Mahatma Vidur ki Nitiyan: महात्मा विदुर (Mahatma Vidur) ने अपने विदुर नीति (Vidur Niti) में इस बात का उल्लेख किया है कि किस प्रकार के लोग हमेशा सुखी रहते हैं. महात्मा विदुर महाभारत काल (Period of Mahabharat) के कुशल राजनीतिक और मार्गदर्शक थे. उन्होंने अपने अनुभव और विवेक से महाराज धृतराष्ट्र को कठिन समय में सलाह दी और उन्हें लोगों को परखने और उनके बारे में जानने के उपाय बताएं, क्योंकि महाराष्ट्र धृतराष्ट्र जन्मांध थे. लोगों की भाषा को सुनकर के ही उनके बारे में विचार बना सकते थे.

ये 6 चीजेंहैंपरमसुखकीनिशानी

  1. धनप्राप्तिहोना: महात्मा विदुर जी कहते हैं कि जिस व्यक्ति को धन की प्राप्ति सदैव होती रहती है. जिसके घर में कभी भी धनाभाव नहीं होता है. वह सदा सुखी रहता है.
  2. हमेशास्वस्थरहना: जिस व्यक्ति का स्वास्थ्य हमेशा ठीक रहता है. जो शारीरिक रोगों से मुक्त रहता है. जिसे मानसिक कष्ट नहीं रहता है. वह व्यक्ति सदा सुखी रहता है.
  3. आज्ञाकारीपुत्र: इस संसार में वह व्यक्ति परम सुखी है जिसका पुत्र आज्ञाकारी होता है. अपने माता-पिता का सम्मान करने वाला पुत्र परिवार को सुख प्रदान करता है.
  4. सुंदरभार्या: विदुर जी कहते हैं कि संसार में परम सुख प्राप्त करने वाला व्यक्ति वह है जिसके पास सुंदर पत्नी हो.
  5. प्रियबोलनेवालीभार्या: महिलाओं को घर की लक्ष्मी कहा जाता है. जिस घर में महिला का सम्मान होता है. उस घर में मां लक्ष्मी का वास होता है. विदुर जी कहते हैं कि जिस आदमी की प्रिय बोलने वाली पत्नी हो. वह सदा सुखी रहता है.
  6. मनोरथपूर्णकरनेवालीविद्या: विदुर नीति ( Vidur Niti) के अनुसार मनोरथ पूर्ण करने वाली विद्या ही सर्वोच्च विद्या है. यह विद्या जिस व्यक्ति के पास होती है. वह व्यक्ति सदा सुखी रहता है.

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