Tips For Grass Maintenance: दुनिया भर में कार कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को हाई-टेक बनाने और रोबोटिक्स के इस्तेमाल के लिए जानी जाती हैं, लेकिन जर्मनी की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन ने पोलैंड स्थित अपने प्लांट में कुछ ऐसा किया है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है. कंपनी ने अपने कारखाने के विशाल परिसर में घास की कटाई और रख-रखाव के लिए 100 भेड़ों को नियुक्त किया है. यह कदम पर्यावरण संरक्षण और लागत में कटौती के लिहाज से उठाया गया है.

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मशीनों की जगह भेड़ों को चुना

आमतौर पर किसी बड़े कारखाने के आसपास फैली खाली जमीन की घास को साफ रखने के लिए बड़ी मशीनों, पेट्रोल से चलने वाले घास काटने वाले कटर और भारी श्रम की आवश्यकता होती है. इससे न केवल कंपनी पर वित्तीय बोझ बढ़ता है, बल्कि मशीनों के इस्तेमाल से प्रदूषण और शोर की समस्या भी होती है. इसी का समाधान निकालते हुए फॉक्सवैगन ने ये प्राकृतिक तरीका अपनाया है. कंपनी का मानना है कि भेड़ें न केवल घास को व्यवस्थित रूप से चरेगीं, बल्कि मशीनों के मुकाबले कहीं अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल साबित होंगी. 

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भेड़ें बनीं नेचुरल लॉन मूवर

इन भेड़ों की मौजूदगी से कंपनी के परिसर में नेचुरल लॉन मूवर्स का काम बखूबी हो रहा है. भेड़ों के चरने से जमीन की घास एक समान स्तर पर बनी रहती है, जिससे परिसर साफ और हरा-भरा दिखाई देता है. इसके साथ ही, भेड़ों का मल मिट्टी के लिए प्राकृतिक खाद का काम कर रहा है, जिससे आसपास की वनस्पति और बेहतर तरीके से फल-फूल रही है.

फॉक्सवैगन के अधिकारियों ने इस पहल को कंपनी की ग्रीन पॉलिसी का हिस्सा बताया है. उन्होंने कहा कि उनका प्लांट अब केवल धातु और मशीनों के शोर का केंद्र नहीं है, बल्कि एक ऐसी जगह बन गया है जहां उद्योग और प्रकृति का संतुलन देखा जा सकता है. यह प्रयोग यह भी साबित करता है कि आधुनिक औद्योगिक समस्याओं के लिए हमेशा महंगे तकनीकी समाधान ही जरूरी नहीं होते, बल्कि कभी-कभी पारंपरिक और सरल तरीके कहीं अधिक प्रभावशाली और किफायती हो सकते हैं.

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