Solar Pump Distribution: जलवायु परिवर्तन के कारण कई राज्यों में मानसून का रुख साफ नहीं रहा. कुछ राज्यों में तेज बारिश के कारण फसलों में पानी भर गया तो कहीं सूखा पड़ने के कारण बुवाई ही नहीं हो पाई.  जलाशयों से सूखने के कारण फसलों की सिंचाई अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है. कई किसानों को सिंचाई साधनों पर अलग से भी खर्च करना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत बढ़ रही है और मुनाफा ना के बराबर ही है. ऐसी स्थिति में उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने का फैसला किया है. राज्य के किसानों को अब सिंचाई के लिये सोलर पंप की खरीद पर अनुदान (Subsidy on Solar Pump) दिया जा रहा है. इस योजना के तहत किसानों को उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के पोर्टल www.upagriculture.com पर आवेदन/रजिस्ट्रेशन करना होगा, जिसके बाद 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर लाभार्थी किसानों को चुना जायेगा. 

सोलर पंप पर सब्सिडीपिछले दिनों ही उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को पीएम किसान कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के तहत सोलर पंप की खरीद पर सब्सिडी देने का फैसला किया था. अब रबी सीजन से पहले यूपी सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करके किसानों से पंजीकरण और बुकिंग करने को कहा है. इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने 20, 21 और 22 अक्टूबर को अनुदान पर सोलर पंप वितरित करने का भी फैसला किया है. इसके लिये जिलों की सूची कुछ इस प्रकार है-

  • 20 अक्टूबर 2022 को सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, अयोध्या, लखनऊ और गोरखपुर मंडल के सभी जिलो में सोलर पंप वितरित किये जायेंगे.
  • 21 अक्टूबर 2022 को आगरा, बरेली, मुरादाबाद, देवीपाटन, आजमगढ़ और बस्ती मंडल के सभी जिलों में सोलर पंप का वितरण होगा.
  • 22 अक्टूबर 2022 को कानपुर  प्रयागराज, झांसी, चित्रकुट, मिर्जापुर, वाराणसी मंडल के सभी जिलों में सोलर पंप की खरीद पर अनुदान दिया जायेगा.

यहां करें पंजीकरणपीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप पर सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.upagriculture.com पर पंजीकरण करवायें.

  • ऑनलाइन पंजीकरण करने पर किसान को टोकन जनरेट कर दिया जायेगा. इसके बाद किसानों को एक धनराशि सप्ताहभर के अंदर इंडियन बैंक की शाखा में जमा करवानी होगी.
  • इस प्रक्रिया को पूरा ना करने पर किसान का आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा और सब्सिडी का लाभ भी नहीं मिलेगा.
  • इतना ही नहीं, सोलर पंप के लिये 2 एचपी के लिये 4 इंच, 3-5 एचपी के लिये 6 इंच और 7.5-10 एचपी के लिये 8 इंच की बोरिंग भी किसान को खुद ही करवानी होगी. 

वरदान साबित होगा ये कदमजाहिर है कि जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों के कारण देश के कई राज्यों में ठीक तरह से बारिश नहीं हो पाई, जिसके कारण जलाशयों में पानी नहीं पहुंच पाया. अब हालात ये है कि रबी फसलों की बुवाई के समय खेतों की नमी भी लगभग खत्म होती जा रही है. किसानों को सिंचाई के लिये डीजल की खरीद काफी मंहगी पड़ती है. ऐसे में अब उत्तर प्रदेश सरकार सोलर पंप को तवज्जो दे रही है. इस योजना के तहत अब बिजली रहित इलाकों में डीजल और दूसरे सिंचाई यंत्रों को भी सोलर पंप में बदलने का भी काम किया जायेगा.

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. किसान भाई, किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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