Monsoon gardening plant: मानसून का मौसम पौधों के लिए बेहद अच्छा माना जाता है. बारिश के कारण मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ने लगते हैं. यही वजह है कि मानसून के मौसम में लोग अपने घरों और बालकनी में तरह-तरह के पौधे लगाना बेहद पसंद करते हैं. ऐसे में इस मौसम में नर्सरी में भी कई पौधों की मांग बढ़ जाती है. उनमें से कुछ पौधों की ज्यादा मांग होती है उनमें से एक है गुड़हल. गुड़हल का पौधा रंग-बिरंगे और खूबसूरत फूलों वाले इस पौधे की बेहद मांग रहती है. चलिए जानते हैं मानसून में गुड़हल का पौधा लगाने का तरीका और इसकी देखभाल कैसे करें.
मानसून में गुड़हल की बढ़ जाती है मांग
मानसून के मौसम में गुड़हल के पौधे की मांग बढ़ जाती है. बारिश और नमी के कारण पौधे को बढ़ने के लिए उसके अनुकूल वातावरण मिल जाता है. इसके खूबसूरत फूल बेहद आकर्षक दिखते हैं. ये घर, बालकनी और गार्डन की सुंदरता बढ़ाते हैं . यही वजह है कि बारिश के मौसम में लोग नर्सरी से गुड़हल का पौधा खरीदना बेहद पसंद करते हैं.
गुड़हल का पौधा लगाना है आसान
गुड़हल के पौधे को अपने घर में आसानी से लगाया जा सकता है. इसे गमले और जमीन दोनों जगह लगाया जा सकता है. यह पौधा समय भुरभुरी या बगीचे से लाई हुई काली मिट्टी को चुनें. और ऐसा गमला चुनें जिसमें पानी के निकासी के लिए छेद होना चाहिए. ताकि बारिश का पानी गमले में जमा होकर जड़ों को नुकसान न पहुंचाएं.
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धूप और पानी का रखें ध्यान
गुड़हल के पौधे को अच्छी ग्रोथ और फूलों के लिए पर्याप्त धूप की बेहद जरूरत होती है. मानसून में बारिश के कारण अलग से पौधे को ज्यादा पानी देने की जरूरत नहीं होती. अगर गमले की मिट्टी पहले से ही गीली है, तो पौधे को पानी न दें वरना पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही जरूरत के अनुसार पानी दें.
फूलों के लिए खाद भी है जरूरी
गुड़हल में अच्छी ग्रोथ और ज्यादा फूल पाने के लिए समय-समय पर खाद देना जरूरी है. आप गुड़हल के पौधे में जैविक खाद या वर्मीकम्पोस्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. खाद डालते समय इसकी मात्रा का ध्यान रखें और पौधे की मिट्टी को समय-समय पर हल्का ढीला करते रहें.
समय-समय पर करें छंटाई
गुड़हल के पौधे की सूखी और कमजोर टहनियों को समय-समय पर हटा देना चाहिए. इससे पौधे को नई शाखाएं विकसित करने में मदद मिल सकती है और पुराने या सूखे फूलों को भी हटाते रहें, जिससे पौधा साफ-सुथरा बना रहेगा और उसकी ग्रोथ पर भी ध्यान दिया जा सकेगा.
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