Vetiver Farming Tips:  आजकल पारंपरिक फसलों में वो बात नहीं रही जो किसानों की किस्मत रातों-रात बदल दे. इसलिए अब वक्त है कुछ नया और हटकर करने का. खस की खेती एक ऐसा ही जबरदस्त मौका है जो कम मेहनत में आपको मालामाल बना सकता है. खस यानी वेटिवर एक ऐसी घास है जिसकी जड़ों से निकलने वाला तेल कॉस्मेटिक, इत्र और दवाइयों की दुनिया में सोने के भाव बिकता है.

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सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी खेती के लिए आपको बहुत उपजाऊ जमीन की जरूरत नहीं है. यह बंजर और कम पानी वाली जगह पर भी शान से लहलहाती है. अगर आप भी खेती को सिर्फ गुजारे का जरिया नहीं बल्कि एक फायदे का सौदा बनाना चाहते हैं. तो खस की फसल आपके लिए मुनाफे की नई चाबी साबित हो सकती है. 

ऐसे शुरू करें खस की खेती

खस की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह किसी भी तरह की मिट्टी में आसानी से ढल जाती है. जिन किसान भाइयों के पास ऐसी जमीन है जहां पानी की कमी है या मिट्टी ऊसर हो चुकी है. उनके लिए खस की खेती एक वरदान है. इसमें न तो आपको बहुत ज्यादा खाद की जरूरत पड़ती है और न ही महंगे कीटनाशकों का तामझाम रहता है.

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जानवर भी इस घास को नहीं खाते, इसलिए बाड़ लगाने या रखवाली करने का खर्चा भी बच जाता है. कुल मिलाकर देखा जाए तो इसमें शुरुआती निवेश बहुत कम है. लेकिन जब फसल तैयार होती है. तो इसका रिटर्न किसी भी आम फसल के मुकाबले कई गुना ज्यादा मिलता है.

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बाजार में जबरदस्त डिमांड

खस की असली कीमत इसकी जड़ों में छिपी होती है. जिससे कीमती तेल निकाला जाता है. बाजार में एक लीटर खस के तेल की कीमत हजारों में होती है. और इसकी डिमांड देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी साल भर बनी रहती है. ठंडी तासीर होने की वजह से गर्मियों में इसका इस्तेमाल शर्बत, साबुन और परफ्यूम बनाने में खूब होता है.

किसान भाई अपनी फसल का तेल निकालकर उसे सीधे कंपनियों को बेच सकते हैं या फिर जड़ों को सुखाकर भी बाजार में अच्छे दाम पर दे सकते हैं. यह एक ऐसा बिजनेस मॉडल है जहां मांग बहुत ज्यादा है और सप्लाई कम. जिससे किसानों को हमेशा बढ़िया भाव मिलने की गारंटी रहती है.

12 से 15 महीने में फसल तैयार

खस की फसल एक बार लगाने के बाद लंबे समय तक मुनाफा देती है और इसका प्रबंधन करना बेहद सरल है. यह फसल करीब 12 से 15 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाती है और इसकी कटाई के बाद जमीन की उर्वरक शक्ति भी बढ़ती है. खास बात यह है कि खस की जड़ों को आप स्टोर करके भी रख सकते हैं. जिससे जब बाजार में भाव सबसे अच्छा हो तब आप अपनी फसल बेच सकें. आज के समय में जब खेती में जोखिम बढ़ रहा है, खस की खेती किसानों को एक सुरक्षित और टिकाऊ आमदनी का भरोसा देती है. 

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