Maharashtra Drought: महाराष्ट्र में बारिश की कमी की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है. खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने के बाद अब रबी की खेती का खर्च जुटाना भी किसानों के लिए चुनौती बन गई है. ऐसे में राज्य सरकार में किसानों को राहत देते हुए 5,000 रुपये की अंतरिम आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है.

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 14 अक्टूबर को बताया कि, यह पैसा दिवाली से पहले किसानों के बैंक खातों में जमा कराया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि केंद्र से मिलने वाली मदद का इंतजार किए बिना किसानों को शुरुआती राहत दी जाएगी. 

महाराष्ट्र के 305 तालुकाओं में सूखा घोषित

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महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति को देखते हुए सरकार ने प्रभावित इलाकों की सूची बढ़ा दी है. पहले राज्य के 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया गया था. अब 40 और तालुकाओं को इसमें शामिल कर लिया गया है. ऐसे में अब राज्य के कुल 358 तालुकाओं में से 305 तालुकाओं को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है. यानी राज्य के 85 फीसदी से ज्यादा तालुका इस समय सूखे की चपेट में हैं. 

इसका असर मराठवाड़ा समेत कई इलाकों में देखने को मिल रहा है. कई जगहों पर बारिश की कमी के कारण खेतों में नमी घट गई है और पानी की समस्या बढ़ रही है. ऐसे में किसानों के लिए अगली फसल की तैयारी करना भी आसान नहीं रह गया है.

किन किसानों को मिलेंगे 5,000 रुपये?

महाराष्ट्र सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की शुरुआती मदद देने का ऐलान किया है. यह पैसा सूखाग्रस्त घोषित तालुकाओं के पात्र किसानों को दिया जाएगा. जिन किसानों के फसल नुकसान का पंचनामा पूरा हो चुका है और जिनकी जानकारी का सत्यापन हो गया है, उन्हें पहले मदद मिलने की तैयारी है. हालांकि, सरकार की ओर से पात्र किसानों की अंतिम सूची और सभी शर्तों की पूरी जानकारी जारी होने के बाद ही यह साफ होगा कि, किन किसानों को इस मदद का लाभ मिलेगा.

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कर्ज और बिजली बिल में भी मिल सकती है राहत

सरकार ने सूखाग्रस्त तालुकाओं के लिए राहत के दूसरे उपाय भी लागू किए हैं. इनमें फसल कर्ज के भुगतान में राहत, जमीन के राजस्व से जुड़ी छूट, बिजली बिल में रियायत और किसानों के बच्चों की फीस में राहत जैसे कदम शामिल हैं. सरकार ने बैंकों और सहकारी कर्ज संस्थाओं से भी कहा है कि, किसानों से कर्ज वसूलने के दौरान उन्हें परेशान न किया जाए. 

पानी और चारे की समस्या पर भी ध्यान

सूखे के कारण कई इलाकों में भूजल स्तर नीचे जा रहा है. मराठवाड़ा में भूजल स्तर तीन मीटर तक नीचे जाने की खबर है. ऐसे में सरकार पानी के टैंकर बढ़ाने और उनकी निगरानी के लिए जीपीएस का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जा रहा है.

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