Wheat procurement in MP: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए रबी सीजन की सबसे बड़ी खबर आ गई है. राज्य सरकार ने गेहूं की सरकारी खरीदी यानी उपार्जन के लिए नई तारीखों का ऑफिशियल ऐलान कर दिया है, जिससे लाखों किसानों का इंतजार अब खत्म होने वाला है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग के बाद यह साफ हो गया है कि इस बार खरीदी की पूरी प्रोसेस को काफी स्मूथ और हाई-टेक बनाने की तैयारी है. 

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सरकार ने प्रदेश की अलग-अलग भौगोलिक स्थितियों और मंडियों में फसल की आवक को देखते हुए तारीखों में थोड़ा बदलाव किया है. जिससे किसी भी सेंटर पर अचानक भीड़ न बढ़े और किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई दिक्कत न आए. इस बार की व्यवस्था पहले से काफी अलग और किसान-फ्रेंडली नजर आ रही है. जान लें नई तारीखें क्या हैं.

दो फेज में शुरू होगा उपार्जन का काम

मध्य प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के मुताबिक इस साल गेहूं की तुलाई और खरीदी को दो चरणों में बांटा गया है. पहले फेज की शुरुआत 10 अप्रैल 2026 से होगी. जिसमें इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम जैसे संभागों को कवर किया जाएगा. इसके ठीक पांच दिन बाद यानी 15 अप्रैल से दूसरे फेज में ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में सेंटर्स खुल जाएंगे.

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  • फसल की जल्दी आवक वाले इलाकों में पहले खरीदी शुरू करने का फैसला लिया गया है.
  • इस दो-चरणीय व्यवस्था से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन मैनेज करना आसान होगा.
  • किसानों को अपनी बारी के लिए बेवजह लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

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बोनस के साथ अब मिलेगा तगड़ा मुनाफा

एमपी सरकार ने इस बार किसानों की जेब भरने के लिए एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक खेला है. केंद्र सरकार द्वारा तय की गई एमएसपी के ऊपर अब राज्य सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल का एक्स्ट्रा बोनस भी देगी. इसका मतलब है कि अब किसानों को उनके गेहूं के लिए कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा. जो उनकी मेहनत का सही दाम दिलाने में मदद करेगा.

  • बोनस की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डिजिटल मोड से ट्रांसफर की जाएगी.
  • इस बढ़ी हुई कीमत से छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी.
  • सरकारी रेट मार्केट के मुकाबले काफी आकर्षक होने से किसानों का मुनाफा बढ़ेगा.

इस बार हुआ रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन 

इस साल सरकारी पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले किसानों का आंकड़ा देखकर साफ है कि भरोसा काफी बढ़ा है. प्रदेश के लगभग 19 लाख से ज्यादा किसानों ने एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन लॉक किया है. इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने खरीदी केंद्रों पर बारदाने, छांव और पानी जैसी बेसिक सुविधाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं.

  • कुल 1904651 किसानों ने इस सीजन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है.
  • भंडारण क्षमता और गोदामों की मैपिंग पहले ही पूरी कर ली गई है.
  • पेमेंट सिस्टम को इतना फास्ट बनाया गया है कि तुलाई के कुछ ही दिनों में पैसा अकाउंट में आ जाएगा.

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