धान की खेती में अच्छी पैदावार के लिए फसल को सही मात्रा में पोषक तत्व मिलना बहुत जरूरी है. इनमें नाइट्रोजन का महत्वपूर्ण रोल होता है. और इसकी कमी पूरी करने के लिए किसान यूरिया का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि कई बार किसान ज्यादा पैदावार की उम्मीद में जरूरत से ज्यादा यूरिया डाल देते हैं, जिससे फसल को फायदा होने के बजाय नुकसान हो सकता है और खाद का खर्च भी बढ़ जाता है. वहीं, कम यूरिया देने पर पौधों की बढ़त पर असर होता है. इसलिए किसान के लिए यह जानना जरूरी है कि एक एकड़ धान की फसल में कितनी यूरिया डालनी चाहिए, इसे कितनी बार देना है और किस समय देना है.

Continues below advertisement

 एक एकड़ में कितनी यूरिया की जरूरत?

एक एकड़ धान के खेत में यूरिया की मात्रा मिट्टी, धान की किस्म और खेती के तरीके के हिसाब से अलग हो सकती है. सामान्य तौर पर करीब 65 से 80 किलो यूरिया प्रति एकड़ की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि इसे एक ही बार में डालने के बजाय फसल की जरूरत के अनुसार अलग-अलग समय पर देना बेहतर रहता है. मिट्टी की जांच के आधार पर खाद की सही मात्रा तय करना सबसे अच्छा तरीका है.

पूरी यूरिया एक साथ न डालें

धान की फसल में पूरी यूरिया एक साथ डालने से नाइट्रोजन का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता. इसलिए इसकी मात्रा को अलग-अलग हिस्सों में दिया जाता है. इससे फसल को उसकी बढ़त के अलग-अलग भागो में नाइट्रोजन मिलती रहती है. इससे खाद की बर्बादी कम होती है और समय भी बचेगा और फसल के लिए भी बेहतर हो सकता है.

Continues below advertisement

यह भी पढ़ें : जगह कम है तो छत पर उगाएं सब्जियां, बोरे से बनाएं ग्रो बैग

धान में यूरिया कब डालें?

यूरिया देने का समय धान की खेती के तरीके पर निर्भर करता है. रोपाई वाली फसल में शुरुआती खाद देने के बाद कलियां निकलने के समय और आगे की फसल की बढ़त के दौरान बाकी यूरिया दी जा सकती है. खेत में खाद डालते समय यह भी ध्यान रखें कि खेत में पानी की स्थिति बहुत ज्यादा न हो और यूरिया डालने के बाद उसका सही इस्तेमाल हो सके.

ज्यादा यूरिया डालने से बचें

कई किसान ज्यादा यूरिया डालने को फसल की ज्यादा बढ़वार से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ऐसा करना हमेशा फायदेमंद नहीं होता. जरूरत से ज्यादा नाइट्रोजन देने पर पौधे बहुत ज्यादा हरे और नरम हो सकते हैं और फसल में दूसरी समस्याएं भी आ सकती हैं. इसलिए खेत की जरूरत के हिसाब से ही यूरिया डालना चाहिए.

मिट्टी की जांच से तय करें सही मात्रा

अगर किसान अपने खेत में यूरिया की बिल्कुल सही मात्रा डालना चाहते हैं तो मिट्टी की जांच कराना सबसे बेहतर तरीका है. इससे खेत में मौजूद पोषक तत्वों की स्थिति का पता चलता है और उसी के आधार पर खाद की मात्रा तय की जा सकती है. इससे किसान बेवजह ज्यादा खाद खरीदने से बच सकते हैं और फसल को जरूरत के मुताबिक पोषण भी मिल सकता है.

यह भी पढ़ें : घर के बगीचे में उगा सकते हैं नाशपाती, जान लें तरीका