Seed Mini Kit Scheme: खेती-किसानी में हर साल फसलों की बढ़ती लागत किसानों के लिए एक बड़ी सिरदर्दी बन जाती है. अच्छे मुनाफे के लिए सबसे जरूरी है कि शुरुआत में ही बढ़िया क्वालिटी के उन्नत बीज मिलें. लेकिन महंगे होने के कारण कई किसान भाई इन्हें खरीद नहीं पाते. इसी समस्या को दूर करने और किसानों की मदद के लिए सरकार एक बेहद कमाल की स्कीम लेकर आई है. जिसका नाम है बीज वितरण एवं मिनी किट योजना. 

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इस योजना के तहत सरकार किसानों को विभिन्न फसलों के सर्टिफाइड और हाइब्रिड बीज या तो बिल्कुल मुफ्त दे रही है या फिर उन पर भारी सब्सिडी दे रही है. इस पहल का सीधा मकसद छोटे और सीमांत किसानों को मॉडर्न खेती से जोड़ना है ताकि उनकी लागत आधी हो सके और पैदावार बढ़ने से मुनाफा सीधे दोगुना हो जाए.

क्या है यह मिनी किट योजना?

सरकार की इस खास योजना के तहत किसानों को अलग-अलग मौसम की मुख्य फसलों, दलहन, तिलहन और चारे के बीजों की एक 'मिनी किट' तैयार करके दी जाती है. इस किट में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए बेहद उन्नत और रोग-प्रतिरोधी बीज होते हैं जो कम पानी और खराब मौसम में भी बंपर पैदावार देने की क्षमता रखते हैं. 

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इसमें क्या-क्या मिलेगा?

इस योजना के जरिए सरकार देश के हर छोटे किसान को नई तकनीकों और हाइब्रिड वैरायटी का इस्तेमाल करने के लिए मदद देती है. योजना के तहत मिलने वाली यह मिनी किट सीधे आपके जिले के कृषि विभाग या नजदीकी राजकीय कृषि बीज गोदामों के जरिए बांटी जाती है. जिससे नकली या खराब बीजों के चक्कर में पड़ने का डर पूरी तरह खत्म हो जाता है.

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योजना में लाभ लेने के लिए क्या है प्रोसेस?

अगर आप भी इस सरकारी स्कीम का फायदा उठाकर मुफ्त या बेहद सस्ते दामों पर उन्नत बीज पाना चाहते हैं, तो इसका प्रोसेस बेहद आसान है. इसके लिए किसानों को अपने राज्य के कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होता है. आवेदन के लिए आपके पास आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक, जमीन के कागजात और मोबाइल नंबर होना जरूरी है. 

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कौन कर सकता है आवदेन?

सरकार इस योजना में छोटे, सीमांत, महिला किसानों और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को प्राथमिकता देती है. एक बार वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद, पात्रता के हिसाब से सीधे आपके खाते में सब्सिडी आ जाती है या फिर आपको सीधे टोकन के जरिए सरकारी गोदामों से मुफ्त मिनी किट मिल जाती है.

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