फूल से सजा सकते हैं. पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहन कर पूजा करने से मां ब्रह्मचारिणी शीघ्र प्रसन्न होती हैं. हिंदू धर्म पर पीले रंग को शिक्षा और ज्ञान का रंग माना गया है. वहीं मां ब्रह्मचारिणी को चीनी और मिश्री काफी पसंद है तो आप आज के दिन चीनी और मिश्री और पंचामृत का भोग लगाएं. इन्हीं चीजों का दान करने से भी मां की कृपा प्राप्त होती है.
ऐसे करें मां मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
आज के दिन की पूजा, कलश और भगवान गणेश की पूजा के साथ प्रारंभ करें. पूजा में फूल, चंदन, रोली, अवश्य शामिल करें. देवी ब्रह्मचारिणी को कमल का फूल बेहद प्रिय है. आज के दिन की पूजा में कमल का फूल अवश्य शामिल करना चाहिए. मां को दूध से बनी कोई वस्तु का भोग लगाएं. अब दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. पूजा के अंत में आरती करें और माता रानी से अपनी मनोकामना कहें.
देवी ब्रह्मचारिणी का पूजा मंत्र
“दधाना करपद्माभ्यं, अक्षमालाकमाली। देवी प्रसूदतु माई, ब्रह्मचार्यानुत्तमा ..”
“दधाना करपद्माभ्याम्, अक्षमालाकमंडलु। देवी प्रसीदतु माई, ब्रह्मचारिण्यानुत्तमा।।”
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