खेत में फसलों के लिए पानी बहुत जरूरी होता है. अगर कहीं सही से बारिश नहीं हुई तो फसलों के उत्पादन पर गहरा असर पड़ता है. सिंचाई के लिए किसानों के पास अब बहुत ज्यादा सहूलियतें नहीं है. आज के समय में देश के कुछ राज्यों में भूजल स्तर काफी तेजी से नीचे जा रहा है. जिससे सिंचाई की लागत और बढ़ती जा रही है. राजस्थान भी उन्हीं राज्यों की कैटेगरी में आता है. यहां के किसानों के लिए सिंचाई काफी मंहगी और मुश्किल होती जा रही है.इसी परेशानी से किसानों को बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने का फैसला लिया है.

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राज्य सरकार के कृषि और उद्यानिकी विभाग की ओर से किसानों को अपने खेतों में माइक्रो स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर पूरे 75 फीसदी तक की बंपर सब्सिडी दी जा रही है. इस आधुनिक तकनीक से बहुत कम पानी में भी पूरे खेत की शानदार सिंचाई हो जाती है और फसलें एकदम लहलहाती हैं. जो किसान महंगे उपकरण खरीदने से कतरा रहे थे. उनके लिए सरकारी छूट के साथ यह सिस्टम काफी किफायती हो जाएगा. चलिए बताते हैं क्या हैं इस सिस्टम के फायदे और कैसे मिलेगी इसके लिए सरकारी मदद.

माइक्रो स्प्रिंकलर के फायदे

पारंपरिक सिंचाई के मुकाबले माइक्रो स्प्रिंकलर सिस्टम खेती का पूरा तरीका ही बदल देता है. यह तकनीक बिल्कुल कुदरती बारिश की तरह पौधों पर बहुत बारीक बूंदों के रूप में पानी छिड़कती है. जिससे पानी सीधे जड़ों तक पहुंचता है और 60 से 70 फीसदी तक पानी की बचत होती है. राजस्थान की रेतीली और उबड़-खाबड़ जमीन के लिए तो यह फव्वारा सिस्टम एकदम बढ़िया है.

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क्योंकि इसमें हर पौधे को बराबर पानी मिलता है और जमीन में लंबे समय तक नमी टिकी रहती है. सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान घुलनशील खाद को सीधे इस पानी के साथ मिलाकर दे सकते हैं, जिससे केमिकल खाद की बर्बादी रुकती है और फसलों की ग्रोथ दोगुनी रफ्तार से होती है. चना, सरसों, गेहूं, मूंगफली और हरी सब्जियों की खेती में यह तकनीक मिट्टी का कटाव रोककर पैदावार को 30 फीसदी तक बढ़ा देती है.

किसे मिलेगी 75% सब्सिडी?

राजस्थान सरकार ने इस योजना में राज्य के हर वर्ग के किसान को बड़ी राहत देने का इंतजाम किया है. योजना के नियमों के अनुसार छोटे, सीमांत, महिला और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को कुल लागत पर पूरे 75 फीसदी तक की भारी छूट दी जा रही है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर सिस्टम लगाने का कुल खर्च 1 लाख रुपये आता है.

 तो किसान को अपनी जेब से सिर्फ 25 हजार रुपये ही लगाने होंगे. बाकी 75 हजार रुपये का खर्चा सरकार खुद उठाएगी. वहीं सामान्य वर्ग के बड़े किसानों को सरकार की तरफ से 70 फीसदी तक की सब्सिडी मिल रही है. इस योजना में लाभ लेने के लिए न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 5 हेक्टेयर तक की जमीन होनी जरूरी है. तभी इस सरकारी सब्सिडी का लाभ मिल पाएगा.

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कैसे करें इसके लिए आवेदन?

इस योजना का फायदा उठाने के लिए राजस्थान के किसानों को किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. किसान सीधे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से राज किसान साथी पोर्टल rajkisan.rajasthan.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर फॉर्म भरवा सकते हैं. आवेदन के लिए किसान का जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, जमीन की ताजा जमाबंदी और खेत का नक्शा तैयार रखना होगा. 

पोर्टल पर अपनी डिटेल भरने के बाद अधिकृत निर्माता कंपनी का चयन करना होता है. आपको बता दें योजना में तय मापदंडों के तहत ही आपको खरीद करनी होगी. आवेदन मंजूर होने के बाद अधिकारी फिजिकल वेरिफिकेशन करने आ सकते हैं. सब कुछ कंप्लीट होने के बाद सब्सिडी की रकम सीधे किसान के रजिस्टर्ड बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है. 

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