Paddy Farming Tips : धान की फसल में अगर पत्तियों का रंग अचानक बदलने लगे और हरी पत्तियां पीली या सफेद नजर आने लगें, तो इसे सिर्फ सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. खेत में पत्तियों का पीलापन कई अलग-अलग वजहों से हो सकता है. ऐसे में बिना वजह जाने सीधे यूरिया या किसी दवा का इस्तेमाल करने के जगह पहले समस्या को पहचानना जरूरी है.
धान की पत्तियां पीली होने पर सबसे पहले क्या देखें?
किसानों को सबसे पहले पूरे खेत का निरीक्षण करना चाहिए. यह देखना जरूरी है कि पीलापन पुरानी और निचली पत्तियों में है या नई पत्तियों में, साथ ही यह भी देखें कि समस्या पूरे खेत में है या कुछ हिस्सों में ही दिखाई दे रही है. पत्तियों पर सफेद या भूरे धब्बे, धारियां, कीट और पौधों की बढ़वार में कमी जैसे लक्षणों पर भी ध्यान देना चाहिए. इसके अलावा प्रभावित पौधों को निकालकर जड़ों की स्थिति देखना भी जरूरी है. स्वस्थ जड़ें सफेद या हल्के रंग की होती हैं, जबकि काली, भूरी, सड़ी हुई या दुर्गंध वाली जड़ें जलभराव साथ ही जड़ संबंधी समस्या का संकेत हो सकती हैं.
नाइट्रोजन की कमी से भी पीली पड़ती हैं पत्तियां
अगर धान में नाइट्रोजन की कमी है, तो सबसे पहले पुरानी और निचली पत्तियां हल्की हरी होकर पीली पड़ने लगती हैं. पौधों की बढ़वार धीमी हो सकती है और कल्ले भी कम निकलते हैं. ऐसी स्थिति में मिट्टी जांच, लीफ कलर चार्ट और स्थानीय कृषि सिफारिश के आधार पर ही नाइट्रोजन देना चाहिए. बिना जरूरत ज्यादा यूरिया डालने से समस्या का समाधान नहीं होता और कीट, रोग तथा पौधों के गिरने का खतरा बढ़ सकता है.
जिंक की कमी में दिख सकते हैं पीले धब्बे
जिंक की कमी को धान में खैरा रोग के नाम से भी जाना जाता है. इसमें पौधों की बढ़वार रुक सकती है, कल्ले कम निकलते हैं और पत्तियों पर पीलेपन के साथ भूरे, जंग जैसे या पीले रंग के धब्बे दिखाई दे सकते हैं. किसान जिंक सल्फेट का यूज लगभग 8 से 10 किलो प्रति एकड़ की मात्रा में कर सकते हैं.
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इन कारणों से भी पीली पड़ सकती है धान की पत्तियां
1. खेत में लंबे समय तक पानी भरा रहने या पानी की निकासी सही न होने से धान की जड़ों पर असर पड़ सकता है. इससे पौधे पीले और कमजोर दिखाई देने लगते हैं.
2. अगर खेत में जरूरत से ज्यादा पानी जमा है, तो उसकी निकासी की व्यवस्था करें. इससे जड़ों की स्थिति बेहतर होने में मदद मिल सकती है.
3. टुंग्रो रोग की पहचान करें. इस रोग की स्थिति में धान के पौधे पीले से नारंगी-पीले दिखाई दे सकते हैं. पौधों की ऊंचाई कम रह सकती है और उनमें कल्ले भी कम निकलते हैं.
4. पत्तियों के पीलेपन को देखकर तुरंत कोई भी दवा या खाद न डालें. पहले खेत, पौधों और पानी की स्थिति की जांच करें. जरूरत पड़ने पर कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विभाग के अधिकारियों से सलाह लें.
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