low cost farming ideas: खेती में ज्यादा मुनाफा पाने के लिए किसान अलग-अलग तरह की खेती, फसलों और तरीकों को अपना रहे हैं, जिनमें कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिल सके. देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसे कई उदाहरण सामने आते हैं, जहां किसान कम खर्चे में खेती शुरू कर अच्छी कमाई कर रहे हैं. खास बात यह है कि इन फसलों में खतरा भी कम है और कम समय में रिटर्न मिलना शुरू हो जाता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 5000 रुपये में आपके किस चीज की खेती शुरू कर सकते हैं, जिससे पहली ही फसल में आप लाखों कमा लेंगे?
कलौंजी की खेती, कम लागत में बड़ा फायदा
इन दिनों कलौंजी की खेती भी किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है. कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि एक बीघा में इसकी खेती करने में करीब 5 से 6 हजार रुपये का खर्चा आता है. इसमें बीज, जुताई और हल्की देखभाल शामिल होती है. वहीं पानी की जरूरत भी बहुत कम होती है और एक से दो सिंचाई में ही फसल तैयार हो जाती है. यह फसल करीब चार से पांच महीने में तैयार हो जाती है. खास बात यह है कि इसकी गंध के कारण आवारा जानवर इसे नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, जिससे किसानों को रात-दिन निगरानी नहीं करनी पड़ती है. वहीं उत्पादन के बात करें तो एक बीघा में ढाई से तीन क्विंटल तक पैदावार मिलती है. बाजार में सही दाम मिलने पर किसान 60 से 70 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं. यही वजह है कि अब ज्यादा किसान इस फसल की ओर रुख कर रहे हैं.
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लिप्टिस की खेती, कम खर्चे में ज्यादा मुनाफा
आजकल लिप्टिस की खेती भी चर्चा में है. लिप्टिस की खेती के लिए करीब 600 पौधे लगा सकते हैं, जिसकी लागत 5000 रुपये तक आती है. इसके पौधे सस्ते होने के साथ-साथ देखभाल भी कम मांगते हैं. वहीं यह पेड़ 8 से 10 साल में पूरी तरह तैयार हो जाते हैं और एक पेड़ का वजन 200 से 400 किलो तक होता है. मौजूदा भाव के अनुसार किसानों को भविष्य में 10 लाख रुपये तक का मुनाफा होने की उम्मीद है. खास बात यह है कि लिप्टिस के पेड़ों के बीच किसान गेहूं की फसल भी उगा रहे हैं, जिससे हर साल नियमित आय बने रहे.
मशरूम की खेती, घर बैठे कमाई का आसान जरिया
मशरूम की खेती भी कम लागत में शुरू होने वाले एक अच्छा ऑप्शन बन कर सामने आई है. इसे घर के अंदर भी शुरू किया जा सकता है और इसकी शुरुआत 5000 रुपये में की जा सकती है. मशरूम की खेती अक्टूबर से मार्च के महीने मार्च के बीच की जाती है और उसके लिए खास तापमान और नमी की जरूरत होती है. इस खेती में गेहूं, चावल के भूसे से कंपोस्ट तैयार कर उसमें बीज डाले जाते हैं. करीब 40 से 50 दिनों में मशरूम तैयार हो जाता है. वहीं बाजार में इसकी मांग भी लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा दाम मिल जाता है.
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