मुर्गी पालन के लिए इस सरकारी योजना में मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी, जानें कैसे ले सकते हैं लाभ?
Rashtriy Pashudhan Mission: राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत खुद का पोल्ट्री फार्म खोलने पर सरकार कुल लागत का 50% तक अनुदान देती है. जिससे पोल्ट्री फार्म खोलना काफी आसान हो जाता है.

Rashtriy Pashudhan Mission: अगर आप कम लागत में एक सदाबहार और बंपर कमाई कराने वाला बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं, तो पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. इस बिजनेस को बड़े लेवल पर प्रमोट करने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार एक बेहतरीन स्कीम चला रही है. जिसका नाम है राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM).
इस योजना के तहत अगर आप अपना खुद का पोल्ट्री फार्म खोलते हैं. तो सरकार उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आपको कुल लागत पर पूरे 50% तक की भारी सब्सिडी दे रही है. इसका मतलब यह है कि बिजनेस सेटअप करने का आधा खर्च सरकार खुद उठाएगी. चलिए आपको बताते हैं कि इस सरकारी योजना का पूरा गणित क्या है और आप इसका लाभ उठाकर मोटी कमाई कैसे शुरू कर सकते हैं.
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत मिलती है 50% सब्सिडी
पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस को शुरू करने में शेड बनाने, चूजे खरीदने, दाने और दवाओं के अरेंजमेंट में अच्छा-खासा खर्च आता है. राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) इसी शुरुआती आर्थिक बोझ को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस स्कीम के नियमों के मुताबिक आप जो भी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपते हैं. उसकी कुल मंजूर लागत का आधा हिस्सा यानी 50% सीधे सब्सिडी के रूप में आपके खाते में आ जाता है.
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बाकी की रकम के ले सकते हैं लोन
बाकी बची हुई 50% रकम का इंतजाम आप किसी भी कमर्शियल या को-ऑपरेटिव बैंक से बहुत ही आसान शर्तों पर बिजनेस लोन लेकर कर सकते हैं. यह सब्सिडी आपके प्रोजेक्ट की साइज और गाइडलाइंस के हिसाब से तय की जाती है. जो नए किसान उद्यमियों के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है.
कैसे मिलेगा योजना का लाभ?
इस सरकारी योजना का फायदा उठाने के लिए आपको भारत सरकार के आधिकारिक नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई करना होता है. आवेदन करते समय आपके पास एक सॉलिड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), पोल्ट्री फार्म के लिए खुद की या लीज पर ली गई जमीन के कागजात, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी डॉक्यूमेंट्स होने चाहिए.
साइट विजिट के बाद खाते में सब्सिडी
आपके आवेदन और प्रोजेक्ट साइट की जांच के बाद सरकार इस पर अपनी मुहर लगाती है. इस बिजनेस की सबसे अच्छी बात यह है कि मार्केट में चिकन और अंडों की डिमांड पूरे बारह महीने बहुत हाई रहती है, जिससे आपको अपनी लागत निकालने के बाद हर महीने रेगुलर और मोटा शुद्ध मुनाफा मिलना बिल्कुल तय हो जाता है.
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