आलू की मांग पूरे साल बनी रहती है. घरों से लेकर होटल और फूड इंडस्ट्री तक इसका इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में किसान आलू की खेती से अच्छी कमाई कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए सिर्फ खेत में आलू लगाना काफी नहीं है. अच्छी फसल पाने के लिए सही बीज चुनना, समय पर मिट्टी चढ़ाना और पानी का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं आलू की खेती में कौन से तीन काम फसल को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.

Continues below advertisement

अच्छी किस्म के बीज से करें शुरुआत

आलू की अच्छी फसल पाने के लिए सबसे पहले सही बीज चुनना जरूरी है. हमेशा स्वस्थ और भरोसेमंद जगह से बीज वाले आलू खरीदें. ऐसे आलू न लें जिनमें सड़न, दाग या बीमारी के निशान दिखाई दे. अपने इलाके के मौसम और मिट्टी के हिसाब से किस्म चुनें. इसके लिए कृषि विभाग या नजदीकी कृषि केंद्र से जानकारी ले . खेत तैयार करते समय मिट्टी को अच्छी तरह भुरभुरा कर लें, ताकि आलू को बढ़ने के लिए सही जगह मिले. सही बीज चुनने से पौधों के अच्छे विकास और फसल की गुणवत्ता में मदद मिलती है. इसलिए बीज का खाश ख्याल रखें .

यह भी पढ़ें :धान बोने के लिए कौनसी मिट्टी होती है बेस्ट, कैसे करें इसका इस्तेमाल?

Continues below advertisement

समय पर मिट्टी चढ़ाना न भूलें

आलू की खेती में पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाना एक जरूरी काम है. जब पौधे बढ़ने लगें, तो उनके आसपास की मिट्टी को हल्का ऊपर चढ़ा दें. इससे जमीन के अंदर बनने वाले आलू को ढकने में मदद मिलती है और वे सीधे धूप के संपर्क में आने से बचते हैं. मिट्टी चढ़ाने का सही समय पौधों की बढ़त और खेती के तरीके पर निर्भर करता है. ध्यान रखें कि काम करते समय पौधों की जड़ों और जमीन के अंदर बन रहे आलू को नुकसान न पहुंचे. 

 सिंचाई और बीमारी पर रखें नजर

आलू की फसल को बढ़ने के लिए सही मात्रा में पानी चाहिए. खेत में जरूरत के हिसाब से सिंचाई करें और ध्यान रखें कि पानी ज्यादा देर तक जमा न रहे. मिट्टी में नमी की कमी होने से पौधों की बढ़त और आलू बनने पर असर पड़ता है. वहीं, ज्यादा पानी से भी फसल को नुकसान होता है. इसके साथ ही पौधों की पत्तियों पर धब्बे, पीलापन या सड़न जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज न करें. बीमारी की सही पहचान के लिए कृषि विशेषज्ञ से सलाह लें और उनकी बताई विधि से ही दवा का इस्तेमाल करें. 

यह भी पढ़ें : MSP पर बेचनी है कपास-सोयाबीन, इस तारीख से पहले करा लें रजिस्ट्रेशन