Mangoes Safety Tips: आम के बागों में जब फूल आने लगते हैं. तो बागवानों की उम्मीदें भी परवान चढ़ने लगती हैं. लेकिन इसी समय भुनगा जैसे जिद्दी कीट पूरी मेहनत पर पानी फेरने की ताक में रहते हैं. यह छोटे-छोटे कीड़े न केवल बौर का रस चूसकर उसे सुखा देते हैं. बल्कि फसल की क्वालिटी को भी बुरी तरह डैमेज कर देते हैं. ऐसे में अगर आप भी अपनी आम की फसल को कीटों के हमले से बचाकर बंपर पैदावार चाहते हैं.
तो पुरानी घिसी-पिटी तकनीकों के बजाय कृषि विभाग के मॉडर्न और कुछ देसी जुगाड़ वाले टिप्स अपनाना बेहद जरूरी है. आज के दौर में स्मार्ट फार्मिंग का मतलब सिर्फ पेस्टिसाइड्स डालना नहीं. बल्कि यह समझना है कि कम से कम केमिकल के इस्तेमाल से कीटों का खात्मा कैसे किया जाए. जान लीजिए किन तरीकों को अपनाना है.
लाइट ट्रैप का जुगाड़
कृषि विभाग के एक्सपर्ट्स इन दिनों लाइट ट्रैप यानी प्रकाश प्रपंच को सबसे असरदार और इको-फ्रेंडली तरीका बता रहे हैं. यह एक ऐसा मॉडर्न देसी जुगाड़ है जो रात के अंधेरे में कीटों को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है और उन्हें खत्म कर देता है. इसमें आपको बस एक बल्ब जलाना है और उसके नीचे पानी भरा हुआ कोई बर्तन या टब रखना है.
- बल्ब की रोशनी देखकर भुनगा और दूसरे उड़ने वाले कीट उसकी ओर भागते हैं और सीधे पानी में गिरकर ढेर हो जाते हैं.
- इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें आपका एक रुपया भी एक्स्ट्रा खर्च नहीं होता और आपकी फसल हानिकारक रसायनों से भी बच जाती है.
यह भी पढ़ें: कैसे बनाई जाती है फ्रोजन मटर, इसे बेचकर कितना पैसा कमा सकते हैं किसान?
कीटों के हमले की पहचान और बचाव
अक्सर बागवानों को पता ही नहीं चलता कि कब कीटों ने हमला कर दिया है. अगर आपके आम के बौर पर चिपचिपा पदार्थ दिख रहा है या फूल काले पड़कर गिर रहे हैं. तो समझ जाइए कि भुनगा कीट एक्टिव हो चुका है. इसे रोकने के लिए बाग में साफ-सफाई रखना और पेड़ों के बीच हवा का सही वेंटिलेशन होना बहुत जरूरी है.
- अगर हमला ज्यादा हो तो एक्सपर्ट्स इमिडाक्लोप्रिड या थायमेथोक्सम जैसे मॉडर्न कीटनाशकों के छिड़काव की सलाह देते हैं.
- ध्यान रहे कि स्प्रे हमेशा शाम के वक्त या सुबह जल्दी करें जिससे परागण करने वाले कीटों यानी मधुमक्खियों को कोई नुकसान न पहुंचे.
ऑर्गेनिक तरीके से सही देखभाल
सिर्फ दवाओं के भरोसे रहने के बजाय ऑर्गेनिक तरीकों को अपनाना लॉन्ग टर्म में बाग के लिए फायदेमंद रहता है. नीम का तेल या नीम से बने कीटनाशक इस समय बेहतरीन काम करते हैं. क्योंकि ये कीटों की लाइफ साइकिल को तोड़ देते हैं. इसके अलावा पेड़ों की जड़ों के पास सही नमी बनाए रखना भी जरूरी है जिससे कि पेड़ तनाव में न आएं.
- नीम के घोल का छिड़काव करने से न केवल कीट दूर भागते है. बल्कि इससे फल की क्वालिटी और मिठास भी काफी बेहतर होती है.
- कृषि विभाग का सुझाव है कि बागवान भाई रेगुलर अंतराल पर अपने बाग का मुआयना करते रहें ताकि शुरुआती स्टेज पर ही बीमारी या कीटों को कंट्रोल किया जा सके.
यह भी पढ़ें: बिहार सरकार ने किसानों के लिए चला रखी हैं ये योजनाएं, जानें किसमें कितना फायदा?
