बैंगनी फूलगोभी देखने में जितनी अलग और खूबसूरत होती है, खेती के लिहाज से भी किसानों के लिए उतनी ही खास मानी जा रही है. सफेद फूलगोभी के मुकाबले इसका रंग लोगों का ध्यान खींचता है. इसमें एंथोसायनिन नाम का प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जिसकी वजह से इसका रंग बैंगनी होता है. बाजार में इसकी अलग पहचान होने के कारण किसान इसकी खेती से अच्छी कमाई की उम्मीद कर सकते हैं. आइए जानते हैं इसे उगाने का तरीका और इससे होने वाली कमाई.

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 कैसी मिट्टी और मौसम चाहिए?

बैंगनी फूलगोभी की खेती के लिए ठंडा और नमी वाला मौसम अच्छा माना जाता है. इसके पौधों की अच्छी बढ़त के लिए करीब 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान सही रहता है. इसकी खेती के लिए ऐसी जमीन चुनें, जिसमें पानी जमा न हो और मिट्टी उपजाऊ हो. खेत की मिट्टी की जांच कराने के बाद ही खाद और उर्वरक का इस्तेमाल करें.

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बैंगनी फूलगोभी की खेती कैसे करें?

इसकी खेती करने के लिए सबसे पहले नर्सरी में बीज बोकर पौधे तैयार किए जाते हैं. जब पौधे करीब 4 से 5 सप्ताह के हो जाएं, तब  वह  खेत में लगाने के लिए तैयार हैं . पौधों के बीच लगभग 45 से 60 सेंटीमीटर की दूरी रखें. इससे पौधों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलती है. खेत तैयार करते समय अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं. पौधों की रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें. इसके बाद मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए जरूरत के अनुसार पानी देते रहें. खेत में खरपतवार न पनपने दें और पौधों को कीटों व बीमारियों से बचाने के लिए नियमित निगरानी करें. खाद और उर्वरक की सही मात्रा मिट्टी की जांच और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करें.

कितने दिन में तैयार होती है फसल?

बैंगनी फूलगोभी की फसल किस्म और मौसम के हिसाब से तैयार होती है. कुछ रंगीन फूलगोभी की किस्में रोपाई के करीब 100 से 110 दिन बाद कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं. जब फूल अच्छी तरह विकसित हो जाए और सख्त हो, तब उसकी कटाई कर लेनी चाहिए. देर करने पर फूल की गुणवत्ता खराब होती है.बैंगनी फूलगोभी की खेती से होने वाली कमाई उत्पादन और बाजार में मिलने वाले भाव पर निर्भर करती है. 

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