White Pomegranate Seeds: कई लोग बड़े चाव से अपने घर के आंगन में अनार का पेड़ लगाते हैं, उसकी देखभाल करते हैं. हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि अनार में आए फल जब खाने के लिए तोड़े जाते हैं, तो उनके दाने लाल नहीं होते, बल्कि सफेद या हल्के गुलाबी निकलते हैं. जबकि, ऊपर से अनार देखने में बिल्कुल ठीक और साइज में भी बड़ा लगता है. अगर आपके साथ भी ऐसा ही हुआ है और घर पर लगे अनार के दाने लाल नहीं हो रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक और बागवानी से जुड़े कारण हो सकते है. आइए जानते है की अनार के दाने के लाल न होने की वजह क्या है...

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पोषक तत्वों की भारी कमी

अनार के दानो को लाल रंग देने में पोषक तत्व एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. दानों के लाल रंग, रसीले और मीठे बनाने के लिए मिट्टी में बोरान और पोटैशियम का होना बेहद जरूरी है. बोरान पौधे में शर्करा को पत्तियों से फलों के दानों तक पहुचानें का काम करता है, अगर इसकी कमी हो गई तो दाने बेजान और सफेद रह जायेंगे. साथ ही पोटैशियम अनार को लाल रंग देने का काम करता है, ऐसे में पोटैशियम की कमी फलों के रंग को प्रभावित कर सकती है. 

पौधे की किस्म सही होना

कई बार समस्या देखभाल में नहीं बल्कि पौधे की किस्म में होती है. आज भी भारत में कई ऐसी अनार की देसी और पारम्परिक किस्म हैं जो पूरा पकने के बाद भी अंदर से सफेद या हल्के भूरे रंग की ही रहती है. हालांकि, यह स्वाद में वैसे ही मीठे लग लगते हैं जैसे लाल अनार. ऐसे में आप इस बात की पुष्टि कर लें कि आपने किस किस्म का पौधा लगा रहा है. अगर आप सुर्ख लाल रंग के अनार चाहते हैं तो भगवा, सिंदूरी या गणेश जैसी उन्नत किस्म को चुनें, क्योंकि इन किस्म के अनार दिखने में लाल और स्वाद में बेहद मीठे होते हैं. 

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पर्याप्त पानी और धूप न मिलना 

अनार एक उष्णकटिबन्धीय पौधा है. इसे फलने-फूलने और एक निश्चित ग्रोथ के लिए रोजाना कम से कम 6 से 8 घंटे की धूप की जरूरत होती है. ऐसे में आप अनार के पौधे को ऐसी जगह पर लगाएं, जहां रोजाना पर्याप्त मात्रा में धूप मिलती रहे. साथ ही, आपके पानी देने का तरीका भी अनार के लाल न होने का एक बड़ा कारण हो सकता है, क्योंकि अनार के पौधे को संतुलित नमी पसंद होती है, ऐसे में कई लोग मिट्टी सूखने पर कई दिनों तक पानी नहीं देते और फिर एक दिन अचानक ज्यादा पानी डाल देते हैं. पानी के इस उतार-चढ़ाव के कारण फल ठीक से विकसित नहीं हो पाते और कई बार फल बीच से फटने लगते हैं. 

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