नई पीढ़ी के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ ऐसे विकल्प भी तलाश रहे हैं जिनमें कम जगह और कम लागत में अच्छी कमाई हो सके. इन्हीं विकल्पों में एक है घोंघा पालन, यानी स्नेल फार्मिंग. सुनने में यह भले ही अनोखा लगे, लेकिन विदेशों में घोंघे की काफी मांग रहती है और सही तरीके से पालन किया जाए तो यह किसानों के लिए मुनाफे का जरिया बन सकता है.

Continues below advertisement

घोंघा पालन क्या है और कहां होती है मांग?

घोंघा पालन में खाने योग्य प्रजाति के घोंघों को नियंत्रित वातावरण में पाला जाता है. इन्हें मुख्य रूप से मांस और इनसे बनने वाले प्रोडक्ट्स के लिए तैयार किया जाता है. फ्रांस, इटली, स्पेन जैसे यूरोपीय देशों के अलावा कई एशियाई देशों में भी घोंघे के मांस की अच्छी-खासी मांग रहती है. इसे कई जगह एक डेलिकेसी माना जाता है, इसलिए एक्सपोर्ट मार्केट में इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है.

कैसे शुरू करें घोंघा पालन?

घोंघा पालन शुरू करने के लिए सबसे पहले एक ऐसी जगह की जरूरत होती है जहां नमी और छांव बनी रहे, क्योंकि घोंघे धूप और सूखेपन में ठीक से जीवित नहीं रह पाते. इसके लिए छोटे बाड़े या टैंक जैसी संरचना बनाई जाती है, जिसमें मिट्टी की एक परत होनी चाहिए ताकि घोंघे उसमें अंडे दे सकें. इनके खाने के लिए पत्तेदार सब्जियां, पपीता, केला जैसे फल और कैल्शियम युक्त चीजें दी जाती हैं, ताकि उनके खोल मजबूत बने रहें. घोंघों को साफ-सफाई और सही तापमान की खास जरूरत होती है, इसलिए बाड़े को नियमित रूप से साफ रखना जरूरी होता है.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें : भारी बारिश से धान की फसल को नुकसान, किसान तुरंत करें ये काम

कितनी होती है कमाई?

घोंघा पालन में शुरुआती लागत अपेक्षाकृत कम होती है, क्योंकि इसमें बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर या मशीनरी की जरूरत नहीं पड़ती. एक बार सेटअप तैयार हो जाने के बाद घोंघे तेजी से प्रजनन करते हैं, जिससे कुछ ही महीनों में इनकी संख्या काफी बढ़ जाती है. इन्हें मुख्य रूप से एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों, फाइन-डाइनिंग रेस्टोरेंट्स या स्नेल प्रोडक्ट्स बनाने वाली इकाइयों को बेचा जाता है. मांग और सही बाजार मिलने पर किसान इससे अच्छी आमदनी कमा सकते हैं. हालांकि असली कमाई इस बात पर निर्भर करती है कि पालन कितने बड़े स्तर पर किया जा रहा है, प्रोडक्ट की क्वालिटी कैसी है और एक्सपोर्ट या लोकल बाजार में खरीदार किस भाव पर खरीद रहे हैं.

शुरू करने से पहले किन बातों का रखें ध्यान?

घोंघा पालन शुरू करने से पहले स्थानीय कृषि विभाग या इससे जुड़े एक्सपर्ट्स से सही जानकारी लेना जरूरी है, क्योंकि इसकी सफलता जलवायु, प्रजाति के चुनाव और सही देखभाल पर निर्भर करती है. साथ ही एक्सपोर्ट से जुड़े नियम-कायदों और खरीदारों की मांग को समझकर ही इसमें निवेश करना बेहतर रहता है.

यह भी पढ़ें : घर की छत पर उगा सकते हैं ताजी हरी लौकी, केमिकल का नहीं रहेगा डर