Red Sindhi Cow: भारतीय डेयरी फार्मिंग में देसी नस्ल की गायों का क्रेज हमेशा से रहा है. जब बात कम खर्चे में बेहतरीन दूध उत्पादन और मजबूत इम्यूनिटी की हो तो लाल सिंधी गाय का नाम सबसे ऊपर आता है. अपने गहरे लाल रंग और शांत स्वभाव के लिए पहचानी जाने वाली यह गाय देश के डेयरी किसानों के बीच काफी पॉपुलर हो रही है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारी गर्मी और सूखे जैसे मुश्किल हालातों में भी आराम से सरवाइव कर लेती है.

Continues below advertisement

और तो और इसके दूध देने की क्षमता पर कोई खास असर नहीं पड़ता. मूल रूप से पाकिस्तान के सिंध प्रांत से ताल्लुक रखने वाली यह नस्ल आज भारत के कई राज्यों जैसे राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के डेयरी फार्म्स में बड़े पैमाने पर पाली जा रही है. चलिए आपको बताते हैं कि इस शानदार गाय की क्या खूबियां हैं और इसे खरीदने के लिए आपको अपनी जेब से कितने पैसे खर्च करने पड़ेंगे.

दूध देने की बेजोड़ क्षमता 

लाल सिंधी गाय अपने हाई मिल्क यील्ड यानी बेहतरीन दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है. सामान्य तौर पर एक अच्छी लाल सिंधी गाय हर दिन 10 से 15 लीटर तक दूध आसानी से दे देती है. जबकि पूरे लैक्टेशन पीरियड में यह औसतन 1700 से 1800 लीटर तक दूध दे सकती है. इसकी कीमत पूरी तरह से गाय की उम्र, उसकी शुद्धता और दूध देने की क्षमता पर निर्भर करती है.

Continues below advertisement

इतनी होती है इसकी कीमत

मार्केट में एक सामान्य लाल सिंधी गाय 50000 रुपये से लेकर 80000 रुपये के बीच मिल जाती है. वहीं अगर आप अच्छी सेहत और ज्यादा दूध देने वाली शुद्ध नस्ल की गाय लेने जाएंगे. तो इसकी कीमत 80000 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक हो सकती है. इसके प्रीमियम और हाई यील्ड वाले रिकॉर्ड वाले पशुओं की कीमत इससे भी ज्यादा हो सकती है.

यह भी पढ़ें: मनी प्लांट को कितना पानी देना चाहिए, जान लीजिए गार्डनिंग टिप्स

कम खर्च में बंपर मुनाफा

इस गाय को पालने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम लागत में भी बढ़िया परफॉर्मेंस देती है. लाल सिंधी गाय को बहुत महंगे चारे या एक्स्ट्रा न्यूट्रिएंट्स की जरूरत नहीं होती, यह सामान्य और कम क्वालिटी वाले चारे को खाकर भी सेहतमंद रहती है. इसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी इतनी गजब की होती है कि इसे बीमारियां और कीड़े-मकोड़े (टिक्स) जल्दी परेशान नहीं करते. 

दूध की बेहतरीन क्वालिटी

इसके दूध की बात करें तो इसमें फैट की मात्रा लगभग 4.5% से 5.2% तक होती है, जिससे इसका दूध काफी गाढ़ा और पौष्टिक होता है. यह पूरी तरह से A2 दूध होता है जो सेहत के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है और इससे बनने वाले घी और मिठाइयों की मार्केट में बहुत ज्यादा डिमांड रहती है.

यह भी पढ़ें: बासमती की खेती से चमकेगी किसानों की किस्मत, इन सीक्रेट तरीकों से बढ़ेगा उत्पादन