किसानों के लिए खेती के अलावा कई ऐसे बिजनेस मौके भी हैं. जो उन्हें अच्छा मुनाफा दिला सकते हैं. आज के समय में पोल्ट्री फार्मिंग यानी मुर्गी पालन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और कई किसान इसमें अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. लेकिन बहुत से किसान ज्यादा मुनाफा कमाने की चाहत में इस बिजनेस में कूद तो पड़ते हैं. लेकिन पूरी जानकारी न होने के चलते उन्हें शुरु में ही नुकसान का सामना करना पड़ जाता है. मुर्गी पालन सिर्फ मुर्गियों को दाना डालने और अंडे बेचने तक नहीं है. बल्कि इसमें जरा सी लापरवाही या छोटी सी चूक भी आपके पूरे फार्म को डुबा सकती है. 

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लोग अक्सर जोश में आकर बिना सोचे-समझे बड़े पैमाने पर पैसे इन्वेस्ट कर देते हैं और फिर बीमारियों और गलत मैनेजमेंट के चलते हाथ मलते रह जाते हैं. अगर आप भी इस कारोबार से जुड़ना चाहते हैं और चाहते हैं कि आपकी मेहनत का एक-एक पैसा वसूल हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. जान लीजिए कि मुर्गी पालन शुरू करते वक्त किन 6 बड़ी गलतियों से आपको बचना है. 

चूजे खरीदने और फार्म की साफ-सफाई के टिप्स

मुर्गी पाल में सबसे पहली और बड़ी गलती तब होती है जब किसान बिना किसी जांच-परख के सस्ते और लोकल जगह से चूजे खरीद लेते हैं. हमेशा किसी भरोसेमंद और सर्टिफाइड हैचरी से ही अच्छी नस्ल के चूजे खरीदें. क्योंकि कमजोर और बीमार चूजे आगे चलकर न तो तेजी से बढ़ते हैं और न ही बीमारी झेल पाते हैं. 

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इसके अलावा एक गलती यह होती है कि शेड की साफ-सफाई और बायो-सिक्योरिटी पर कतई ध्यान नहीं दिया जाता. फार्म में बाहरी लोगों और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगानी चाहिए और चूजे लाने से पहले शेड को पूरी तरह से कीटाणुनाशक दवाइयों से धोकर सैनिटाइज करना बेहद जरूरी है. वरना खतरनाक वायरस से बड़ा नुकसान हो सकता है.

खान-पान की सही व्यवस्था और समय पर वैक्सीनेशन 

इस बिजनेस में आधी सफलता इस बात पर डिपेंड करती है कि आप अपनी मुर्गियों को खिला क्या रहे हैं और उनकी सेहत का ख्याल कैसे रख रहे हैं. कई बार देखा जाता है कि लोग पैसे बचाने के चक्कर में लोकल क्वालिटी का दाना खिलाने लगते हैं. जिससे मुर्गियों का वजन समय पर नहीं बढ़ता और उनकी ग्रोथ रुक जाती है. हमेशा उनकी उम्र के हिसाब से सही प्रोटीन और पोषण वाला दाना ही दें.

उनके पीने के लिए हमेशा ताजा और साफ पानी रखें. इसके अलावा टीकाकरण यानी वैक्सीनेशन को नजरअंदाज न करें. क्योंकि ऐसा करना बहुत महंगा पड़ सकता है. रानीखेत और गंबोरो जैसी खतरनाक बीमारियां मुर्गियों के झुंड को रातों-रात खत्म कर सकती हैं. इसलिए डॉक्टर की सलाह के मुताबिक समय पर सारे टीके जरूर लगवाएं जिससे किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके.

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सही तापमान रकें और मार्केटिंग की प्लानिंग कर लें

छोटे चूजों को ठंड से बचाने और उनके लिए सही माहौल तैयार करने में अक्सर लोग चूक कर जाते हैं. जो गलती साबित होती है. शुरुआती दिनों में चिक्स को ब्रोडर में सही तापमान और गर्माहट देना बहुत जरूरी होता है. क्योंकि ठंड लगने या घुटन होने से उनकी मरने की तेजी से बढ़ जाती है. शेड में हवा के आने-जाने का सही इंतजाम होना चाहिए ताकि अमोनिया गैस न बने. 

आखिर में सबसे बड़ी गलती होती है कि लोग बिना किसी मार्केटिंग प्लानिंग के सिर्फ मुर्गी तैयार कर लेते हैं और बाद में सही खरीदार न मिलने पर औने-पौने दामों में माल बेचना पड़ता है. इसलिए फार्म शुरू करने से पहले ही अपने नजदीकी बाजार, लोकल व्यापारियों और मंडी के रेट्स का पूरा पता कर लें. जिससे कि जब माल बिकने के लिए तैयार हो तो आपको बेचने के लिए परेशान न होना पड़े.

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