Farmer Registry : आज के समय में खेती भी धीरे-धीरे डिजिटल होती जा रही है. सरकार चाहती है कि हर किसान तक योजनाओं का फायदा सीधे और बिना किसी परेशानी के पहुंचे. पहले किसानों की सही जानकारी अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता था, कहीं जमीन का रिकॉर्ड, कहीं बैंक की जानकारी, तो कहीं योजना का डेटा. इसी कारण कई बार पात्र किसान भी योजनाओं का फायदा नहीं ले पाते थे. इसी समस्या को दूर करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री शुरू की गई है. यह एक तरह की डिजिटल पहचान (Digital ID) है, जिसमें किसान की जमीन, फसल और व्यक्तिगत जानकारी एक जगह दर्ज होती है.

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इससे सरकार को यह पता रहता है कि कौन किसान किस योजना के लिए पात्र है और उसे समय पर लाभ दिया जा सकता है.  उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे बहुत गंभीरता से लागू करना शुरू कर दिया है.  अब इसे हर किसान के लिए जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में बिना फार्मर रजिस्ट्री के सरकारी योजनाओं का फायदा मिलना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री क्यों जरूरी है. इसका पूरा प्रोसेस और डेडलाइन क्या है. 

क्या है फार्मर रजिस्ट्री?

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फार्मर रजिस्ट्री एक यूनिक किसान पहचान संख्या होती है.  इसमें किसान की जमीन की पूरी जानकारी, कौन सी फसल बोई जा रही है, किसान का आधार और मोबाइल नंबर, बैंक और योजना से जुड़ी जानकारी शामिल होती हैं.  यह किसान की डिजिटल फाइल है जो हमेशा काम आएगी. 

किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री क्यों जरूरी है

1. सरकारी योजनाओं का सीधा फायदा - फार्मर रजिस्ट्री होने से किसान को योजनाओं का पैसा सीधे खाते में मिलता है. जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, कृषि सब्सिडी. इससे बीच में शामिल लोगों का झंझट खत्म हो जाता है. 

2. आसानी से मिलेगा कृषि लोन (KCC) -  पहले किसानों को बैंक में बहुत कागजी काम करना पड़ता था. अब फार्मर आईडी डालते ही पूरी जानकारी सामने आ जाएगी. केसीसी जल्दी बन जाएगा और कम ब्याज पर लोन मिलने में आसानी होगी. 

3. सही दाम पर फसल बेचने में मदद - फार्मर रजिस्ट्री से किसान एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर फसल बेच सकते हैं. ऑनलाइन मंडियों (जैसे e-NAM) से जुड़ सकते हैं. इससे उन्हें अपनी फसल का सही दाम मिलता है.

4. बीज, खाद और उपकरण पर सब्सिडी - रजिस्ट्री होने पर अच्छी क्वालिटी के बीज मिलते हैं, खाद और कृषि मशीनों पर सब्सिडी मिलती है. खेती की लागत कम हो जाती है

5.  पूरी सुरक्षा - इससे किसान की सारी जानकारी सुरक्षित रहती है. गलत नाम या रिकॉर्ड आसानी से सुधारे जा सकते हैं और फ्यूचर में कोई धोखाधड़ी होने से बच सकते हैं. 

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इसकी डेडलाइन क्या है ?

सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से पूरा करने के लिए समय सीमा तय की है. 1 मई 2026 तक इसकी पूरी डिजिटल व्यवस्था तैयार कर दी जाएगी. कई जगहों पर अप्रैल महीने में ही विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं. कुछ जिलों में 6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक अभियान चलाया गया. ऐसे में किसानों को जल्दी से जल्दी अपना रजिस्ट्रेशन करवा लेना चाहिए. सरकार ने साफ कहा है कि बिना फार्मर रजिस्ट्री के योजनाओं का फायदा नहीं मिलेगा. सम्मान निधि की किस्त रुक सकती है. खाद और बीज मिलने में दिक्कत होगी. 

फार्मर रजिस्ट्री कराने का पूरा प्रोसेस क्या है

फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर होना जरूरी है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे आसान तरीका है कि किसान अपने गांव में लगाए जा रहे सरकारी कैंप में जाए, जहां यह प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त होती है और अधिकारी खुद मदद करते हैं. इसके अलावा किसान जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर भी रजिस्ट्री करवा सकते हैं, हालांकि वहां थोड़ा शुल्क लग सकता है. साथ ही सरकार इसे पूरी तरह ऑनलाइन भी करने वाली है, जिससे किसान घर बैठे ही पोर्टल के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे. 

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