Milk Turmeric Asafoetida Fertilizer: अगर आपके गमले के पौधे मुरझाए-मुरझाए से लगते हैं या उनमें फूल-पत्तियां कम आ रही हैं, तो बाजार से महंगी खाद खरीदने की जरूरत नहीं है. आपकी किचन में ही ऐसी चीजें मौजूद हैं, जिनसे आप घर पर ही एक बेहतरीन नेचुरल खाद बना सकते हैं. दूध, हल्दी और हींग का यह देसी नुस्खा पौधों को फिर से हरा-भरा और खिला-खिला बनाने में बहुत मदद करता है.

Continues below advertisement

दरअसल, दूध, हल्दी और हींग तीनों ही चीजें पौधों के लिए अलग-अलग तरह से फायदेमंद होती हैं. दूध में ऐसे तत्व होते हैं जो मिट्टी को पोषण देते हैं और पौधे की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो पौधों को कीड़े-मकोड़े और बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. वहीं हींग मिट्टी में मौजूद कुछ खराब कीड़ों को दूर भगाने का काम करती है. जब यह तीनों चीजें साथ मिलती हैं, तो पौधों की सेहत के लिए एक बहुत असरदार खाद बन जाती है.

यह भी पढ़ें: हर साल एक ही फसल... इससे मिट्टी को कितना नुकसान?

Continues below advertisement

जरूरी सामान

  • 1 कप दूध (बचा हुआ या फटा हुआ दूध भी चल जाएगा)
  • आधा टीस्पून हल्दी पाउडर
  • एक चुटकी हींग
  • 2 कप पानी

बनाने का तरीका

सबसे पहले एक बर्तन में 1 कप दूध लें. इसमें आधा टीस्पून हल्दी और एक चुटकी हींग डाल दें. अब इसे अच्छे से मिला लें, ताकि हल्दी और हींग दूध में अच्छी तरह घुल जाएं. इसके बाद इस मिश्रण में 2 कप पानी मिला दें, ताकि यह ज्यादा गाढ़ा न रहे. अब आपका नेचुरल फर्टीलाइजर बनकर तैयार है.

पौधों में कैसे डालें?

इस मिश्रण को पौधों की मिट्टी में हफ्ते में एक बार डालें. ध्यान रखें कि इसे सीधे पत्तियों पर न डालें, बल्कि मिट्टी में जड़ों के पास डालें. इससे यह मिश्रण धीरे-धीरे मिट्टी में जाकर जड़ों तक पोषण पहुंचाता है. एक बार में ज्यादा मात्रा में न डालें, हर पौधे के हिसाब से थोड़ी मात्रा ही काफी होती है.

किन पौधों के लिए है फायदेमंद

यह नुस्खा फूल वाले पौधों, जैसे गुलाब, गुड़हल, मोगरा और गेंदा के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. इसके अलावा तुलसी, मनी प्लांट और बाकी घर के गमलों वाले पौधों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे पौधों में नई पत्तियां और फूल जल्दी आने लगते हैं.

ध्यान रखने वाली बातें

दूध हमेशा ताजा या हल्का बासी होना चाहिए, बहुत ज्यादा खराब या बदबूदार दूध का इस्तेमाल न करें. इस मिश्रण को डालने के बाद कुछ दिन तक पौधे पर नजर रखें. अगर मिट्टी में बहुत ज्यादा नमी दिखे, तो पानी देना थोड़ा कम कर दें. साथ ही यह खाद हफ्ते में सिर्फ एक ही बार डालें, रोज-रोज डालने से मिट्टी में फंगस लगने का खतरा बढ़ सकता है. अगर गमले की मिट्टी में पहले से बहुत नमी है, तो इस मिश्रण को डालने से पहले मिट्टी को थोड़ा सूखने दें.  इससे यह खाद और भी अच्छे तरीके से काम करती है. इस नेचुरल खाद का असर दिखने में करीब 2-3 हफ्ते लग सकते हैं. इस दौरान अगर आप नियमित रूप से यह मिश्रण डालते रहें, तो पौधों की पत्तियां हरी-भरी दिखने लगती हैं और फूल भी पहले से ज्यादा आने लगते हैं.

यह भी पढ़ें: 10 लीटर की बाल्टी में कौन-कौन सी सब्जियां उग सकती हैं? देखें गार्डनिंग टिप्स