UP Paddy Procurement 2026: उत्तर प्रदेश के धान किसानों के लिए बड़ी खबर है. अगर आपने भी अपनी धान की फसल तैयार कर ली है और सरकारी खरीद केंद्र पर बेचने की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके काम आएगी. दरअसल, यूपी सरकार 1 नवंबर से कई जिलों में धान की सरकारी खरीद शुरू करने जा रही है. 

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प्रदेश की योगी सरकार ने इस बार 65 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है. लेकिन किसानों के लिए इन सब के बीच सबसे खास बात ये है कि, आपको फसल बेचने के 48 घंटे के अंदर ही भुगतान मिलेगी. ऐसे में आइए जानते हैं धान का नया भाव, खरीद की तारीख और जरूरी नियम.

इस बार कितना धान खरीदेगी सरकार?

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उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सीजन में 65 लाख टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है. पिछले खरीद सीजन 2025-26 में करीब 62 लाख टन धान खरीदा गया था. यानी इस बार सरकार ने पिछले साल की असल खरीद के मुकाबले 3 लाख टन ज्यादा धान खरीदने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए आठ एजेंसियों के जरिए प्रदेशभर में 4,500 खरीद केंद्र बनाए जाएंगे. सरकार के मुताबिक, शुक्रवार तक 4,195 केंद्र खोले जा चुके हैं.

किसानों को कितना मिलेगा धान का भाव?

  • सामान्य किस्म के धान का एमएसपी 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. 
  • वहीं, ग्रेड-ए धान का भाव 2,461 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है. 

इसके अलावा किसानों को धान की उतराई, छनाई और सफाई के लिए अलग से 20 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे. यानी पात्र किसानों को उनकी धान की किस्म के हिसाब से सरकारी दर पर भुगतान किया जाएगा.

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किन जिलों में 1 नवंबर से शुरू होगी खरीद?

पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान की खरीद 1 नवंबर 2026 से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी. इसमें चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर, और प्रयागराज मंडल शामिल हैं. इसके अलावा लखनऊ मंडल के लखनऊ, रायबरेली और उन्नाव जिलों में भी 1 नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी.

धान बेचने के लिए क्या है पूरी प्रक्रिया?

अगर आप भी सरकारी खरीद केंद्र पर अपनी धान की फसल बेचना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे पहले आपको यूपी सरकार के खाद्य एवं रसद विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान को अपना आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज देने होंगे. इसके बाद किसान को अपनी फसल बेचने के लिए नजदीकी खरीद केंद्र चुनना होगा. केंद्र पर पहुंचने के बाद धान की नमी, क्वालिटी और वजन की जांच की जाएगी. 

सभी मानक पूरे होने पर धान की तौल होगी और उसकी रसीद दी जाएगी. इसके बाद धान की तय सरकारी कीमत सीधे किसान के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेज दी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान बेचने वाले किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए.

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