Tomato Fruit Cracking: टमाटर की खेती से किसान अच्छी कमाई करते हैं. लाल-रसीले टमाटरों की डिमांड बाजार में सालभर रहती है. लेकिन ऐसे में अगर फल अचानक फटने लगे तो किसानों की परेशानी अपने आप बढ़ने लगती है. इससे एक तो फल की खूबसूरती खराब होती है और दूसरा बाजार में इनकी कीमत भी घट जाती है. कई बार तो फटे हुए फल जल्दी सड़ने भी लगते हैं जिन्हें बेचना किसानों के लिए मुश्किल हो जाता है.

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ऐसे में किसानों को मोटा नुकसान उठाना पड़ता है. अगर आपके खेत में भी टमाटर फटने की समस्या दिखाई दे रही है, तो इसे नजरअंदाज करने की गलती न करें. सही समय पर कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

आखिर क्यों फटने लगते हैं टमाटर?

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टमाटर फटने की सबसे बड़ी वजह पानी की कमी और अचानक ज्यादा पानी मिलना है. दरअसल, जब पौधों को कई दिनों तक पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो टमाटर का विकास धीमा हो जाता है. इसके बाद अचानक बारिश हो जाए या किसान खेत में ज्यादा पानी डाल दें, तो पौधा तेजी से पानी सोखने लगता है. इससे टमाटर के अंदर का हिस्सा तेजी से बढ़ता है, लेकिन उसका बाहरी छिलका उतनी तेजी से फैल नहीं पाता. नतीजा यह होता है कि टमाटर बीच से फट जाता है.

इसके अलावा, तापमान में अचानक बदलाव, तेज धूप और मिट्टी में नमी की कमी भी इसकी वजह बन सकती है. कुछ किस्मों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. वहीं, पौधों को सही मात्रा में पोषण नहीं मिलने से भी टमाटर की बाहरी परत कमजोर हो सकती है.

टमाटर फटने से बचाने के लिए क्या करें?

टमाटर के पौधों को लंबे समय तक सूखा न रखें. खेत में मिट्टी की नमी बनाए रखें और जरूरत के हिसाब से नियमित सिंचाई करें. एक साथ बहुत ज्यादा पानी देने से बचें. खासकर जब खेत में पहले से नमी हो, तो दोबारा सिंचाई करने की जल्दबाजी न करें.

पौधों की जड़ों के आसपास सूखी घास, भूसा या फसल के अवशेष बिछा सकते हैं. इससे मिट्टी की नमी जल्दी नहीं सूखती और तापमान में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता. इस तरीके से पानी की जरूरत भी कुछ कम हो सकती है.

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संतुलित खाद और पोषण जरूरी

टमाटर के पौधों को सही मात्रा में खाद और पोषक तत्व देना जरूरी है. खासकर कैल्शियम और पोटाश की कमी से फलों की सेहत प्रभावित हो सकती है. हालांकि, बिना मिट्टी की जांच या कृषि विशेषज्ञ की सलाह के खाद का ज्यादा इस्तेमाल न करें.

फटे टमाटरों का क्या करें?

अगर टमाटर फट चुके हैं, तो उन्हें पौधों पर ज्यादा समय तक न छोड़ें. ऐसे टमाटरों में कीड़े और फफूंद लगने का खतरा रहता है. साफ और खाने लायक टमाटरों को अलग कर लें, जबकि सड़े या बदबू वाले फलों को खेत से हटा दें. ध्यान रखें कि फटे टमाटरों को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही सिंचाई और देखभाल से इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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