Mushroom Farming: किसानों की आय बढ़ाने वाली फसलों और खेती की बात करें तो मशरूम की खेती का नाम उस सूची में आ ही जाता है, जिसको आज के समय में काफी हद तक बढ़ावा देने के लिए इस पर काम भी किया जा रहा है. यह फसल पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ उगाने में भी काफी आसान होती है, क्योंकि न तो इसमें ज्यादा देखभाल करनी पड़ती है और न ही खाद खरीदने का ज्यादा खर्च आता है. इतना ही नहीं, खेती से निकलने वाले कई तरह के कृषि अवशेषों का भी इसमें उपयोग किया जा सकता है. इसी सोच के साथ da' mushroom nursery, जो Mushroom Nursery India Pvt. Ltd. का एक ब्रांड है, मशरूम की खेती को सिर्फ खेती तक सीमित नहीं रखना चाहता है. बल्कि वह एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहता है, जहां पर किसानों को खेती, रिसर्च, ट्रेनिंग, बिजनेस, ब्रांडिंग, सरकारी योजनाओं और बाजार की जानकारी एक ही जगह मिल सके. इसका मकसद केवल एक है, वह है किसानों और नए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और मशरूम उद्योग को आगे बढ़ाना.
खेती के साथ कारोबार की भी मिलेगी जानकारी
संस्था का मानना है कि सिर्फ मशरूम उगाना ही काफी नहीं है, बल्कि किसानों को इसे कारोबार के रूप में भी समझना चाहिए. इसी वजह से यहां लोगों को वैज्ञानिक तरीके से मशरूम की खेती, खेत की योजना, बाजार तक पहुंच, सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी दी जाएगी. साथ ही लोगों को अपने ब्रांड के साथ काम शुरू करने और लंबे समय तक कारोबार चलाने के लिए भी तैयार किया जाएगा. ज्यादातर मामलों में नए किसानों की शिकायत रहती है कि वे खेती तो कर देते हैं, लेकिन उसको बाजार तक लेकर जाने की चिंता रहती है. इसलिए इस संस्था को बनाया गया है, जिससे किसान को खेती से जुड़ी बातें और उसके सारे सवालों का जवाब मिल सके. इसके अलावा जागरुति (Jagruti) नाम से एक पहल भी चलाई जा रही है, जिसके जरिए किसानों को आधुनिक खेती और सही जानकारी देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि वे बेहतर तरीके से खेती कर सकें.
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स्वास्थ्य, रोजगार और किसानों पर रहेगा फोकस
संस्था ने किसानों को समझाते हुए यह भी कहा कि मशरूम की खेती को केवल एक फसल नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य और रोजगार का भी माध्यम बन सकता है. यही वजह है कि लोगों को मशरूम खाने के फायदे बताने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, ताकि अधिक लोग इसे अपने भोजन का हिस्सा बनाएं. कई बार लोगों को लगता है कि वे मशरूम खाएंगे तो उनका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा, क्योंकि वे इसको जंगली या नॉन-वेजिटेरियन समझते हैं. ऐसे में उनको बता दें कि ऐसा कुछ नहीं होता है. मशरूम पूरी तरह से शाकाहारी श्रेणी में आता है और बाजार में मिलने वाले मशरूम जहरीले नहीं होते, क्योंकि इनकी बाकायदा किसानों द्वारा खेती की जाती है.
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