Astrology: ज्योतिष शास्त्र में कोई भी गणना ग्रह नक्षत्रों और राशियों को देखकर की जाती है. इसी के आधार पर जन्म लेने वाले जातकों का हाव-भाव व्यवहार और उसके जीवन में आने वाली कठिनाई, परेशानी, उतार चढ़ाव आदि के बारे में आंकलन किया जाता है. सनातन धर्म में 12 राशियां होती हैं. इन्हीं राशियों में ही लोगों का व्यक्तित्व छुपा होता है. ज्योतिष काल गणना के अनुसार धरती पर जन्म लेने वाले जातकों की राशियां निर्धारित होती हैं. तत्पश्चात जातक के भविष्य का अनुमान लगाया जाता है.

अलग-अलग राशियों में जन्म लेने वाले जातकों का व्यवहार अलग अलग होता है. सभी जातकों का हाव-भाव, चाल-चलन, रंग-रूप, नाक-नक्श आदि भिन्न होता है. जातकों की राशियों को जानकर इनके बारे में लगभग लगभग पूरी सत्यता के साथ बताया जा सकता है.

इसराशिकेजातकहोतेहैंचतुरऔरस्वार्थी

कन्या राशि (Virgo) में जन्म लेने वाले जातक तीखे नाक-नक्श चूस्त चाल-ढाल और आकर्षक व्यक्तित्व वाले व्यक्ति होते हैं. इस राशि के जातकों में वाकपटुता अधिक होती है. ये सरलता से किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर लेते हैं. इनमें लोगों से मिलने जुलने की विलक्षण क्षमता होती है. इसी क्षमता के आधार पर ये लोगों से अपना काम निकालने में सफल होते हैं.

ये बचपन से ही अपने स्वार्थ के प्रति इतने जागरूक होते हैं कि इन्हें लोगों का इस्तेमाल करना बड़ी आसानी से आता है और यह सिर्फ चतुराई का ढोंग करते हैं. जबकि इनका सीधा सा मतलब होता है कि किसी व्यक्ति विशेष से अपना काम कैसे निकाला जाए.

कन्या राशि में जन्म लेने वाले जातक अपने घर को सजाने में रुचि रखते हैं. ये लोग अपना पैसा खर्च करने में यकीन नहीं करते हैं. बहुत ही मितव्ययी होते हैं. पैसा खर्च करने में इन्हें बहुत परेशानी होती है. बहुत ही कंजूस प्रकृति के लोग होते हैं.

 

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