घर की बालकनी, छत या बगीचे में लगे पौधे अगर अचानक कमजोर नजर आने लगें और उनकी पत्तियों, तनों या नई शाखाओं पर सफेद रंग के रुई जैसे छोटे-छोटे गुच्छे दिखाई दें, तो इन्हें नजरअंदाज न करें. यह पौधों में मिलीबग यानी चूर्णी कीट के संक्रमण का संकेत हो सकता है. यह कीट कई तरह के सजावटी, फलदार और सब्जिय वाले पौधों को नुकसान पहुंचाता है और उन्हें कमजोर बना देता है. अगर आपके भी पौधों में मिलीबग लग गए हैं, तो घबराने की जरूर नहीं है. ऐसे में आप कुछ तरीके अपनाकर अपने पौधों को सुरक्षित रख सकते हैं.
ऐसे करें मिलीबग की पहचान
मिलीबग बहुत छोटे, मुलायम शरीर वाले कीट होते हैं, जिनके शरीर पर सफेद मोम जैसी परत होती है. यही वजह है कि पौधे पर इनका समूह दूर से रूई या सफेद फफूंद जैसा दिखाई देता है. ये अक्सर पत्तियों के पीछे, तने के जोड़ और नरम हिस्सों में छिपे रहते हैं. इनका संक्रमण होने पर पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, पौधे की बढ़वार धीमी हो जाती है और नई पत्तियां कमजोर होकर मुड़ने लगती हैं. कई बार पौधे पर चींटियों की संख्या भी बढ़ जाती है, क्योंकि मिलीबग एक मीठा चिपचिपा पदार्थ छोड़ते हैं, जिसे हनीड्यू कहा जाता है.
पौधे को कैसे पहुंचाता है नुकसान?
मिलीबग पौधे के रस को चूसकर अपना भोजन प्राप्त करता है. बड़ी संख्या में कीट होने पर पौधे को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता. जिससे इसका असर पत्तियों, फूलों और नई शाखाओं की वृद्धि पर दिखाई देने लगता है. हनीड्यू की वजह से पत्तियों पर चिपचिपी परत जम जाती है. इस पर बाद में काली फफूंद यानी सूटी मोल्ड भी विकसित होने लगती है. गंभीर संक्रमण में पौधा काफी कमजो हो जाता है.
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बचाव के लिए क्या करें?
सबसे पहले संक्रमित पौधे को दूसरे पौधों से अलग कर दें, ताकि कीट फैल न सकें. यदि संक्रमण शुरुआती स्तर पर है तो रूई या मुलायम कपड़े को पानी में भिगोकर प्रभावित हिस्सों से कीटों को धीरे-धीरे साफ करें. आप नीम आधारित कीटनाशी या नीम तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. पौधे के तने, पत्तियों की निचली सतह और उन जगहों पर विशेष ध्यान दें जहां कीट छिपे होते हैं.
पौधों की नियमित जांच जरूरी
मिलीबग से बचाव का सबसे आसान तरीका है नियमित निरीक्षण. सप्ताह में कम से कम एक बार पौधों की पत्तियों के पीछे, तनों के जोड़ और नई कोंपलों को ध्यान से देखें. नए पौधे को घर या बगीचे के बाकी पौधों के पास रखने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच कर लें.
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