Flowers Not Turning into Fruit: कई बार किसानों और घर में बागवानी करने वालों को यह समस्या दिखती है कि पौधे में फूल तो खूब आते हैं, लेकिन वे फल में नहीं बदल पाते. फूल आने के कुछ दिन बाद ही झड़ जाते हैं या सूख जाते हैं, इससे किसान को नुकसान होता है क्योंकि मेहनत तो पूरी लगती है लेकिन पैदावार नहीं मिल पाती. इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जैसे पोषक तत्वों की कमी, परागण न होना या मौसम की गड़बड़ी. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी कि फूल फल में क्यों नहीं बदलते और इसे कैसे ठीक करें. 

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पोषक तत्वों की कमी सबसे बड़ी वजह

फूल से फल बनने के लिए पौधे को सही मात्रा में पोषक तत्व चाहिए होते हैं. अगर मिट्टी में फास्फोरस और पोटाश की कमी हो तो फूल तो आ जाते हैं लेकिन वे फल बनने से पहले ही झड़ जाते हैं. इसके अलावा अगर पौधे को सिर्फ नाइट्रोजन वाली खाद ज्यादा मात्रा में दी जाए तो पौधे तो तेजी से बढ़ते हैं, लेकिन फूल कमजोर रह जाते हैं और फल नहीं बन पाते. इसलिए फूल आने के समय पौधे को ऐसी खाद देनी चाहिए जिसमें फास्फोरस और पोटाश की मात्रा ज्यादा हो. साथ ही बोरॉन और जिंक जैसे छोटे तत्वों की कमी से भी फूल झड़ने लगते हैं, इसलिए संतुलित खाद देना बहुत जरूरी होता है. 

फूल से फल बनने के लिए परागण होना बहुत जरूरी है, यानी फूल के नर भाग से पराग कण मादा भाग तक पहुंचना चाहिए. यह काम ज्यादातर मधुमक्खियां, तितलियां और हवा करती हैं. अगर खेत के आसपास कीटनाशक का ज्यादा छिड़काव किया जाए तो मधुमक्खियां और दूसरे कीड़े कम आते हैं, जिससे परागण ठीक से नहीं हो पाता और फूल बिना फल बने ही गिर जाते हैं. इसके अलावा अगर मौसम बहुत ज्यादा गर्म, ठंडा या नमी वाला हो, तो भी परागण की प्रक्रिया प्रभावित होती है. किसानों को चाहिए कि फूल आने के समय जरूरत से ज्यादा कीटनाशक का छिड़काव न करें, ताकि परागण करने वाले कीड़े खेत में आते रहें. 

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पानी और मौसम का सही तालमेल जरूरी

फूल आने के समय पौधे को पानी की सही मात्रा मिलना भी बहुत जरूरी होता है. अगर इस समय पानी की कमी हो जाए तो फूल झड़ने लगते हैं. वहीं अगर पानी बहुत ज्यादा दिया जाए तो जड़ों को नुकसान होता है जिसका असर फूल और फल दोनों पर पड़ता है.  इसके अलावा तेज गर्मी या अचानक ठंड पड़ने से भी फूल कमजोर होकर गिर जाते हैं. इसलिए किसानों को मौसम के हिसाब से पानी की मात्रा तय करनी चाहिए और फूल आने के समय पौधे पर खास ध्यान देना चाहिए.  

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